बेताज़ बादशाह बने माफिया

बेताज़ बादशाह बने माफिया

देश भर में माफिया और दलाल पूरी तरह हावी होते जा रहे हैं। माफियाओं के लगातार बढ़ रहे दख़ल को देखते हुए कई बार लगता है कि देश  माफिया ही चला रहे हैं। सरकारी योजनाओं और कार्यक्रमों में हावी दलाल और माफियाओं पर अधिकांश लोगों की नज़र रहती है। खुलासा होने पर कईं बार कार्रवाई भी हो जाती है, लेकिन कुछ क्षेत्र ऐसे हैं, जिनमें आम जनता सीधे प्रभावित नहीं हो रही है, इसलिए वह मीडिया में भी चर्चा का प्रमुख विषय नहीं बन पा रहे हैं, ऐसे क्षेत्रों में खुलेआम लूट मची हुई है। खनन और आबकारी विभाग ऐसे ही क्षेत्र हैं, जहां सिर्फ माफियाओं का राज़ चलता है। अरबों-खरबों का चूना सरकार को लग चुका है और लगातार लग रहा है, फिर भी इस ओर किसी का ध्यान तक नहीं जा रहा है। पढिय़े, बेताज़ बादशाह बने माफियाओं पर गौतम संदेश की विशेष रिपोर्ट . . .

आबकारी विभाग बोले तो पोंटी चड्ढा के गुर्गे, अधिकारी बने हुए हैं मूकदर्शक, सरकार की हो रही फजीहत

माफियाओं से जुड़ी खबरें देश भर से आती रहती हैं। देश का एक भी कोना ऐसा नहीं है, जहां खनन माफियाओं का दखल न हो। महाराष्ट्र हो या मध्य प्रदेश। कर्नाटक हो या आंध्र प्रदेश। बिहार हो या झारखंड। उत्तर प्रदेश हो या उत्तराखंड, हर जगह माफिया शासन-प्रशासन पर भारी नजर आ रहे हैं। गंगा में होने वाले अवैध खनन को रोकने की मांग को लेकर हरिद्वार में अनशन पर बैठे स्वामी निगमानंद प्राणों की आहुति दे ही चुके हैं, लेकिन सरकारें कार्रवाई करने के लिए फिर भी गंभीर नजर नहीं आ रही हैं। पिछले दिनों फरीदाबाद में रेत ले जा रहे डंपर से पुलिस कांस्टेबल को रौंद कर मौत के घाट उतार दिया। मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में अवैध खनन रोकने गये विभागीय अफसरों पर माफियाओं ने हमला बोल दिया, इसी तरह उत्तर प्रदेश में जनपद बदायूं के कादरचौक थाना क्षेत्र में खनन विभाग के इंस्पेक्टर लालता प्रसाद को माफियाओं ने दौड़ा लिया। ऐसी एक-दो नहीं, बल्कि अनिगिनत वारदातें घट चुकी हैं और लगातार घट रही हैं, लेकिन सरकारें माफियाओं पर नकेल कसने के लिए अब भी गंभीर नजर नहीं आ रहीं। रुहेलखंड क्षेत्र में गंगा, रामगंगा और महावा नदी खनन माफियाओं के प्रमुख निशाने पर हैं। रात-दिन दोहन का काम चल रहा है। माफियाओं को पुलिस व प्रशासन का खुला संरक्षण प्राप्त है। संबंधित क्षेत्रों की पुलिस एवं उपजिलाधिकारियों का हिस्सा निश्चित है, इसलिए सबके सब जान कर अंजान बने हुए हैं। प्राकृतिक स्रोतों को आम आदमी मुफ्त ही माने बैठा है, इसलिए आम जनता की नजर में यह बेईमानी नहीं है, तभी जनता में यह सब चर्चा का विषय नहीं बन पा रहा है, लेकिन कानून के जानकार और संरक्षकों को तो पूरा ज्ञान है, पर वह स्वार्थ के चलते उत्खनन की मौखिक अनुमति दिये हुए हैं, जिससे सरकार को राजस्व का भारी नुकसान हो रहा है, वहीं माफिया लगातार मालामाल होते जा रहे हैं।

सत्ता परिवर्तन के बाद माफियागीरी पर लगाम लगने की आशा व्यक्त की जा रही थी, लेकिन कुछ मामलों में हालात आज भी बसपा शासन जैसे ही नजर आ रहे हैं। माफिया और भ्रष्टाचारी पूरी तरह हावी नजर आ रहे हैं। हालात इतने खराब हो चुके हैं कि खुलासे के बावजूद माफियाओं और भ्रष्टाचारियों के विरुद्ध कार्रवाई नहीं की जा रही है। नियमानुसार शराब के ठेके मंदिर-मस्जिद या किसी भी धार्मिक स्थल के आसपास नहीं बनाये जा सकते। शैक्षणिक संस्थानों और अस्पताल आदि के पास भी ठेके नहीं होने चाहिए, लेकिन रुहेलखंड क्षेत्र में ऐसे किसी नियम का पालन नहीं किया जा रहा है। शहर व गांवों में घनी बस्ती के बीच ठेके चल रहे हैं। धार्मिक स्थलों और शैक्षणिक संस्थानों के आसपास भी नजर आ रहे हैं। आश्चर्य की बात तो यह है कि पवित्र रामगंगा के तट पर अंग्रेजी और देशी शराब के ठेके खुले नजर आ रहे हैं, पर कार्रवाई करना तो दूर की बात, इस ओर किसी का ध्यान तक नहीं जा रहा है। जनपद बदायूं में शराब के ठेके नियम विरुद्ध काठ और लोहे से बने खोखों में चल रहे है, इसी तरह मानक के विपरीत चल रहे शराब के ठेकों पर शराब खुलेआम ओवर रेट बिक रही है। सूत्रों का तो यहां तक कहना है कि माफिया अपनी मर्जी के ब्रांड तैयार कर बेच रहे हैं और फर्जी ब्रांड्स के अपनी मर्जी से ही रेट वसूले रहे हैं। इतना ही नहीं, माफिया के गुर्गे जगह-जगह दबिश डालते नजर आते हैं और सरकारी व्यक्तियों की तरह ही तानाशाही रवैया अपनाते हुए पुलिस जैसी कार्रवाई स्वयं ही करते दिख रहे हैं। पिछले दिनों कादरचौक थाना क्षेत्र के गांव धनूपुरा में दबिश के दौरान हुई फायरिंग में रिश्तेदारी में आया एक युवक घायल भी हो गया। इसकी जानकारी जनपद के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों को भी है, लेकिन भ्रष्टाचार और ऊंची राजनीतिक पहुंच के चलते सब मौन नजर आ रहे हैं, जिससे सरकार की भी जमकर फजीहत हो रही है।

One Response to "बेताज़ बादशाह बने माफिया"

  1. Dexandkaren   May 25, 2015 at 12:48 PM

    If you wrote an article about life we’d all reach ennmthgenielt.

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