रिश्वतखोर लेखपाल भाइयों से त्रस्त है पूरा गाँव

रिश्वतखोर लेखपाल भाइयों से त्रस्त है पूरा गाँव
रिश्वतखोर लेखपाल भाइयों से त्रस्त है पूरा गाँव
रिश्वतखोर लेखपाल भाइयों से त्रस्त है पूरा गाँव

लेखपालों का ऐसा आतंक है कि किसान डाकू और दरोगा से ज्यादा लेखपाल से डरते हैं, क्योंकि लेखपाल से दुश्मनी मोल लेने का मतलब है कि किसान का पूरी तरह बर्बाद हो जाना। हालांकि लेखपालों के आतंक से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव स्वयं अच्छी तरह परिचित हैं और भ्रष्ट लेखपालों के विरुद्ध शिकायत मिलने पर गंभीरता से सुनते ही नहीं हैं, बल्कि कड़ी कार्रवाई भी करते हैं। पिछले दिनों लखीमपुर खीरी के डीएम के विरुद्ध लेखपालों पर अंकुश न लगा पाने के कारण ही कार्रवाई कर दी थी, इसके बावजूद प्रदेश भर में भ्रष्ट लेखपालों का आतंक बरकरार है।

ताज़ा मामला जिला बदायूं में स्थित तहसील बिसौली क्षेत्र के गाँव परौली का है। यहाँ के किसानों का आरोप है कि चकबंदी विभाग के लेखपाल भूरे सिंह और महावीर सिंह चचेरे भाई है। दोनों ही भ्रष्ट हैं और शिकायत करने पर दबंगई से पेश आते हैं। शिकायत करने पर कोई अधिकारी इनके विरुद्ध कार्रवाई नहीं करता, पर यह दोनों लेखपाल भाई शिकायतकर्ता के पीछे पड़ जाते हैं और जान कर चक खराब कर देते हैं। आरोप यह भी है कि उक्त लेखपालों ने ग्राम समाज की भूमि भी रसूख वालों को बेच दी है, साथ ही पैसे लेकर खुलेआम गरीब तबके के किसानों का शोषण कर रहे हैं।

उक्त लेखपालों से त्रस्त ग्रामीण सीओ, एसडीएम, एडीएम, एसओसी, डीडीसी, डीएम के साथ आयुक्त तक से शिकायत कर चुके हैं, पर उक्त भ्रष्ट लेखपालों के विरुद्ध कोई जांच तक नहीं होती। अब परेशान ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री को पत्र लिख कर उक्त भ्रष्ट लेखपालों से निजात दिलाने की मांग दोहराई है।

Leave a Reply