महिलाओं का सम्मान करने वाला समाज ही आगे बढ़ता है

महिलाओं का सम्मान करने वाला समाज ही आगे बढ़ता है
 
  • राज्य सरकार ने महिलाओं के सशक्तीकरण व कल्याण के लिए सार्थक प्रयास किए: मुख्यमंत्री 
 
लखनऊ स्थित अपने सरकारी आवास पर आयोजित एक कार्यक्रम में प्रधानाचार्यों, शिक्षिकाओं एवं छात्राओं के साथ शिष्टाचार भेंट के दौरान बोलते मुख्यमंत्री अखिलेश यादव।
लखनऊ स्थित अपने सरकारी आवास पर आयोजित एक कार्यक्रम में प्रधानाचार्यों, शिक्षिकाओं एवं छात्राओं के साथ शिष्टाचार भेंट के दौरान बोलते मुख्यमंत्री अखिलेश यादव।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि महिलाओं का सम्मान करने वाला समाज ही आगे बढ़ता है। देश व समाज वही अच्छा होता है, जहां घर-परिवार में महिलाएं खुश रहती हैं। राज्य सरकार ने इसके दृष्टिगत महिलाओं के सशक्तीकरण व कल्याण के लिए सार्थक प्रयास किए हैं।
मुख्यमंत्री आज लखनऊ स्थित अपने सरकारी आवास पर आयोजित एक कार्यक्रम में प्रधानाचार्यों, शिक्षिकाओं एवं छात्राओं के साथ शिष्टाचार भेंट कर रहे थे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में खासकर मुस्लिम समाज की प्रधानाचार्यों, शिक्षिकाओं एवं छात्राओं की मौजूदगी पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री आवास पर इस तरह का आयोजन पहली बार सम्पन्न हो रहा है।
श्री यादव ने कहा कि लोकतंत्र में समाज की आधी आबादी की उपेक्षा नहीं की जा सकती। समाजवादी विचारधारा के लोग महिलाओं के हितों की कभी अनदेखी नहीं करते। उन्होंने कहा कि जिस परिवार की बेटी पढ़ी लिखी होती है, वह परिवार पढ़ा-लिखा बनता है। शादी के बाद वह बेटी जिस परिवार में जाती है, तो उस परिवार को पढ़ा-लिखा बनाती है।
महिलाओं के सशक्तीकरण और उन्हें समान अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में प्रदेश सरकार के महत्वपूर्ण कदमों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं की मदद के लिए राज्य सरकार द्वारा 1090 वूमेन पावर लाइन योजना संचालित की जा रही है। इसमें शिकायतकर्ता की पहचान गोपनीय रखी जाती है और परेशान करने वाले के खिलाफ कार्रवाई होती है। समस्या के निदान तक पुलिस शिकायतकर्ता के सम्पर्क में रहती है।
श्री यादव ने निःशुल्क लैपटॉप वितरण योजना का उल्लेख करते हुए इसे देश की सबसे बड़ी सेक्युलर व समाजवादी योजना बताया। राज्य सरकार ने लैपटॉप वितरित कर ज्ञान को सर्वसुलभ बनाने का काम किया है। गांव, मोहल्ले तक यह योजना पहुंची है। उन्होंने कहा कि समाजवादी सरकार ने योजना का संचालन इसलिए किया, ताकि शिक्षा में गैर बराबरी खत्म हो। साथ ही, भाषा का भी कोई भेदभाव नहीं किया। लैपटॉप को अंग्रेजी, हिन्दी अथवा उर्दू में संचालित करने की सुविधा प्रदान की गई। अन्य राज्यों द्वारा इस योजना की नकल किए जाने का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वहां केवल मेधावी छात्रों को ही लैपटॉप देने की बात कही गई, जबकि प्रदेश सरकार ने सभी को लैपटॉप मुहैया कराए, ताकि इसके माध्यम से छात्र-छात्राएं मेधावी बनकर आगे बढ़ सकें। बालिकाओं की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार के प्रयासों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कन्या विद्या धन तथा हमारी बेटी उसका कल योजना इस उद्देश्य में अत्यंत सफल रहीं हैं। इसके अलावा महिलाओं के स्वास्थ्य की बेहतर देखभाल के लिए 102 नेशनल एम्बुलेंस सर्विस संचालित की जा रही है। इसी प्रकार 108 समाजवादी एम्बुलेंस सेवा भी अत्यंत लोकप्रिय हुई है।
श्री यादव ने कहा कि उत्तर प्रदेश एक विशाल राज्य है। इसलिए ये प्रत्येक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। राज्य सरकार प्रदेश के चहुंमुखी विकास के लिए काम कर रही है। अगले वित्तीय वर्ष के लिए विकास का एजेण्डा निर्धारित कर दिया गया है। योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आधुनिक तकनीक का उपयोग किया जा रहा है। बेरोजगारी भत्ता योजना तथा कृषक दुर्घटना बीमा योजना में इलेक्ट्रानिक पद्धति से लाभार्थियों को धनराशि हस्तांतरित की जा रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की समाजवादी पेंशन योजना देश की सबसे बड़ी पेंशन योजना है, जिसमें प्रदेश सरकार द्वारा शिक्षा व स्वास्थ्य के क्षेत्र में दी जा रही सेवाओं का फायदा प्राप्त करने पर लाभार्थी की पेंशन राशि में वृद्धि होगी। उन्होंने कहा कि न्यूट्रिशन मिशन व बाल आयोग का गठन किया जाएगा।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री अहमद हसन ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा अल्पसंख्यक मुस्लिम समुदाय तथा बालिका शिक्षा के हित में तमाम कार्य किए गए हैं। समाजवादी सरकार ने हौसला देने का जो कार्य किया, उसका शुक्रिया अदा करने के लिए अरबी-फारसी विद्यालयों में पढ़ने वाली बच्चियां आज इस कार्यक्रम में शामिल हुई हैं। उन्होंने कहा कि इन विद्यालयों की छात्राओं को लैपटॉप वितरण योजना, हमारी बेटी उसका कल तथा कन्या विद्या धन योजना का लाभ मिला।
कार्यक्रम में करामत गल्र्स डिग्री कॉलेज की प्रधानाचार्या डा. रुखसाना लारी, काशी हिन्दू विश्वविद्यालय की प्रोफेसर डा. कमर जहां, अम्बेडकर विश्वविद्यालय की प्रोफेसर डा. राशिदा अख्तर, आई0टी0 कॉलेज की लेक्चरर डा. हिना सिद्दीकी ने भी अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम का संचालन इरम यूनानी मेडिकल कॉलेज की डा. रख्शंदा बेग ने किया। इस अवसर पर सलाहकार वाह्य सहायतित परियोजना मधुकर जेटली, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के मिशन निदेशक अमित घोष, सूचना निदेशक प्रभात मित्तल, विशेष सचिव मुख्यमंत्री अमित गुप्ता सहित प्रधानाचार्या, शिक्षिकाएं एवं छात्राएं उपस्थित थीं।

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