मुकुल मुठभेड़ कांड में एसएसपी लखनऊ फंसे

मुकुल मुठभेड़ कांड में एसएसपी लखनऊ फंसे

– वर्ष 2007 की है घटना, रंग लाई बुजुर्ग पिता की जंग

– सीबीआई कर रही है जांच, कोर्ट ने दिए थे जांच के आदेश  

– पुलिस और सीबीसीआईडी जांच का नतीजा निकला था शून्य

21bdn72चर्चित और दुखद मुकुल मुठभेड़ कांड में सीबीआई की जाँच में बरेली के तत्कालीन एएसपी जे. रवीन्द्र गौड़ को दोषी पाया है। शासन से सीबीआई ने अभियोजन की अनुमति मांगी है, जिससे जे. रवीन्द्र गौड़ की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। वह वर्तमान में लखनऊ में एसएसपी के पद पर तैनात हैं।

चर्चित और दुखद घटना 30 जून 2007 की है, उस समय बरेली में एएसपी के पद पर प्रशिक्षु जे. रवीन्द्र गौड़ तैनात थे और उनके नेतृत्व में बरेली के फतेहगंज पश्चिमी क्षेत्र में हुई मुठभेड़ में बदायूं निवासी युवा मुकुल गुप्ता को मार गिराया था। पुलिस ने उसे खूंखार अपराधी बताया था, जबकि बदायूं के सेवानिवृत्त अभियंता बीके गुप्ता का पुत्र मुकुल बरेली में साधारण कम्प्यूटर आपरेटर था। मुठभेड़ को अंजाम देने वाले पुलिसकर्मियों की फर्जी कहानी में प्रशिक्षु जे. रविन्द्र गौड़ आसानी से सम्मलित हो गये। साहसिक कार्य मानते हुए एएसपी गौड़ ने भी सीबीगंज थाने के तत्कालीन एसओ विकास सक्सेना, फतेहगंज पश्चिमी के एसओ डीके शर्मा, एसआई मूला सिंह, देवेन्द्र कुमार, आरके गुप्ता, अनिल गुप्ता, काली चरण, दिनेश सिंह, गौरी शंकर विश्वकर्मा और रविप्रकाश के साथ अपना नाम भी शामिल कर लिया। घटना के बाद मुकुल के परिजनों के साथ उसके सभी परिचित स्तब्ध थे। बूढ़े माता-पिता पुलिस की कहानी पहले दिन से ही खारिज करते आ रहे हैं और लगातार पुलिस से जंग भी लड़ रहे हैं। बुजुर्ग पिता ने अदालत में प्रार्थना पत्र देकर उस समय ही पुलिस के विरुद्ध एफआईआर लिखाने की गुहार लगाई, तो अदालत ने मुकदमा लिखने का आदेश दे दिया, लेकिन पुलिस ने मुदकमे में एफआर लगा दी, इसके बाद पूर्व विधायक महेश चंद्र गुप्ता ने मामले को विधान सभा में उठाया, तो शासन ने सीबीसीआईडी जांच के आदेश दे दिए, पर इस जांच में भी कुछ नहीं हुआ। हार कर बुजर्ग पिता ने हाईकोर्ट का सहारा लिया और 26 फरवरी 2010 को हाईकोर्ट ने मामले की सीबीआई जांच करने के आदेश दिए। सीबीआई इस मामले में सिपाही जगबीर सिंह यादव को पिछले वर्ष ही गिरफ्तार कर चुकी है। आश्चर्य की बात यह है कि मुकुल को मुठभेड़ में मार गिराने वालों की सूची में जगवीर का नाम नहीं है, जबकि मुकुल की मौत जगवीर की गोली से ही हुई थी। सीबीआई ने जगवीर को रिमांड पर लेकर पूछताछ भी की थी, तो उसने कई अधिकारियों को दोषी बताया था, जिसके आधार पर सीबीआई अन्य के विरुद्ध भी सुबूत जुटा रही है। सूत्रों का कहना है कि एसएसपी लखनऊ के पद पर तैनात जे. रविन्द्र गौड़ के विरुद्ध सीबीआई ने सुबूत जुटा लिए हैं और शासन से अभियोजन की अनुमति मांगी है।

One Response to "मुकुल मुठभेड़ कांड में एसएसपी लखनऊ फंसे"

  1. p.s.tiwari   February 21, 2013 at 11:52 PM

    boss kya fayeda ……….cbi ko bhi kathputali bana diya? sab cbi ko saup do ?akhir kab tak?

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