मुख्यमंत्री ने इशारों-इशारों में पत्रकारों के कुकृत्यों का खुलासा किया

मुख्यमंत्री ने इशारों-इशारों में पत्रकारों के कुकृत्यों का खुलासा किया
  • समाजवादी सरकार की मंशा है कि राज्य में पर्यटन को बढ़ावा मिले: मुख्यमंत्री 
 
  • सैफई महोत्सव से लोक-कलाओं, खेल, संस्कृति और छोटे व्यापारियों को प्रोत्साहन मिलता है
लखनऊ स्थित अपने सरकारी आवास पर मीडिया प्रतिनिधियों से वार्ता करते मुख्यमंत्री अखिलेश यादव
लखनऊ स्थित अपने सरकारी आवास पर मीडिया प्रतिनिधियों से वार्ता करते मुख्यमंत्री अखिलेश यादव
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि राज्य सरकार प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर आयोजित होने वाले महोत्सवों को वित्तीय सहायता प्रदान करती है। उन्होंने कहा कि समाजवादी सरकार की मंशा है कि राज्य में पर्यटन को बढ़ावा मिले, और यहां ज्यादा से ज्यादा पर्यटक आएं। लगातार नकारत्मक खबरें प्रकाशित करने को लेकर उन्होंने कुछ पत्रकारों के कुकृत्यों का खुलासा कर मीडिया कर्मियों को शर्मिंदा भी कर दिया।
श्री यादव आज लखनऊ स्थित अपने सरकारी आवास पर मीडिया प्रतिनिधियों से वार्ता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सैफई महोत्सव का आयोजन इस हेतु गठित मेला समिति, स्थानीय निवासियों एवं ग्रामीण नौजवानों के सहयोग से अपने स्तर से करती है। प्रदेश सरकार प्रदेश में आयोजित होने वाले विभिन्न महोत्सवों, मेलों को वित्तीय मदद प्रदान करती है। इसी क्रम में सैफई महोत्सव के आयोजन में भी प्रदेश सरकार द्वारा एक करोड़ रुपए की वित्तीय मदद दी गई थी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सैफई के महोत्सव में विविध कार्यक्रमों का आयोजन होता है। खेलकूद को बढ़ावा देने के लिए दंगल सम्पन्न कराया जाता है, जिससे केवल प्रदेश के ही नहीं, बल्कि हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र आदि राज्यों के पहलवान शामिल होते हैं। इसी प्रकार अन्य खेल प्रतियोगिताएं भी आयोजित की जाती हैं। स्कूली बच्चों के सांस्कृतिक कार्यक्रम महोत्सव के प्रमुख आकर्षणों में सम्मिलित है, जिसके लिए बच्चे भरपूर मेहनत व अभ्यास करते हैं। साथ ही, लोक कलाकारों व गायकों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का उचित मंच भी प्राप्त होता है। इस वर्ष महोत्सव में आयोजित पंचायत एवं सहकारिता सम्मेलन में विभिन्न जनपदों के पंचायत प्रतिनिधियों की सहभागिता रही। इस मौके पर राज्य सरकार द्वारा त्रिस्तरीय पंचायत व्यवस्था के प्रतिनिधियों के मानदेय एवं भत्तों में बढ़ोत्तरी की घोषणा भी की गई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महोत्सव में अधिकतर छोटे दुकानदार व व्यापारी आते हैं और ग्रामीण जनता उनसे रोजमर्रा की जरूरतों का सामान खरीदती है। मेला कमेटी द्वारा उनसे किराया न लेने व अन्य तमाम सुविधाएं दिए जाने के कारण सैफई में भारी तादात में छोटे कारोबारी आते हैं। पूर्व में समाजवादी पार्टी की सरकार न होने के बावजूद सैफई में महोत्सव नियमित रूप से आयोजित किया जाता रहा है। उस दौरान भी विभिन्न कार्यक्रम सम्पन्न हुए और बाहर से आए कलाकारों ने भी शिरकत की। मुख्यमंत्री ने कहा कि फिल्म उद्योग के लोग प्रदेश में फिल्मों की शूटिंग कर सकें, इसके लिए राज्य में एक नीति लागू है। प्रदेश में फिल्मों की शूटिंग से यहां की तहजीब, परम्परा, खानपान, पहनावा और उर्दू जबान देश विदेश में प्रसारित हुई है। इन फिल्मों में लखनऊ के मशहूर चिकन व जरदोजी की खासियत भी उभर कर आई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कतिपय तत्व लखनऊ की तहजीब, उर्दू जबान तथा संस्कृति के खिलाफ हैं। ऐसे लोग देश के खिलाफ हैं और वे ऐसे लोगों के सख्त खिलाफ हैं।
श्री यादव ने कहा कि मुजफ्फरनगर की साम्प्रदायिक हिंसा के प्रभावितों को राज्य सरकार ने हर संभव मदद उपलब्ध कराई। उन्होंने कहा कि दंगा पीडि़तों को प्रदेश सरकार द्वारा बड़े पैमाने पर राहत व मदद कराई गई, जिसकी मिसाल पूरे देश में और कहीं नहीं मिलेगी। मुख्यमंत्री ने इस बात का भी उल्लेख किया कि मुजफ्फरनगर जनपद भ्रमण के मौके पर उन्होंने प्रभावितों को लोहिया आवास दिए जाने की भी बात कही थी। एक सवाल के उत्तर में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक राज्य की विधायिका के सदस्य स्टडी टूर पर जाते हैं। ये कार्यक्रम भारत सरकार के विदेश मंत्रालय की अनुमति के बगैर सम्पन्न नहीं किए जा सकते।
उन्होंने नकारात्मक खबरें प्रकाशित करने को लेकर तल्ख लहजे में कहा कि निजी स्वार्थों की पूर्ति न होने पर उल्टी खबरें छापना पत्रकारिता नहीं है। उन्होंने नाम लिए बिना कुछ पत्रकारों और मीडिया संस्थानों के मालिकों की पोल भी खोल दी, जिसकी व्यापक स्तर पर चर्चा की जा रही है, इस अवसर पर कारागार मंत्री राजेन्द्र चौधरी भी उपस्थित रहे।
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