यूपी में 54 हजार करोड़ रूपये से अधिक का पूंजी निवेश होगा

यूपी में 54 हजार करोड़ रूपये से अधिक का पूंजी निवेश होगा
 
  • उत्तर प्रदेश में पूॅजी निवेश के अनुकूल वातावरण: मुख्यमंत्री
 
नई दिल्ली स्थित होटल ताज पैलेस में आयोजित उत्तर प्रदेश इन्वेस्टर्स काॅन्क्लेव में बोलते मुख्यमंत्री अखिलेश यादव।
नई दिल्ली स्थित होटल ताज पैलेस में आयोजित उत्तर प्रदेश इन्वेस्टर्स काॅन्क्लेव में बोलते मुख्यमंत्री अखिलेश यादव।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की पहल पर निवेशकों द्वारा राज्य में 54 हजार करोड़ रुपये से अधिक धनराशि का निवेश किया जाएगा। आज होटल ताज पैलेस नई दिल्ली में मुख्यमंत्री श्री यादव की उपस्थिति में आयोजित उत्तर प्रदेश इन्वेस्टर्स काॅन्क्लेव में निवेशकों द्वारा 54,606 करोड़ रु0 की धनराशि निवेश करने विषयक एम0ओ0यू0 (समझौता ज्ञापन) पर हस्ताक्षर किये गये।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि हमें आज यहाॅं आकर अत्यन्त खुशी हुई है, क्योंकि निवेशकों द्वारा हमारी उम्मीद से काफी ज्यादा धनराशि निवेश करने का निर्णय लिया गया है। निवेशकों के सकारात्मक रूख से प्रतीत होता है कि उ0प्र0 खुशहाली के रास्ते पर निरन्तर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य के समग्र विकास के लिए तथा प्रदेश में औद्योगिक एवं अवस्थापना में सुविधाजनक निवेश के लिए वे स्वयं समय देंगे। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के द्वार व्यापार जगत के लिए खुले हैं और उनसे सीधा संवाद स्थापित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जो कार्य शुरू हुआ है वह रूकेगा नहीं और उ0प्र0 सरकार इस दिशा में निवेशकों को हर सम्भव सहयोग देगी।
श्री यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार अर्थव्यवस्था में परिवहन की भूमिका को भली-भांति समझती है। इसीलिए प्रदेश सरकार ने यमुना एक्सप्रेस-वे के माध्यम से राज्य की राजधानी को देश की राजधानी से जोड़ने के लिए 6 लेन का आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे बनाने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि यदि राज्य की परिवहन व्यवस्था तीव्र होगी, तो अर्थव्यवस्था अपने आप गति पकड़ लेगी।
श्री यादव ने कहा कि उ0प्र0 में जब-जब समाजवादी पार्टी की सरकार बनी है, प्रदेश में पूंजी निवेश को बढ़ाने का कार्य किया गया है। उन्होंने निवेशकों से कहा कि इस काॅन्क्लेव के माध्यम से हम आपसे जुड़कर आपकी समस्याओं को हल करना चाहते हैं, आपकी बिजली, भूमि, सुरक्षा एवं अन्य उद्योग सम्बन्धी जरूरतों को समयबद्ध ढंग से तत्काल पूरा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि उ0प्र0 में आवागमन को सुगम बनाने के लिए सड़कों का जाल विछाया जा रहा है। प्रदेश के सभी जनपद मुख्यालयों को फोर लेन सड़कों से जोड़ा जा रहा है। विद्युत व्यवस्था के सुधार हेतु हर सम्भव प्रयास किये जा रहे है, जिससे कि निवेशकों को 24 घण्टे विद्युत आपूर्ति की जा सके। प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए भी प्रभावी कदम उठाये गये हैं ।
मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश में प्राकृृतिक संसाधनों की प्रचुर मात्रा में उपलब्धता बताते हुए कहा कि गंगा-जमुना, चम्बल, क्वारी, बेतवा, केन आदि नदियां यहां पर हैं। आलू एवं गेहूँ की सबसे ज्यादा पैदावार राज्य में होती है। आज प्रदेश के हर गाॅंव में लैपटाप पहुॅंच चुका है। देश में केवल उत्तर प्रदेश ही ऐसा राज्य है, जहाॅं पर लाखों की संख्या में छात्र-छात्राओं को निःशुल्क लैपटाप वितरित किए गए हैं। राज्य सरकार ने कौशल विकास मिशन शुरू किया और केवल 6 महीनों के भीतर ही 40 लाख से ज्यादा नौजवान इससे जुड़ गए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में क्षमतावान एवं कुशल नौजवान बड़ी संख्या में मौजूद हैं।
