बुन्देलखंड में बुवाई बढ़ाकर 60 प्रतिशत तक पहुंचायें: रंजन

बुन्देलखंड में बुवाई बढ़ाकर 60 प्रतिशत तक पहुंचायें: रंजन
  • बुन्देलखण्ड के सभी जिलाधिकारियों को वाटर शेड के प्रोजेक्ट तैयार कर शासन को भेजने के कृषि उत्पादन आयुक्त के निर्देश
 

दीप प्रज्जवलित कर गोष्ठी का शुभारम्भ करते उत्तर प्रदेश के कृषि उत्पादन आयुक्त आलोक रंजन।
दीप प्रज्जवलित कर गोष्ठी का शुभारम्भ करते उत्तर प्रदेश के कृषि उत्पादन आयुक्त आलोक रंजन।
उत्तर प्रदेश के कृषि उत्पादन आयुक्त आलोक रंजन ने बुन्देलखण्ड क्षेत्र के सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिये हैं कि वे वाटर शेड के प्रोजेक्ट तैयार कर शासन को भेजें, जिससे उनके क्रियान्वयन के लिए धनराशि उपलब्ध कराई जा सके। उन्होंने बुन्देलखण्ड में खरीफ की फसल में वर्तमान बुवाई 40 प्रतिशत से बढ़ाकर उसे 60 प्रतिशत तक पहुंचाया जाये। उन्होंने कहा कि बुन्देलखण्ड में रबी की बुवाई प्रतिशत में वृद्धि के लिए वह शीघ्र ही बुन्देलखण्ड के जिलाधिकारियों, मुख्य विकास अधिकारियों व कृषि विभाग के अधिकारियों की बैठक करेंगे।
कृषि उत्पादन आयुक्त आज झांसी एवं चित्रकूटधाम मण्डल बांदा की मण्डलीय रबी गोष्ठी की अध्यक्षता कर रहे थे। गोष्ठी में उन्होंने फीता काटकर कृषि प्रदर्शनी का उद्घाटन किया तथा दीप प्रज्जवलित कर गोष्ठी का शुभारम्भ भी किया। श्री रंजन ने कहा कि गोष्ठी में बुन्देलखण्ड के सभी जिलों में विद्युत व सिंचाई की ज्यादातर समस्याएं कृषकों द्वारा बतायी गयी, जिनका निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर कराया जायेगा। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने बुन्देलखण्ड के लिए कृषि एवं अन्य सुविधाओं के क्षेत्र में विशेष योजनाएं चलाने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि कृषकों को पानी एवं बिजली की सुविधा जल्द उपलब्ध करायी जायेगी जिससे कृषकों की पैदावार बढे़गी ।
कृषि उत्पादन आयुक्त ने जिलाधिकारी चित्रकूट डा. बलकार सिंह को अन्ना प्रथा समाप्त करने की कार्य योजना के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि अन्ना प्रथा बुन्देलखण्ड के लोग स्वयं बहुत परेशान थे। उन्होंने बताया कि जिलाधिकारी द्वारा भेजी गई कार्य योजना के क्रियान्वयन के लिए दो करोड़ पचास लाख रूपये की धनराशि भी स्वीकृत हो गयी है। उन्होंने कहा कि बुन्देलखण्ड में सब्जी का उत्पादन बढ़ा है, जिससे इसकी मार्केटिंग की व्यवस्था के लिए उद्यान विभाग विशेष व्यवस्था करे। उन्होंने बिजली विभाग से कहा कि बुन्देलखण्ड में 24 घंटे विद्युत की व्यवस्था है, लेकिन निर्बाध आपूर्ति न होने की किसानों द्वारा शिकायत की गई है, इसे तत्काल ठीक कराया जाए। उन्होंने प्रमुख सचिव कृषि से कहा कि यहां पर दलहन व तिलहन की खेती अधिक होती है इसके मार्केटिंग के बारे में व्यवस्था करायी जाये। उन्होंने कहा कि आई.डब्ल्यू.एम.पी.योजना से इस क्षेत्र का काफी भला हो सकता है, इसलिए जिलाधिकारी इसमें ध्यान देते हुये कार्य योजना तैयार कर कृषकों को लाभान्वित करायें। उन्होंने मसाला उत्पादन के बारे में भी कहा कि यहां पर हल्दी, अदरक, धनिया मिर्च आदि फसलों की पैदावार काफी बढ़ायी जा सकती है, इसे बढ़ावा दिया जाना चाहिए। उन्होंने मृदा परीक्षण पर कृषकों से कहा कि मृदा परीक्षण कराकर उसमें कम पाए जाने वाले तत्वों की पूर्ति के लिए उचित उर्वरकों का चयन कर मिट्टी की उर्वरता बढ़ायें। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को इस मामले में किसानों की सहायता के लिए मिट्टी परीक्षण हेतु न्याय पंचायतवार योजना बनाकर मानीटरिंग करने के निर्देश दिए।
गोष्ठी में प्रमुख सचिव कृषि एवं सहकारिता देबाशीष पाण्डा ने कहा कि खाद व बीजों में शासन द्वारा जो मूल्य निर्धारित किया गया है, इसमें शिकायतें प्राप्त हुई कि मूल्य में अंतर है इसकी जांच करायी जायेगी ओर संबंधित विभाग के खिलाफ आवश्यक कार्यवाही की जायेगी। आयुक्त ग्राम्य विकास के. रविन्द्र नायक ने कहा कि ग्राम्य विकास विभाग द्वारा कृषकों के लिए विभिन्न लाभकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। मनरेगा से कृषक खेत का समतलीकरण, जेट्रोफा, बर्मी कम्पोस्ट, बागवानी के लिए उबड़-खाबड़ जमीन का सुधार करा सकते है। उन्होंने जिलाधिकारियों व मुख्य विकास अधिकारियों को निर्देश दिये कि ग्राम्य विकास विभाग की योजनाओं से कृषकों को अधिक से अधिक लाभ दिलायें, इसमें धनराशि की कोई कमी नहीं है।
निदेशक पशुपालन रूद्र प्रताप ने पशु टीकाकरण, कृत्रिम गर्भाधान, अन्ना प्रथा आदि, निदेशक उद्यान एस. पी. जोशी ने उद्यानीकरण,कृषि निदेशक डी. एम. सिंह ने तिलहन व दलहन, स्प्रिंगकलर सेट आदि के बारे में विस्तृत जानकारी दी। गोष्ठी में मण्डलायुक्त चित्रकूटधाम मण्डल बांदा अशोक दीक्षित ने झांसी व चित्रकूटधाम मण्डल के जनपदों में संचालित योजनाओं व समस्याओं के बारे में विस्तृत जानकारी व सुझाव दिये। गोष्ठी में जिलाधिकारी चित्रकूट डा. बलकार सिंह, बांदा भूपेन्द्र एस.चौधरी, महोबा अनुज कुमार झा, हमीरपुर बी.चन्द्रकला, जिलाधिकारी ललितपुर ओ.पी.वर्मा, जालौन स्थान उरई राम गणेश व झांसी के संयुक्त विकास आयुक्त ने अपने-अपने जनपदों की स्थिति के बारे में विस्तृत जानकारी व सुझाव दिये। इससे पूर्व डा. बलकार सिंह ने कृषि उत्पादन आयुक्त उत्तर प्रदेश शासन डा. आलोक रंजन को पुष्प गुच्छ भेंटकर स्वागत किया।

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