भ्रष्टाचार की शिकायतों पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश

भ्रष्टाचार की शिकायतों पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश
  • विकास योजनाओं एवं कल्याणकारी कार्यक्रमों को पूरी गुणवत्ता एवं समयबद्धता के साथ संचालित किया जाए: मुख्यमंत्री
 
  • अधिकारी जनता से मिलें और उनकी समस्याओं का निराकरण भी कराए
 
  • राज्य के विकास के लिए कानून व्यवस्था पर ध्यान दिया जाए
 
  • आगामी लोकसभा चुनाव के दृष्टिगत अधिकारियों को पूरी निष्पक्षता एवं निर्भीकता से कार्य करने के निर्देश
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का स्वागत करते मुख्य सचिव जावेद उस्मानी
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का स्वागत करते मुख्य सचिव जावेद उस्मानी
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि विकास योजनाओं एवं कल्याणकारी कार्यक्रमों को पूरी गुणवत्ता एवं समयबद्धता के साथ संचालित किया जाना चाहिए। उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों को विकास योजनाओं की नियमित समीक्षा करने एवं मौके पर जाकर स्थलीय निरीक्षण करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने भ्रष्टाचार की शिकायतों पर सख्त कार्रवाई करने की अपेक्षा करते हुए कहा कि अधिकारी जनता से मिलें और उनकी समस्याओं का निराकरण भी कराएं। उन्होंने कहा कि अधिकारी अपनी बेहतर कार्यप्रणाली एवं संवेदनशीलता से राज्य की जनता को लाभ पहुंचाने की पहल करें। श्री यादव ने आगामी लोकसभा चुनाव के दृष्टिगत अधिकारियों को पूरी निष्पक्षता एवं निर्भीकता से कार्य करने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री आज लखनऊ स्थित विधान भवन के तिलक हॉल में प्रदेश के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के सम्मलेन को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार को लेकर हर स्तर पर संवेदनशीलता प्रदर्शित की जानी चाहिए। कानून व्यवस्था की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य के विकास के लिए कानून व्यवस्था पर ध्यान दिया जाना चाहिए। उन्होंने पुलिस बल के समय-समय पर प्रशिक्षण एवं आधुनिक तकनीक का उपयोग किए जाने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि गांव एवं शहर की कानून व्यवस्था की जरूरतें अलग-अलग हैं। इसलिए अधिकारियों को इस पर ध्यान रखते हुए योजना तैयार करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अधिकारियों की कार्यप्रणाली का असर प्रदेश एवं सरकार की छवि पर पड़ता है। थाना स्तर पर अपराधियों एवं अराजक तत्वों की सूची तैयार कर कार्रवाई का निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि लोगों को एफ.आई.आर. दर्ज कराने में कठिनाई नहीं होनी चाहिए। सम्मेलन के बाद कानून व्यवस्था के मामले में तेजी से सुधार की अपेक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को स्थानीय स्तर पर लोगों से अपना सम्पर्क बढ़ाना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश को विकास के रास्ते पर तेजी से आगे बढ़ाना ही राज्य सरकार की पहली प्राथमिकता है। अब तक हुए विकास कार्यों की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि कई विभागों द्वारा अच्छा कार्य किया जा रहा है, लेकिन अभी भी कुछ विभागों का कार्य संतोषप्रद नहीं है। ऐसे विभागों को तत्काल अपनी कार्यप्रणाली में सुधार लाने का निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि विभिन्न विभागों एवं जनपदों में तैनात अधिकारियों की कार्यप्रणाली एवं उनके द्वारा जनता की समस्याओं के निदान के लिए किए जा रहे कार्यों की जानकारी सरकार को प्राप्त होती रहती है। उन्होंने लापरवाह अधिकारियों को सचेत करते हुए कहा कि तहसील दिवस को प्रभावी बनाया जाए और जनता की समस्याओं को गुणवत्ता के साथ निस्तारित किया जाए। जनपदों में तैनात कई अधिकारियों द्वारा किए जा रहे बेहतर कार्य का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें जनता के दरबार कार्यक्रम में आने वाले लोगों से पूरा फीडबैक मिलता रहता है।
