मुख्यमंत्री ने मदरसों के शिक्षकों को दिया बड़ा तोहफा

मुख्यमंत्री ने मदरसों के शिक्षकों को दिया बड़ा तोहफा
 
  • इण्टर पास मदरसा शिक्षक का मानदेय 1,000 रु0 प्रतिमाह, स्नातक मदरसा शिक्षक का मानेदय 2,000 रु0 प्रतिमाह तथा परास्नातक के साथ बी.एड. डिग्री धारक मदरसा शिक्षक का मानदेय 3,000 रु0 प्रतिमाह बढ़ा
 
  • मदरसा नियमावली का प्रख्यापन एक माह के अन्दर मदरसों के उत्कृष्ट शिक्षकों को पुरस्कृत करने की घोषणा
 
  • मुख्यमंत्री द्वारा मल्टी सेक्टोरल डेवलपमेंट कार्यक्रम के अन्तर्गत 15623.11 लाख रुपए के प्रस्तावित विभिन्न कार्यों का शिलान्यास 
 
  • मुख्यमंत्री ने लखनऊ में आयोजित उ0प्र0 में सरकार द्वारा अनुदानित मदरसों के प्रबन्धकों एवं प्रधानाचार्यों के एक दिवसीय सम्मेलन में शिरकत की
 