श्री यादव ने निवेशकों को बताया कि उत्तर प्रदेश एक बहुत बड़ा उपभोक्ता बाजार है, जहाॅं पर पूंजी निवेश की अपार सम्भावनायें हैं। प्रदेश में मेट्रो की शुरूआत कर दी गयी है। इसके अतिरिक्त राज्य हर क्षेत्र में विकास के पथ पर आप सभी के सहयोग से तेजी के साथ बढ़ रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि निवेशकों के सहयोग से उत्तर प्रदेश प्रगति की नयी ऊॅंचाइयों तक पहुॅंचेगा और प्रदेश के लाखों बेरोजगार युवाओं को रोजगार मिलेगा। इस अवसर पर प्रदेश के राज्य मंत्री अभिषेक मिश्र ने उत्तर प्रदेश में पूॅंजी निवेश की सम्भावनाओं पर अपने विचार व्यक्त किया।
इन्वेस्टर्स काॅन्क्लेव के दौरान प्रदेश की बुनियादी सुविधाओं और औद्योगिक निवेश सहित चीनी, आई0टी0, सौर ऊर्जा, खाद्य प्रसंस्करण और पोल्ट्री सहित विभिन्न क्षेत्रों में निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य सरकार की अनेक नवीन नीतियों पर भी प्रकाश डाला गया। बेहतर बिजली आपूर्ति के लिए आश्वस्त करते हुए श्री यादव ने कहा कि पहले से ही प्रस्तावित विद्युत उत्पादन परियोजनाओं के लिए कोल लिंकेज प्राप्त करना काफी महत्वपूर्ण है।
आज आयोजित इन्वेस्टर्स काॅन्क्लेव में 54,606 करोड़ रुपये के जो समझौता ज्ञापन (एमओयूएस) निवेशकों के साथ हस्ताक्षरित किये गये, उनमें एस्सेल बीस हजार करोड़ रूपये, रिलायन्स जिओ पांच हजार करोड़, आई.टी.सी. दो हजार एक सौ करोड़, एमिटी 2 हजार करोड़, फोर्टिस 1150 करोड़, रिवर इंजीनियरिंग प्रा0लि0 तीन सौ पचास करोड़, सोनालिका दो सौ करोड़, यूफ्लेक्स 4 हजार करोड़, जे.वी.एल. एग्रो इण्डस्ट्रीज़ 2 हजार 2 सौ करोड़, श्री सीमेन्ट 550 करोड़, अज़्यूर पावर 8 सौ करोड़, कृभको 150 करोड़, अल्ट्रा फेयरवुड 220 करोड़, यू0पी0 फूड एण्ड लाॅजिस्टिक पार्क 626 करोड़, रीकृति फूड पार्क 2 सौ करोड़, सम्प्रास फूड एण्ड बेवरेजेज़ मार्केटिंग 60 करोड़, डंकन गोयनका ग्रुप एक सौ करोड़, यशोदा हाॅस्पिटल 2 हजार करोड़, पास्वारा 250 करोड़, मथुरा रिफायनरी 8 हजार करोड़, हिन्दुस्तान पेपर मिल्स 4 हजार करोड़, गेल 500 करोड़ तथा माॅडर्न ओवरसीज 150 करोड़ रुपये शामिल हैं।
काॅन्क्लेव में कनाडा, नीदरलैण्ड, तुर्की, पोलैण्ड, इटली, ताइपे सहित छह देशों के राजनयिकों ने भी इस सम्मेलन में हिस्सा लिया और उत्तर प्रदेश में निवेश की संभावनाओं के सन्दर्भ में मुख्यमंत्री से बातचीत की।
प्रारम्भ में प्रदेश के मुख्य सचिव आलोक रंजन ने आगन्तुकों का स्वागत करते हुए उत्तर प्रदेश में पूॅंजी निवेश के अनुकूल माहौल पर प्रकाश डाला तथा सरकार द्वारा प्रदेश में निवेशकों को उपलब्ध करायी जा रही सुविधाओं के बारे में जानकारी दी। अन्त में प्रमुख सचिव उद्योग संजीव सरन ने धन्यवाद ज्ञापित किया।
इस अवसर पर उ0प्र0 के कारागार मंत्री राजेन्द्र चौधरी, प्रमुख सचिव आवास सदाकान्त, प्रमुख सचिव गृृह दीपक सिंघल, प्रमुख सचिव आई0टी0 जीवेश नन्दन, प्रमुख सचिव ग्राम्य विकास अरूण सिंघल, प्रमुख सचिव सूचना नवनीत सहगल, निदेशक सूचना डाॅ0 रूपेश कुमार सहित प्रदेश के वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित रहे।

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