ब्लू फिल्में देखते हैं कुछ मौलवी: बेग

ब्लू फिल्में देखते हैं कुछ मौलवी: बेग
ब्लू फिल्में देखते हैं कुछ मौलवी: बेग
ब्लू फिल्में देखते हैं कुछ मौलवी: बेग

कश्मीर में पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष और राज्य के पूर्व उपमुख्यमंत्री मुजफ्फर हुसैन बेग ने रॉक बैंड ‘प्रगाश’ को लेकर कट्टरपंथी उलेमाओं पर तीखी टिपण्णी करते हुए कहा कि वह ऐसे कई मौलवियों को जानते हैं, जो अपने बंद कमरों में बैठकर ब्लू फिल्में देखते हैं। उन्होंने कहा कि बैंड के खिलाफ फतवे का कोई औचित्य नहीं है। मौसिकी तो कश्मीरियों की परंपरा है। लड़कियों को धमकाना सर्वथा अनुचित है, क्योंकि लड़कियां शालीन कपड़े पहन कर परफॉर्म करती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि बेशक मेरे बयान से कई लोगों को ठेस पहुंचे, लेकिन यहां कई ऐसे मजहबी नेता हैं, जो दूसरों को नसीहत करते हैं और खुद गैर-इस्लामिक काम करते हैं। कई मजहबी नेता तो सियासी दलों के इशारों पर चलते हैं। बेग ने सवाल किया कि अगर ईरान और पाकिस्तान में लड़कियां नाच-गा सकती हैं, तो फिर यहां कश्मीर में क्यों नहीं। उन्होंने साफ़ कहा कि यहां कुछ मुल्ला अपने गैर जरूरी फतवों के जरिये कश्मीर को नरक बनाने पर तुले हुए हैं।

गौरतलब है कि कश्मीर में दसवीं की तीन छात्राओं नोमा नजीर, फराह दीबा और अनीका खालिद ने मिलकर‘प्रगाश’ नाम से एक रॉक बैंड बनाया था। बैंड के चर्चा में आने के बाद कट्टरपंथियों ने इसका विरोध शुरू कर दिया। लड़कियों को ऑनलाइन धमकियां मिलीं, साथ ही मुफ्ती-ए-आजम बशीरुद्दीन ने बैंड के खिलाफ फतवा जारी कर दिया। हालांकि अज्ञात लोगों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज हो गई है, पर सहमी लड़कियों ने संगीत से तौबा कर ली है, साथ ही एक लड़की ने कश्मीर छोड़ दिया है, पर अच्छी बात यह है कि लड़कियों के साथ पूरा देश खड़ा हो गया है।

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