  • सरकार मदरसा शिक्षकों की सभी समस्याओं पर सहानुभूतिपूर्वक विचार कर उनका त्वरित निस्तारण करेगी:  नगर विकास एवं अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री 
उत्तर प्रदेश में सरकार द्वारा अनुदानित मदरसों के प्रबन्धकों एवं प्रधानाचार्यों के एक दिवसीय सम्मेलन में मौजूद मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, वरिष्ठ कैबिनेट मंत्री आजम खां और वक्फ विकास निगम के अध्यक्ष आबिद रज़ा
उत्तर प्रदेश में सरकार द्वारा अनुदानित मदरसों के प्रबन्धकों एवं प्रधानाचार्यों के एक दिवसीय सम्मेलन में मौजूद मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, वरिष्ठ कैबिनेट मंत्री आजम खां और वक्फ विकास निगम के अध्यक्ष आबिद रज़ा
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मदरसों के इण्टर, स्नातक तथा परास्नातक के साथ बी.एड. की योग्यता रखने वाले शिक्षकों को मिलने वाले प्रतिमाह मानदेय में बढ़ोत्तरी की घोषणा की है। यह बढ़ोत्तरी इण्टर पास मदरसा शिक्षक के लिए 1,000 रुपए होगी और अब उन्हें 3,000 रुपए के स्थान पर 4,000 रुपए प्रतिमाह का मानदेय मिलेगा, जबकि स्नातक मदरसा शिक्षक के मानदेय में ये बढ़ोत्तरी 2,000 रुपए होगी और उन्हें 6,000 रुपए के स्थान पर 8,000 रुपए प्रतिमाह का मानदेय मिलने लगेगा। इसी प्रकार वे मदरसा शिक्षक जिनके पास परास्नातक तथा बी.एड. दोनों की डिग्रियां हैं, उनके मानदेय में 3,000 रुपए प्रतिमाह का इजाफा किया गया है। अब उन्हें 12,000 रुपए प्रतिमाह के स्थान पर 15,000 रुपए प्रतिमाह का मानदेय मिलने लगेगा।
मुख्यमंत्री ने ये घोषणाएं आज यहां उत्तर प्रदेश में सरकार द्वारा अनुदानित मदरसों के प्रबन्धकों एवं प्रधानाचार्यों के एक दिवसीय सम्मेलन के दौरान कीं। उनके द्वारा की गई अन्य घोषणाओं में एक माह के अन्दर मदरसा नियमावली का प्रख्यापन, ऐसी शासकीय सेवाएं, जहां स्नातक/परास्नातक की योग्यता है, पर कामिल/फाजिल योग्यता वालों पर विचार, बेसिक/माध्यमिक शिक्षा में वेतन के वितरण हेतु लागू वेतन वितरण अधिनियम की तर्ज पर मदरसा शिक्षकों को मानदेय देने की व्यवस्था, अनुदानित मदरसों के अवकाश प्राप्त शिक्षकों को अगले वर्ष से ट्रेजरी से पेंशन देने की व्यवस्था, अनुदानित मदरसों में मृतक आश्रित कोटे में नौकरी देने तथा मदरसों के उत्कृष्ट शिक्षकों को पुरस्कृत करने की घोषणा भी शामिल हैं।
सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए श्री यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार मदरसों के शिक्षकों की समस्याओं के त्वरित निस्तारण हेतु कटिबद्ध है। सरकार मदरसा शिक्षकों की अन्य समस्याओं पर भी गम्भीरता से विचार करेगी। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार के कार्यकाल के दौरान अल्पसंख्यकों के उत्थान के लिए कुछ नहीं किया गया, सिर्फ सरकारी खजाने की लूट ही होती रही।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश की समाजवादी सरकार घोषणा पत्र में किए गए वादों को पूरी तरह से लागू कर रही है और जनता का पैसा जनता को ही वापस कर रही है। उन्होंने कहा कि लोग सोच नहीं सकते थे कि प्रदेश में कभी समाजवादी सरकार बनेगी, लेकिन अब ऐसा हो चुका है और ये सरकार जनता की आकांक्षाओं को पूरा करने में लगी हुई है।
श्री यादव ने कहा कि सत्ता में आते ही सबसे पहले कन्या विद्या धन तथा अन्य कल्याणकारी योजनाएं लागू की गईं। अल्पसंख्यक वर्ग की गरीब लड़कियों को आगे की पढ़ाई जारी रखने/शादी के लिए अनुदान देने की व्यवस्था ‘हमारी बेटी उसका कल’ योजना के अन्तर्गत की गई है। उन्होंने कहा कि शिक्षा के प्रसार को ध्यान में रखते हुए 12वीं पास विद्यार्थियों को 15 लाख लैपटॉप वितरित किए गए। इस योजना का लाभ अल्पसंख्यक, ग्रामीण तथा शहरी विद्यार्थियों को समान रूप से मिला। लैपटॉप वितरण का प्रमुख उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र के छात्रों के मन में व्याप्त तकनीकी भय को दूर करना भी है। अब वे डटकर मुकाबला कर सकेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अल्पसंख्यकों को लाभान्वित करने के उद्देश्य से प्रदेश सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं में भौतिक तथा वित्तीय लक्ष्यों के 25 प्रतिशत का मात्राकरण कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश देश का पहला राज्य जिसके द्वारा इस प्रकार का क्रांतिकारी और अभूतपूर्व नीतिगत निर्णय लिया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं का लाभ बड़ी संख्या में गरीबों और अल्पसंख्यकों को मिलेगा। रोजगार के अवसरों के लिए किए जा रहे प्रयासों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि पिछली सरकार ने केन्द्र द्वारा संचालित कौशल विकास योजना के अन्तर्गत कोई कार्य नहीं किया, जबकि इसे ठीक से लागू करने से प्रदेश के युवाओं का कौशल विकास तो होता ही, साथ ही रोजगार के नए अवसर भी सृजित होते। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ने इस ओर ध्यान दिया, जिसका नतीजा है कि अब तक 6 लाख से अधिक ऑन लाइन रजिस्ट्रेशन हो चुके हैं और 50 से अधिक कम्पनियां इसके लिए आगे आई हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में असीमित संभावनाएं मौजूद हैं और यहां लागू किए जा रहे विभिन्न कार्यक्रमों, योजनाओं इत्यादि का मुकाबला कोई अन्य राज्य नहीं कर सकता। उन्होंने कहा कि यहां पर रोजगार के अनेक अवसर मौजूद हैं।
कार्यक्रम को नगर विकास एवं अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री मोहम्मद आजम खाँ ने भी सम्बोधित किया। अपने सम्बोधन में उन्होंने कहा कि मदरसा शिक्षकों की सभी समस्याओं के सम्बन्ध में उन्होंने मुख्यमंत्री जी से वार्ता की और उसी का परिणाम यह सम्मेलन है। उन्होंने कहा कि सरकार मदरसा शिक्षकों की सभी समस्याओं पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करेगी। उन्होंने कहा कि इन समस्याओं का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित किया जाएगा, ताकि मदरसा शिक्षकों का भविष्य भी उज्ज्वल बन सके।
इससे पूर्व, मुख्यमंत्री का स्वागत उन्हें गुलदस्ता भेंट कर किया गया। कार्यक्रम को प्रमुख सचिव अल्पसंख्यक कल्याण देवेश चतुर्वेदी ने भी सम्बोधित किया। सम्मेलन के दौरान मदरसों के कई नुमाइंदों ने भी अपने विचार व्यक्त किए।
कार्यक्रम में सचिव मुख्यमंत्री पनधारी यादव तथा शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी तथा बड़ी संख्या में अनुदानित मदरसों के प्रधानाचार्य एवं प्रबन्धक मौजूद थे।
कार्यक्रम के उपरान्त मुख्यमंत्री ने मल्टी सेक्टोरल डेवलपमेंट प्रोग्राम कार्यक्रम के अन्तर्गत 15623.11 लाख रुपए के प्रस्तावित विभिन्न कार्यों का शिलान्यास भी किया। इस मौके पर वक्फ विकास निगम के चेयरमैन आबिद रज़ा भी मौजूद रहे।

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