महापुरुषों के बताये रास्तों पर चलने का संकल्प लें: मुख्यमंत्री

महापुरुषों के बताये रास्तों पर चलने का संकल्प लें: मुख्यमंत्री
 
  • मुख्यमंत्री ने डा. राजेन्द्र प्रसाद के जयन्ती समारोह को सम्बोधित किया
लखनऊ विश्वविद्यालय के मालवीय सभागार में भारत के प्रथम राष्ट्रपति भारत रत्न डा. राजेन्द्र प्रसाद की 129वीं जयन्ती समारोह को मुख्य अतिथि के रूप सम्बोधित करते मुख्यमंत्री अखिलेश यादव।
लखनऊ विश्वविद्यालय के मालवीय सभागार में भारत के प्रथम राष्ट्रपति भारत रत्न डा. राजेन्द्र प्रसाद की 129वीं जयन्ती समारोह को मुख्य अतिथि के रूप सम्बोधित करते मुख्यमंत्री अखिलेश यादव।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि जिन महापुरुषों ने राष्ट्र व समाज के लिए कार्य किया है, हमें उन्हें याद करते हुए उनके बताए हुए रास्तों पर चलने का संकल्प लेना होगा। उन्होंने नौजवान पीढ़ी का आह्वान करते हुए कहा है कि उसे महापुरुषों को जाति व धर्म के खांचों में बांटने की प्रवृत्ति से बचना होगा। आज निहित स्वार्थों और संकीर्ण मानसिकताओं के चलते महापुरुषों को भी घेर लिया गया है। आने वाली पीढ़ी को इस प्रकार की मानसिकता से बाहर निकलना होगा।
मुख्यमंत्री आज यहां लखनऊ विश्वविद्यालय के मालवीय सभागार में भारत के प्रथम राष्ट्रपति भारतरत्न डा. राजेन्द्र प्रसाद की 129वीं जयन्ती समारोह को बतौर मुख्य अतिथि सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि डा. राजेन्द्र प्रसाद का जीवन सादगी, संघर्ष और त्याग का प्रतीक था। उनसे हमें और नई पीढ़ी को सीखने और जानने का अवसर मिलता है। उन्होंने अपने व्यक्तित्व व कृतित्व से समाज व राष्ट्र के सामने एक उदाहरण प्रस्तुत किया। वे आजाद भारत के प्रथम राष्ट्रपति थे। उनके बताए रास्ते पर हम सबको चलना चाहिए। यही उनके प्रति सच्ची श्रृद्धांजलि होगी।
श्री यादव ने कहा कि डा. राजेन्द्र प्रसाद के मूल्य व आदर्श आज कम दिखाई देते हैं। उन्होंने कहा कि संविधान के निर्माण में डा. प्रसाद की एक बड़ी भूमिका थी, जिसे सभी जानते हैं। वे पूरे देश में लोकप्रिय रहे और उन्हें भारतरत्न की उपाधि से सम्मानित किया गया। उनमें गजब की संगठनात्मक क्षमता थी और वे सामाजिक कार्यों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज तेजी से निरन्तर बदलाव हो रहे हैं। ऐसे में नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति और परम्पराओं को सहेजते हुए पुरानी पीढ़ी से सीखने का कार्य करना होगा। उन्होंने कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद वर्तमान सरकार ने घोषणा-पत्र में जनता से किए गए वादों को पूरा करने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि इसी क्रम में 12वीं पास छात्र-छात्राओं को निःशुल्क लैपटाप वितरण किया गया है, जिसका उद्देश्य नौजवानों को आधुनिक तकनीक से परिचित कराना तथा किसी भी क्षेत्र के बारे में जानकारी प्राप्त करने का साधन मुहैया कराना है। उन्होंने कहा कि नौजवानों को रोजगार की जरूरत है और लैपटाप रोजगार के अवसरों को उपलब्ध कराने में मददगार साबित होंगे। उन्होंने कहा कि आधुनिक पीढ़ी में सीखने की प्रक्रिया काफी तेज है और संसाधनों के मुहैया होने पर वह आधुनिक तकनीक से परिचित होने में किसी की मोहताज नहीं रहती। इस अवसर पर उन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय के कैम्पस को वाई-फाई कैम्पस बनाए जाने की आवश्यकता पर बल दिया।
इसके पूर्व मुख्यमंत्री ने जयन्ती समारोह का उद्घाटन दीप प्रज्ज्वलित कर किया। कैलाश छात्रावास की छात्राओं ने सरस्वती वन्दना की। मुख्यमंत्री को बुके एवं शाल भेंट किया गया। इस अवसर पर डा. राजेन्द्र प्रसाद मेमोरियल सोसाइटी के प्रान्तीय अध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री नरेश चन्द्रा ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए सोसाइटी की गतिविधियों पर प्रकाश डाला। समारोह को किंग जार्ज मेडिकल विश्वविद्यालय के कुलपति डा. डी0के0 गुप्ता, लखनऊ विश्वविद्यालय के प्रोवाइस चांसलर ए0के0 सेन गुप्ता, लखनऊ के मेयर डा. दिनेश शर्मा ने भी सम्बोधित किया। इस अवसर पर पूर्व मंत्री स्वरूप कुमारी बक्शी, डा. राजेन्द्र प्रसाद सोसाइटी के महासचिव सुभाष चन्द्रा, डा. पी0एल0 चन्द्रा सहित शिक्षाविद्, लेखक, विचारक एवं चिन्तक, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, मीडियाकर्मी, छात्र-छात्राएं एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

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