कैबिनेट मंत्री आजम खां के विरुद्ध दिया प्रार्थना पत्र

कैबिनेट मंत्री आजम खां के विरुद्ध दिया प्रार्थना पत्र
  • दबाव देकर अधिकारियों से जमीन का श्रेणी परिवर्तन कराने का आरोप
  • रामपुर स्थित मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के न्यायालय में दिया प्रार्थना पत्र
  • दिल्ली में वकालत करने वाले रामपुर के ही एक अधिवक्ता ने लगाया आरोप
  • कोर्ट ने पुलिस से रिपोर्ट तलब कर, सुनवाई की तारीख पांच अक्टूबर निश्चित की
तेजतर्रार संसदीय कार्य एवं नगर विकास मंत्री आजम खां
तेजतर्रार संसदीय कार्य एवं नगर विकास मंत्री आजम खां

तेजतर्रार संसदीय कार्य एवं नगर विकास मंत्री आजम खां रूठ जाते हैं, तो उत्तर प्रदेश की राजनीति में भूचाल आ जाता है और उन्हें मनाने के लिए मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को उनके घर खुद जाना पड़ता है, इसके बावजूद एक अधिवक्ता ने उनसे सीधे टकराने की जुर्रत की है। अधिवक्ता ने रामपुर की अदालत में प्रार्थना पत्र देकर आजम खां के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराने की मांग की है। प्रार्थना पत्र अदालत ने स्वीकार करते हुए सुनवाई के लिए पांच अक्टूबर की तारीख मुकर्रर की है।

रामपुर के मुहल्ला मदरसा कोहना जेल रोड के मूल निवासी जुल्फिकार खान दिल्ली में वकालत करते हैं। उन्होंने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के न्यायालय में दिए प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया है कि उनके पिता गोरे खां के नाम पुलिस लाइन के पास ग्राम डूंगरपुर में खेती की जमीन है, जिसका मुकदमा सिविल कोर्ट में विचाराधीन है, लेकिन कैबिनेट मंत्री आजम खां के दबाव में एसडीएम, तहसीलदार सदर, नायब तहसीलदार और लेखपाल ने उनके पिता की जमीन का श्रेणी परिवर्तन कर दिया। उन्होंने उच्चाधिकारियों को प्रार्थना पत्र देकर शिकायत की, साथ ही एसपी को भी प्रार्थना पत्र दिया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। अधिवक्ता के प्रार्थना पत्र पर मजिस्ट्रेट ने थाना पुलिस को रिपोर्ट देने का आदेश देते हुए सुनवाई की अगली तारीख पांच अक्टूबर निश्चित की है। कोर्ट ने सुनवाई के बाद आजम खां सहित अन्य आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया, तो आजम खां विवादों में फंस सकते हैं।