श्री यादव ने कानून व्यवस्था की चर्चा करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश को विकास के रास्ते पर आगे तभी ले जाया जा सकता है, जब कानून व्यवस्था अच्छी हो। कानून व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए उन्होंने कहा कि छोटी-छोटी घटनाओं का समय पर समाधान न करने से असामाजिक तत्व उनका लाभ उठाते हुए बड़ी घटना में तब्दील कर देते हैं। इससे सरकार एवं प्रदेश की छवि खराब होती है। पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों को ऐसी घटनाओं के प्रति सतर्क रहने का आदेश देते हुए उन्होंने कहा कि जमीनी विवाद की उपेक्षा कतई नहीं की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति को साम्प्रदायिक एवं जातीय तनाव फैलाने की इजाजत नहीं दी जानी चाहिए।
वर्तमान राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न विकास योजनाओं का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कम समय में जितनी अधिक योजनाएं वर्तमान सरकार द्वारा चलाई जा रही हैं, उतनी योजनाएं किसी अन्य राज्य सरकार द्वारा नहीं चलाई गईं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में विकास कार्य तेजी से चल रहे हैं। राज्य सरकार की कई योजनाओं को देश की अन्य राज्य सरकारें अपने स्तर से संचालित करने का प्रयास कर रही हैं। निःशुल्क लैपटॉप वितरण योजना पर बेहतर कार्य करने के लिए अधिकारियों को बधाई देते हुए उन्होंने कहा कि दुनिया में इतने लोगों को इतने कम समय में भ्रष्टाचाररहित ढंग से लगभग 15 लाख लैपटॉप वितरण करने का और कहीं उदाहरण नहीं मिलता।
श्री यादव ने सड़क, विद्युत एवं जलापूर्ति आदि परियोजनाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि यदि इनसे सम्बन्धित परियोजनाएं समय पर पूरी हो जाएं तो विकास कार्य स्वतः दिखाई पड़ने लग जाता है। उन्होंने कहा कि कई राष्ट्रीय राजमार्गों की स्थिति काफी खराब है। इसके लिए केन्द्र सरकार के सम्बन्धित विभाग का ध्यानाकृष्ट कराते हुए शीघ्र धनराशि अवमुक्त कराई जाए, क्योंकि इन सड़कों की खराब हालत का खामियाजा प्रदेश की जनता एवं सरकार को ही भुगतना पड़ता है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा बनवाई जा रही 4 लेन की सड़कों में आने वाले व्यावधान को तत्काल दूर कराया जाए।
श्री यादव ने विद्युत विभाग में किए जा रहे कार्यों की जानकारी देते हुए कहा कि तहसीलों को अलग से फीडर का कार्य तेजी से हो रहा है। कई स्थानों पर आवश्यकतानुसार ट्रांसफार्मरों को भी बदला गया है। उन्होंने कहा कि कई स्थानों पर काफी दिनों से लम्बित पारेषण लाइनों की व्यवस्था भी की गई है। विभाग के सभी क्षेत्रों में और अधिक प्रयास किए जाने की जरूरत बताते हुए उन्होंने आशा व्यक्त की कि 2016 से नगरों में 24 घण्टे तथा ग्रामीण क्षेत्रों में 18 घण्टे विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी। राज्य सरकार द्वारा हाल ही में शुरु किए गए कौशल विकास मिशन की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि अब तक लगभग 30 लाख लोगों ने योजना का लाभ उठाने के लिए पंजीयन करा लिया है। इसी प्रकार अन्य विकास कार्यों की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि कामधेनु योजना को प्रभावी ढंग से संचालित किए जाने पर किसानों की आय में इजाफा