बिजली की अवैध लाइन की चपेट में आ कर हाथी की मौत

बिजली की अवैध लाइन की चपेट में आ कर हाथी की मौत
बिजली की अवैध लाइन की चपेट में आ कर हाथी की मौत
बिजली की अवैध लाइन की चपेट में आ कर हाथी की मौत

                       किरन कांत

देश में बाघ और हाथियों को बचाने के लिए कई कार्यक्रम चलाये जा रहे है, जिन पर सरकार करोड़ों रुपया खर्च कर रही है, इसके बावजूद उत्तराखंड में एक साल के अंदर मानवीय भूलों और तस्करों के हमले के चलते दर्जन भर से अधिक बाघ और हाथी काल का ग्रास बन चुके हैं। जिम्मेदार वन महकमे के अफसर मूक दर्शक बने हुए हैं, वहीं शासन स्तर से भी लापरवाह अफसरों के विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।

हाल ही में तस्करों ने एक बाघ को फंदा लगा कर मौत के घाट उतार दिया था। तस्करों की गर्दन तक अभी पुलिस के हाथ नहीं पहुंचे हैं और आज हरिद्वार वन प्रभाग की रानीपुर रेंज में स्थित राजाजी नेशनल पार्क से सटे इलाके में बिजली की तार की चपेट में आकर एक टस्कर हाथी (25) की तड़प-तड़प कर मौत हो गयी। घटना स्थल की जगह नवरत्न कम्पनियों में शुमार भेल की है, जहाँ पर बिजली की लाइन अवैध रूप से लगायी गयी हैं।

बताया जाता है कि आज बुधवार की सुबह हरिद्वार वन प्रभाग की रानीपुर रेंज हाथी की गरजना से थर्रा उठी। सड़क से कुछ दूरी पर एक टस्कर हाथी करेंट लगने से तड़पते हुए मौत से लड़ रहा था। उसकी चीख से समूचा वातावरण कराह रहा था, लेकिन वन प्रभाग के अधिकारियों तक चीख की आवाज तब पहुंची, जब हाथी मर गया। हाथी की उम्र करीब 25 वर्ष बतायी जा रही है और वन विभाग घटना की जाँच कराने की बात कर रहा है, साथ ही वन विभाग और भेल के अफसर एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं।

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