लेखपालों से त्रस्त परौली के ग्रामीण सांसद के आवास पर जमे

लेखपालों से त्रस्त परौली के ग्रामीण सांसद के आवास पर जमे
सांसद धर्मेन्द्र यादव के आवास के सामने जमे गाँव परौली के परेशान लोग
सांसद धर्मेन्द्र यादव के आवास के सामने जमे गाँव परौली के परेशान लोग

भ्रष्ट लेखपालों से ग्रामीणों को बड़ी मुश्किल से निजात मिली थी। तमाम अफसरों, नेताओं और मंत्रियों से शिकायत करने के बाद ग्रामीण किसी तरह तबादला करा पाये थे, लेकिन रिलीव करने की बजाये, लेखपालों का तबादला आदेश निरस्त कर दिया गया है, जिससे ग्रामीणों की परेशानी और बढ़ गई है। परेशान ग्रामीण आज सांसद धर्मेन्द्र यादव के आवास पर लेखपालों को हटाने की गुहार लेकर आये हुए हैं और दोपहर से आवास के सामने बैठे हैं, पर आवास पर सांसद के न होने कारण ग्रामीणों की अभी तक मुलाक़ात नहीं हो सकती है।

उल्लेखनीय है कि बदायूं में स्थित तहसील बिसौली क्षेत्र के गाँव परौली में चकबंदी विभाग के लेखपाल भूरे सिंह और महावीर सिंह नाम के चचेरे भाई तैनात है। आरोप है कि दोनों ही भ्रष्ट हैं और शिकायत करने पर दबंगई से पेश आते हैं। शिकायत करने पर कोई अधिकारी इनके विरुद्ध कार्रवाई नहीं करता, पर यह दोनों लेखपाल भाई शिकायतकर्ता के पीछे पड़ जाते हैं और जान कर चक खराब कर देते हैं। आरोप यह भी है कि उक्त लेखपालों ने ग्राम समाज की भूमि भी रसूख वालों को बेच दी है, साथ ही पैसे लेकर खुलेआम गरीब तबके के किसानों का शोषण कर रहे हैं।

उक्त लेखपालों से त्रस्त ग्रामीण सीओ, एसडीएम, एडीएम, एसओसी, डीडीसी, डीएम के साथ आयुक्त और मुख्यमंत्री तक से शिकायत कर चुके हैं। पिछले सप्ताह इन दोनों का तबादला हो गया, तो ग्रामीणों ने जश्न मनाया, लेकिन अधिकारियों ने उन्हें रिलीव नहीं किया और अब दोनों ने राजनैतिक दबाव डलवा कर तबादला आदेश निरस्त करा लिया है, जिससे ग्रामीण में आक्रोश व्याप्त है। सांसद धर्मेन्द्र यादव के आवास पर जमे ग्रामीणों का कहना है कि वह सांसद से मिले बिना नहीं जायेंगे। देखते हैं कि मिलने के बाद सांसद क्या निर्णय लेते हैं।

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