बलात्कारी को पत्थर मार-मार कर दी जाए मौत: आज़म खां

बलात्कारी को पत्थर मार-मार कर दी जाए मौत: आज़म खां
बलात्कारी को पत्थर मार-मार कर दी जाए मौत: आज़म खां

 

‘बलात्कार के आरोपी के लिए फांसी की सजा छोटी है। बलात्कारी को तब तक पत्थर मारने चाहिए जब तक वह मर न जाए।’

उक्त विचार उत्तर प्रदेश सरकार के शक्तिशाली कैबिनेट मंत्री आज़म खां के हैं। सैफई महोत्सव से लौटकर बदायूं में शहर विधायक आबिद रज़ा के आवास पर पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा, कि बलात्कार की पीड़ित लड़की को जो पीड़ा होती है उसकी तुलना में बलात्कार के आरोपी को फांसी की सज़ा छोटी सज़ा है। बलात्कारी को तब तक पत्थर मारे जाने चाहिए जब तक वह दम न तोड़ दे। शरियत में यही प्रावधान है, इसलिए पहले इस कानून को मुस्लिम समुदाय पर लागू करना चाहिए और परिणाम सही आयें तो देश भर में लागू कर देना चाहिए। उन्होंने सीआरपीसी के प्रावधानों पर भी सवाल उठाया और बोले, कि बलात्कार के मामलों में  अपनाई जाने वाली कानूनी प्रक्रिया में बदलाव की आवश्यकता है। आमतौर पर पीड़ित औरत वर्तमान प्रक्रिया के दौरान सवालों का सामना करने में असहज महसूस करती  है। दिल्ली में हुए बवाल पर उन्होंने दिल्ली सरकार की लेटलतीफी को दोषी ठहराया। उन्होंने कहा कि, घटना के तत्काल बाद सरकार ने कड़ी कार्रवाही कर दी होती, तो जनआक्रोश का सामना नहीं करना पड़ता। साथ ही प्रदर्शन करने वालों को सुझाव दिया कि, उन्हें भी संविधान के दायरे में रहकर ही अपना विरोध प्रकट करना चाहिए।

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