प्रेक्षक की परीक्षा में पीठासीन अधिकारी उत्तीर्ण, वोट भी पड़े

प्रेक्षक की परीक्षा में पीठासीन अधिकारी उत्तीर्ण, वोट भी पड़े
  • राजकीय महाविद्यालय में पीठासीन अधिकारियों की हुई अतिरिक्त ट्रेनिंग
  •  मण्डी समिति में बंटी स्टेशनरी और समस्त मतदान अधिकारियों को दिया गया प्रशिक्षण
राजकीय डिग्री कॉलेज में सीडीओ उदय राज सिंह की उपस्थिति में पीठासीन अफसरों को ट्रेनिंग देते ट्रेनर
राजकीय डिग्री कॉलेज में सीडीओ उदय राज सिंह की उपस्थिति में पीठासीन अफसरों को ट्रेनिंग देते ट्रेनर

बदायूं में शांतिपूर्ण एवं स्वतन्त्र रूप से सम्पन्न कराने हेतु पीठासीन एवं समस्त मतदान अधिकारियों को मण्डी समिति में प्रशिक्षण दिया गया। चुनाव स्टेशनरी प्राप्त करने के बाद पीठासीन अधिकारियों को राजकीय डिग्री कॉलेज में ईवीएम एवं सामान्य प्रशिक्षण दिया गया। चुनाव ड्यूटी करने वाले मतदान कार्मियों ने अपने-अपने मताधिकार का भी प्रयोग किया। जिला कन्ट्रोल रूम से प्राप्त सूचना के अनुसार 23 बदायूं लोकसभा क्षेत्र में 161 तथा 24 आंवला लोकसभा क्षेत्र में 108 सहित 269 मतदान कार्मिकों ने वोट डाले।
23 बदायूँ लोकसभा क्षेत्र के सामान्य प्रेक्षक आनन्दराव विष्णू पाटील ने जिलाधिकारी एवं मुख्य विकास अधिकारी उदयराज सिंह के साथ शुक्रवार को राजकीय डिग्री कॉलेज पहुंच कर अतिरिक्त ट्रेनिंग का जायज़ा लिया। प्रेक्षक ने पीठासीन अधिकारियों से प्रशिक्षण में प्राप्त जानकारी की परीक्षा लेने हेतु कई प्रश्न किए, जिनका पीठासीन अधिकारियों ने सटीक जवाब दिया। प्रेक्षक ने कहा कि निर्वाचन आयोग के निर्देशों को जितना ज़्यादा पढ़ा और समझा जाएगा चुनाव में उतनी ही परेशानी कम होगी। प्रेक्षक ने कहा कि बीएलओ द्वारा बांटी गई मतदान पर्ची के आधार पर मतदान किया जाएगा। उन्होंने सपष्ट किया कि जिनके पास वोटर आईडी कार्ड के अलावा निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित की गई आईडी के नम्बर भी पीठासीन अधिकारी की डायरी में दर्ज किए जाएंगे।
प्रेक्षक ने कहा कि मतदान करने के बाद अंगुली पर लगाई गई अमिट स्याही को भी मतदान केन्द्र से बाहर निकलते समय गेट पर तैनात पुलिस बल द्वारा भी जांचा जा सकता है कि मतदान करने के बाद मतदाता द्वारा निशान मिटा तो नहीं दिया गया है।
उधर पीठासीन अधिकारीयों को अच्छे से ट्रेनिंग दिलाने को लेकर सीडीओ उदय राज सिंह की प्रशंसा की जा रही है। सीडीओ ने पीठासीन अधिकारियों के बैच बना कर कमरों में अलग-अलग इस तरह बैठाया कि क्लास के बच्चों की तरह उनकी समझ में सब कुछ पहली बार में ही आ गया। वह अपने स्टेनो फहीम अहमद के साथ सुबह से अंत तक प्रशिक्षण स्थल पर डटे ही नहीं रहे, बल्कि स्वयं एक-एक बिंदु पर कड़ी नज़र जमाये रहे।

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