प्रधान, प्रमुख और जिला पंचायत के अध्यक्ष को तोहफा

प्रधान, प्रमुख और जिला पंचायत के अध्यक्ष को तोहफा
  • असली भारत गांव में और असली लोकतंत्र पंचायत है: यादव
सैफई, इटावा में आयोजित विशाल पंच एवं सहकारिता सम्मेलन में बोलते मुख्यमंत्री अखिलेश यादव
सैफई, इटावा में आयोजित विशाल पंच एवं सहकारिता सम्मेलन में बोलते मुख्यमंत्री अखिलेश यादव
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने आज सैफई, इटावा में आयोजित विशाल पंच एवं सहकारिता सम्मेलन में प्रदेश के पंचायत प्रतिनिधियों के मानदेय व भत्तों में बढ़ोत्तरी की घोषणा की। यह घोषणा करते हुए उन्होंने कहा कि त्रिस्तरीय पंचायत ढांचे के अन्तर्गत अब ग्राम प्रधान को 750 रुपए के स्थान पर 2,500 रुपये, ब्लाक प्रमुख को 3,000 रुपए के स्थान पर 7,000 रुपए तथा जिला पंचायत अध्यक्ष को 4000 रुपए के स्थान पर 10,000 रुपए मानदेय प्रतिमाह दिया जाएगा। इसी प्रकार क्षेत्र पंचायत सदस्यों का बैठक भत्ता 200 रुपए से बढ़ाकर 500 रुपए तथा जिला पंचायत सदस्यों का बैठक भत्ता 300 रुपए से बढ़ाकर 1,000 रुपए प्रति बैठक करने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2004 में समाजवादी पार्टी की सरकार ने ही ग्राम प्रधान, ब्लाक प्रमुख व जिला पंचायत व क्षेत्र पंचायत सदस्यों को बैठकों में भाग लेने पर भत्ता देने की व्यवस्था की थी तथा समाजवादी सरकार ने ही पिछली बार पंचायत प्रतिनिधियों के मानदेय एवं भत्तों में मार्च, 2006 में बढ़ोत्तरी की थी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने पंचायत प्रतिनिधियों के सम्मान एवं बढ़े हुए दायित्वों को ध्यान में रखते हुए उनके मानदेय व भत्तों को बढ़ाने का निर्णय लिया है।
श्री यादव ने कहा कि सहकारिता एवं पंचायतें ही लोकतंत्र का वास्तविक रूप हैं। समाजवादी सरकार हमेशा लोकतंत्र के पक्ष में रही है। उन्होंने कहा कि जितनी लाभकारी योजनाएं इस समय प्रदेश में चलाई जा रही हैं, उतनी किसी अन्य प्रदेश में संचालित नहीं हैं। जनता को सीधे लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से प्रदेश सरकार योजनाओं को संचालित कर जनता का धन सीधे जनता तक पहुंचाने का कार्य कर रही है। उन्होंने शासकीय योजनाओं- कन्या विद्या धन, बेरोजगारी भत्ता, लैपटॉप वितरण, निःशुल्क सिंचाई आदि का उल्लेख करते हुए बताया कि प्रदेश सरकार ने 1630 करोड़ रुपए का किसानों का कर्ज माफ किया है। खाद-बीज की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित की है। किसानों की दुर्घटना बीमा योजना के अन्तर्गत धनराशि को बढ़ाकर 5 लाख रुपए कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने गरीबों को निःशुल्क इलाज उपलब्ध कराया है। निःशुल्क संचालित 108 समाजवादी एम्बुलेन्स सेवा बहुत कामयाब सेवा है, जिसके माध्यम से दुर्घटनाग्रस्त एवं अन्य मरीजों को लाभ हुआ है। उन्होंने कहा कि प्रदेशवासियों को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए नए मेडिकल कॉलेज खोलने के साथ ही प्रदेश के मेडिकल कॉलेज में एम0बी0बी0एस0 की 500 सीटें बढ़वायी गई हैं। उन्होंने कहा कि विधायक निधि से किसी गरीब की बीमारी हेतु 25 लाख रुपये तक व्यय का प्राविधान कर दिया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार वर्ष 2016 तक हर गांव को 18-20 घण्टे बिजली उपलब्ध कराने के उद्देश्य से काम कर रही है, इसके लिए नए कारखाने स्थापित किए जा रहे हैं। 2014 तक बिजली के दो नए कारखाने चालू हो जाएंगे। 300 नए सब स्टेशन तहसील स्तर पर बनाए जा रहे हैं तथा 72 घण्टे में ट्रांसफार्मर बदलने की व्यवस्था सुनिश्चित कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि किसानों द्वारा उत्पादित दूध का उचित मूल्य दिलाने तथा प्रदेशवासियों को ताजा और सस्ता दूध उपलब्ध कराने के लिए राज्य में दूध प्रसंस्करण के तीन नए बड़े प्लाण्ट लगाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिला सहकारी बैंक को संचालित करने, महिलाओं को कम ब्याज पर ऋण सुविधा उपलब्ध कराने, सैफई सहकारी प्रशिक्षण संस्थान को सुदृढ़ करने के लिये राज्य सरकार सहायता करेगी। उन्होंने कहा कि गांव गरीब किसान की खुशहाली के लिये सहकारिता व पंचायतें मिलकर काम करें।
