मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन का शुभारंभ किया

मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन का शुभारंभ किया
 
  • सेहत संदेश वाहिनी को फ्लैग-ऑफ तथा स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न परियोजनाओं का शिलान्यास भी किया 
  • स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए राज्य सरकार लगातार महत्वपूर्ण निर्णय ले रही है: मुख्यमंत्री 
  • राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन की शुरुआत सबसे पहले उत्तर प्रदेश में: स्वास्थ्य मंत्री 
 

राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन का शुभारंभ करते मुख्यमंत्री अखिलेश यादव
राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन का शुभारंभ करते मुख्यमंत्री अखिलेश यादव
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने आज लखनऊ के इन्दिरा गांधी प्रतिष्ठान में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, उत्तर प्रदेश के तहत राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन का शुभारम्भ किया। इस अवसर पर उन्होंने बलरामपुर चिकित्सालय में नवीन ओ0पी0डी0 ब्लॉक, आधुनिक अग्निशमन संयत्र तथा प्रदेश के 29 जनपदों के 66 सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में रोगी आश्रय स्थलों का शिलान्यास किया। इसके पश्चात् मुख्यमंत्री ने सेहत संदेश वाहिनी का फ्लैग-ऑफ करके शुभारम्भ भी किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग सीधे जनता से जुड़ा हुआ विभाग है। प्रदेश की जनता के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए राज्य सरकार लगातार महत्वपूर्ण निर्णय ले रही है। 108 समाजवादी एम्बुलेंस सेवा, 102 राष्ट्रीय एम्बुलेंस सेवा, गम्भीर रोगों का निःशुल्क इलाज, निःशुल्क एक्स-रे एवं पैथालॉजी टेस्ट, निःशुल्क दवाओं की सुविधा का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इसके बेहतर परिणाम निरन्तर सामने आ रहे हैं। इसके फलस्वरूप राजकीय चिकित्सालयों की चिकित्सा पर प्रदेश की जनता का विश्वास बढ़ा है।
श्री यादव ने राजकीय अस्पतालों में नवीन ओ0पी0डी0 भवनों की स्थापना को वर्तमान समय की जरूरत बताते हुए कहा कि चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री अहमद हसन के नेतृत्व में चिकित्सा विभाग ने अपनी अलग पहचान बनाई है और जनता का विश्वास जीता है। उन्होंने कहा कि सरकार बनने के बाद चिकित्सा विभाग ने सर्वाधिक कार्यक्रमों का आयोजन किया है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जिन कार्यक्रमों का शुभारम्भ आज हो रहा है, उनका सीधा लाभ जनता को मिलेगा।
चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री अहमद हसन ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री की गरीबों की समस्याओं और उनके निराकरण में विशेष रुचि है। उनकी सकारात्मक सोच और नेतृत्व के फलस्वरूप ही पिछले दो वर्षों में स्वास्थ्य के क्षेत्र में जो काम प्रदेश में हुआ है, वह संभवतः पिछले 66 वर्षों में भी नहीं हुआ है। उन्होंने देश में राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन की शुरुआत सबसे पहले उत्तर प्रदेश में किए जाने पर खुशी जाहिर की। स्वास्थ्य विभाग और उसके द्वारा उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं में जनता का भरोसा बहाल करने के लिए उन्होंने चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को बधाई भी दी। कार्यक्रम का शुभारम्भ मुख्यमंत्री ने दीप प्रज्ज्वलित करके किया। इस अवसर पर श्री यादव ने बलरामपुर चिकित्सालय के 145वें स्थापना दिवस की स्मारिका-2014 का विमोचन भी किया।
ज्ञातव्य है कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के उपमिशन राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन के पहले चरण का आज शुभारम्भ किया गया। इसके तहत प्रदेश के सभी 75 जनपद मुख्यालयों व एक लाख से अधिक आबादी वाले 08 शहरों सहित कुल 83 शहरों में स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित गरीब समुदाय को स्वास्थ्य की मूलभूत सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके तहत 100 नए शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र स्थापित किए जाएंगे। पहले से ही संचालित 115 शहरी हेल्थ पोस्ट को भी सुदृढ़ किया जाएगा। लखनऊ में पहले से ही संचालित टी0बी0 अस्पताल में 100 बेड का शहरी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र भी शुरू किया जाना है। इस योजना के माध्यम से शहरी मलिन बस्तियों की जनता एवं घुमन्तू आबादी के लिए विशेष आउटरीच हेल्थ कैम्प आयोजित कर स्वास्थ्य सेवाएं मुहैय्या कराई जाएंगी।
प्रदेश में जारी स्वास्थ्य सेवाओं के प्रचार-प्रसार के लिए हाल ही में हौसला अभियान का शुभारम्भ किया गया था, जिसके माध्यम से आम जनता में स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति जागरूकता में काफी वृद्धि हुई है। सेहत संदेश वाहिनी का शुभारम्भ इसी दिशा में एक अन्य कदम है। इस परियोजना में प्रत्येक ब्लाक के अधिक मातृ एवं शिशु मृत्यु दर वाले तथा परिवार नियोजन की दृष्टि से कम जागरूकता वाले अधिक आबादी के 20 गांवों का चयन किया गया है। आज यह परियोजना प्रदेश के 11 मण्डलों के 48 जनपदों में शुरू की गई है, जिसे शीघ्र ही प्रदेश के सभी जनपदों में लागू किया जाएगा। इसके तहत मोबाइल वैन द्वारा प्रोजेक्टर के माध्यम से फिल्म का प्रदर्शन स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाएगा। इस अवसर पर कारागार मंत्री राजेन्द्र चौधरी, स्टाम्प एवं न्यायालय शुल्क पंजीयन मंत्री राजा महेन्द्र अरिदमन सिंह, रेशम एवं वस्त्रोद्योग मंत्री शिव कुमार बेरिया, स्वास्थ्य राज्य मंत्री शंखलाल मांझी व नितिन अग्रवाल, सुन्नी वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष शहाबुद्दीन, पूर्व मंत्री भगवती सिंह व अशोक बाजपेई सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं प्रमुख सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य प्रवीर कुमार, सचिव मुख्यमंत्री पनधारी यादव एवं शासन व स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, चिकित्सक उपस्थित थे।

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