रंगभेद विरोध के प्रणेता नेल्सन मंडेला नहीं रहे, शोक

रंगभेद विरोध के प्रणेता नेल्सन मंडेला नहीं रहे, शोक
दक्षिण अफ्रीका के पूर्व राष्ट्रपति नेल्सन मंडेला
दक्षिण अफ्रीका के पूर्व राष्ट्रपति नेल्सन मंडेला

दक्षिण अफ्रीका के पूर्व राष्ट्रपति और रंगभेद विरोध के प्रणेता नेल्सन मंडेला आज नहीं रहे। केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने श्रृद्धांजलि दी, जिसके बाद सूचना एवं प्रसारण मंत्री मनीष तिवारी ने कहा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि 6 से 10 दिसंबर तक पांच दिन का राजकीय शोक रखा जाएगा।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने नेल्सन मंडेला के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। श्री मंडेला काफी दिनों से बीमार थे। उन्होंने कहा कि श्री मंडेला दक्षिण अफ्रीका के साथ-साथ पूरे विश्व में रंगभेद का विरोध करने के प्रतीक थे। लखनऊ में जारी शोक संदेश में श्री यादव ने कहा कि श्री नेल्सन मंडेला पहले अश्वेत व्यक्ति थे, जो दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति बने। उन्होंने दक्षिण अफ्रीका में कम संख्या में रहने वाले श्वेत नागरिकों द्वारा अश्वेत नागरिकों के साथ किए जा रहे रंगभेद एवं गैर बराबरी को समाप्त करने के लिए कड़ा संघर्ष किया। उनके योगदान को देखते हुए उन्हें नोबल शांति पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि श्री मंडेला, महात्मा गांधी के जीवन दर्शन एवं भारत से काफी प्रभावित थे। उन्हें गांधी शांति पुरस्कार एवं भारत रत्न से भी नवाजा गया था। विश्व राजनीति में उनके योगदान को भुलाया नहीं जा सकता।

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