भयावह हादसा जिसमें तीन लोगों की जान चली गयी

भयावह हादसा जिसमें तीन लोगों की जान चली गयी

भ्रष्टाचार के गर्भ से ही निकलते हैं हादसे

डीएम और एसपी को रखनी होगी नजर

बदायूं की सडक़ें प्रति दिन ही खून से रंग रही हैं। हालात इतने खराब हो चले हैं कि प्रति दिन एक मौत का आंकड़ा सालों से पार होता आ रहा है। बदायूं में साल भर में लगभग साढ़े चार सौ से लेकर छ: सौ मौत हादसों के कारण ही हो जाती हैं, जिससे तमाम परिवार अनाथ हो जाते हैं। हादसों के पीछे किसी की सीधी जिम्मेदारी तय नहीं गयी है, जिससे शासन-प्रशासन में बैठे लोग हादसों को गंभीरता से नहीं लेते, जबकि हादसों के पीछे भ्रष्टाचार ही मूल समस्या है। दस, बीस, पचास और सौ रुपये के लालच में पुलिस ओवर लोड वाहनों के साथ डग्गामर वाहनों को जाने देती है, जो अक्सर हादसे का कारण बनते हैं, इसी तरह एआरटीओ में बिना आये ही किसी का भी ड्राईविंग लाइसेंस आज भी बनवाया जा सकता है। तमाम ऐसे लोगों के पास भी ड्राईविंग लाइसेंस हैं, जो दोपहिया या चार पहिया गाड़ी चलाना ही नहीं जानते हैं और जब पहली बार गाड़ी चलाते हैं, तो अपनी जान देने के साथ सामने वाले की भी जान ले लेते हैं। जिलाधिकारी और एसपी मिल कर इस भ्रष्टाचार पर अंकुश लगा दें, तो हादसों में बड़ी संख्या में कमी आ सकती है, वरना बेकसूर इंसान काल के गाल में यूं ही समाते ही रहेंगे।

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