होगा। उन्होंने कहा कि 05 लाख लीटर क्षमता की मदर डेयरी परियोजना अगले 03 माह में संचालित हो जाएगी। उन्होंने अमूल द्वारा स्थापित किए जा रहे प्लाण्टों, आगरा-लखनऊ ग्रीन एक्सप्रेस-वे, लोहिया आवास योजना में सोलर लाइट की व्यवस्था आदि योजनाओं पर तेजी से काम करने का निर्देश देते हुए कहा कि जनपदों में संचालित विकास कार्यों में अधिकारी रुचि लेते हुए शीघ्र पूरा कराएं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार अपने वित्तीय संसाधनों के अलावा केन्द्र सरकार द्वारा प्रस्तावित/संचालित योजनाओं पर भी गम्भीरता से काम कर रही है, क्योंकि इन योजनाओं का लाभ राज्य की जनता को ही प्राप्त होगा। जनपद रायबरेली में स्थापित हो रहे एम्स की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि पिछली राज्य सरकार द्वारा इस योजना पर काफी व्यावधान उत्पन्न किया गया था, जबकि वर्तमान सरकार जनता के हित को देखते हुए इसके लिए भूमि सहित अन्य सभी सहयोग प्रदान कर रही है। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए हर स्तर पर काम करने की जरूरत बताते हुए उन्होंने कहा कि यदि संवेदनशील होकर छोटी-छोटी जरूरतों को पूरा कर दिया जाए तो प्रदेश में पर्यटकों की संख्या तेजी से बढ़ सकती है। उन्होंने कहा कि आगे आने वाले 03 माह अत्यन्त महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि इस दौरान लोकसभा चुनाव सम्पादित होने हैं। इसलिए हर स्तर पर चैकसी बरती जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक अधिकारियों के बच्चों के अध्ययन के लिए दिल्ली से बेहतर संस्कृति स्कूल खोलने के लिए राज्य सरकार पूरी मदद उपलब्ध कराएगी।
इस मौके पर राज्य योजना आयोग के उपाध्यक्ष नवीन चन्द्र बाजपेई ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा संचालित योजनाओं के फलस्वरूप प्रदेश में विकास दर देश की विकास दर से काफी आगे है।
सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए मुख्य सचिव जावेद उस्मानी ने कहा कि टिकाऊ कानून व्यवस्था को लागू करके ही प्रदेश को विकसित किया जा सकता है। उन्होंने अधिकारियों से प्रत्येक दशा में निष्पक्षता बरतते हुए निर्भीकता से काम करने एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि गत वर्षों की भांति आगामी वित्तीय वर्ष के लिए भी सरकार विकास का एजेण्डा तैयार करा रही है। उन्होंने अधिकारियों से अपेक्षा की कि वे इन योजनाओं को गम्भीरता से लागू कराएं। उन्होंने भारत सरकार की फ्लैगशिप योजनाओं तथा राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं की चर्चा करते हुए कहा कि डेयरी एवं कुक्कुट विकास योजनाओं में सम्बन्धित जिलाधिकारी रुचि लेकर काम करें।
श्री उस्मानी ने समाजवादी पेंशन योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि यह एक ऐसी पेंशन योजना है, जिसमें लाभार्थी को कुछ शर्तें भी पूरी करनी हैं। इस महत्वपूर्ण योजना का क्रियान्वयन शासन की मंशा के अनुरूप किया जाए, ताकि गरीब जनता को लाभ मिले। उन्होंने अधिकारियों की आवासीय समस्या के समाधान के लिए सी.एस.आई. टावर परिसर में एक और टावर की मंजूरी देने के लिए मुख्यमंत्री के प्रति आभार भी व्यक्त किया। सम्मेलन को प्रमुख सचिव गृह अनिल कुमार गुप्ता, पुलिस महानिदेशक रिजवान अहमद ने भी सम्बोधित किया। सम्मेलन में राजस्व परिषद के अध्यक्ष अनूप मिश्र, कृषि उत्पादन आयुक्त आलोक रंजन, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री राकेश गर्ग तथा अनीता सिंह सहित सभी विभागों के प्रमुख सचिव/सचिव, मण्डलायुक्त तथा जिलाधिकारी एवं पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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