पंच एवं सहकारिता सम्मेलन की अध्यक्षता कर रहे सांसद एवं पूर्व रक्षा मंत्री मुलायम सिंह यादव ने पंचायत प्रतिनिधियों से कहा कि वह अपनी ताकत पहचानें और गांव में ऐसा कार्य करें कि सभी प्रशंसा करें। ग्राम प्रधान गांव को अच्छा बना सकते हैं। असली भारत गांव में है और असली लोकतंत्र पंचायत है।यह बापू का सपना है। डा. लोहिया का सपना चौखम्भा राज्य की स्थापना का था, जिसका मतलब है कि कुल बजट के चार भाग होने चाहिए, जिसका एक भाग केन्द्र के लिए दूसरा भाग राज्य सरकार के लिए तीसरा भाग पंचायत के लिए व चौथा भाग ग्राम पंचायत के लिए हो। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश चौखम्भा राज्य की तरफ चल पड़ा है। उन्होंने कहा कि चौखम्भा राज्य होता तो देश की तस्वीर अलग होगी, इसका विश्व में सबसे ऊंचा स्थान होता। हिन्दुस्तान की जलवायु को विश्व में सर्वोत्तम बताते हुये उन्होंने हिन्दुस्तान को सबसे सुन्दर देश बताया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के गंगा-जमुना के दोआबे जैसा उपजाऊ मैदान विश्व में कहीं नहीं है।
मुलायम सिंह ने कहा कि काम के बदले अनाज योजना समाजवादी पार्टी की सरकार ने शुरू की थी। गांव में स्वच्छ शौचालय की शुरुआत भी उन्होंने ही उत्तर प्रदेश के एक गांव में कराई, जो आज पूरे देश में लागू हो गयी है। पंचायतों व सहकारी संस्थाओं में चुनाव कराकर इन संस्थाओं को सबल बनाने का कार्य भी उनके द्वारा ही किया गया। उन्होंने कहा कि सच्चर कमेटी की रिपोर्ट में देश के मुसलमानों की स्थिति अनुसूचित जाति व जनजाति से भी खराब बताई गयी है। समाजवादी सरकार ने मुसलमानों की उन्नति और सुदृढ़ता के लिये उनके सहायतार्थ कई योजनाएं लागू की हैं।
सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए लोक निर्माण मंत्री शिवपाल सिंह यादव ने कहा कि सहकारिता व पंचायतों को समाजवादी पार्टी की सरकार में असली ताकत व स्वरूप मिलता है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता से चुने प्रतिनिधियों की बड़ी जिम्मेदारी है कि वे सरकारी मशीनरी में अच्छे कार्य करने वालों को प्रोत्साहित व गलत कार्य करने वालों को दण्डित करने में सहभागिता करें। उन्होंने बताया कि सहकारी बैंकों से मात्र तीन प्रतिशत ब्याज पर ऋण दिया जा रहा है। पांच हजार करोड़ रुपये कृषि ऋण किसानों को सहकारिता में दिया जा रहा है। 750 करोड़ रुपये से सहकारी कृषि गोदामों का निर्माण किया जा रहा है। उत्तर प्रदेश सहकारी भूमि विकास बैंक को 1650 करोड़ रुपये देकर संचालित कराया जा रहा है। डी0ए0पी0 के दामों में कमी की गयी है। उन्होंने कहा कि सपा सरकार में सहकारिता व पंचायत दोनों की तरक्की हुई है।
सांसद प्रो0 रामगोपाल यादव ने कहा कि रक्षा मंत्री के अपने कार्यकाल में नेताजी मुलायम सिंह यादव ने शहीदों के पार्थिव शरीर को उनके घर तक पहुंचाने का नियम बनाकर राष्ट्र के शहीदों का सम्मान बढ़ाने का जो कार्य किया, वह अब तक बरकरार है। सड़क पर शौच के लिये जाती महिलाओं की सुविधा एवं सम्मान हेतु गांव में शौचालय बनवाने का श्रेय नेताजी को ही है। सभी सहकारी संस्थाओं की कमेटियों में एक सदस्य अनुसूचित जाति का रखने का नियम नेताजी मुलायम सिंह यादव की ही देन है।
सम्मेलन को पंचायती राज मंत्री बलराम यादव, स्टाम्प एवं न्यायालय शुल्क पंजीयन मंत्री राजा महेन्द्र अरिदमन सिंह, चेयरमैन पी0सी0एफ0 अंकुर यादव सहित सहकारिता से जुड़े अनेक प्रतिनिधियों ने सम्बोधित किया। इस अवसर पर वस्त्र उद्योग एवं रेशम उद्योग मंत्री शिव कुमार बेरिया, पंत्रायती राज्यमंत्री कमाल अख़्तर, माध्यमिक शिक्षा राज्यमंत्री विजय बहादुर पाल सहित जनप्रतिनिधिगण, प्रमुख सचिव सहकारिता, प्रमुख सचिव पंचायती राज समेत शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी तथा बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

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