प्रदेश में निवेश का परिदृश्य तेजी से बदल रहा है: मुख्यमंत्री

प्रदेश में निवेश का परिदृश्य तेजी से बदल रहा है: मुख्यमंत्री
  • बुनियादी सुविधाओं के विकास से प्रदेश में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे तथा लोगों की आर्थिक स्थित में सुधार होगा : मुख्यमंत्री
 
  •  3,926 करोड़ रुपए की विद्युत् परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास सम्पन्न
 
  • 330 मेगावाट की श्रीनगर जल विधुत परियोजना का लोकार्पण, इससे प्रदेश को 88 प्रतिशत बिजली प्राप्त होगी
 
  • 1,361 मेगावाट के विद्युत् क्रय अनुबन्ध पर हस्ताक्षर
 
  • विद्युत् उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए मोबाइल-एस.एम.एस. सेवा का शुभारम्भ
 
  • जनपद आजमगढ़ एवं लखीमपुर खीरी में लगभग 140 करोड़ रुपए की लागत से 01-01 कृषि महाविद्यालय कैम्पस की स्थापना होगी
मुख्यमंत्री आवास पर मुलायम सिंह यादव की उपस्थिति में विभिन्न परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास करते मुख्यमंत्री अखिलेश यादव व आजम खान।
मुख्यमंत्री आवास पर मुलायम सिंह यादव की उपस्थिति में विभिन्न परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास करते मुख्यमंत्री अखिलेश यादव व आजम खान।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि राज्य सरकार जिस पैमाने पर बुनियादी सुविधाओं के विकास के लिए काम कर रही है, इससे प्रदेश में रोजगार के अवसर बढ़ने के साथ ही लोगों की आर्थिक सिथति में सुधार होगा। उन्होंने कहा कि पिछले दो दिनों में ही विभिन्न विभागों में जितने लोकार्पण एवं शिलान्यास के कार्यक्रम सम्पन्न हुए, इतने पिछली राज्य सरकार के पांच वर्ष के कार्यकाल में भी सम्पन्न नहीं हो पाए थे। इन योजनाओं से राज्य की छवि में सुधार होगा और निवेश का बेहतर वातावरण बनेगा। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में निवेश का परिदृश्य तेजी से बदल रहा है। जिस प्रदेश में पहले कोर्इ उद्योगपति आना नहीं चाहता था, उसी प्रदेश में राज्य सरकार की पहल को देखते हुए ही र्इ. श्रीधरन ने लखनऊ मेट्रो रेल परियोजना के मुख्य सलाहकार के रूप में कार्य करने की सहमति प्रदान की और जी.वी.के. रेडडी जैसे उद्योगपति यहां काम करने के इच्छुक हैं।
मुख्यमंत्री आज यहां अपने सरकारी आवास पर पूर्व केन्द्रीय रक्षा मंत्री तथा सांसद मुलायम सिंह यादव की उपस्थिति में 3,926 करोड़ रुपए की विद्युत् परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास, 330 मेगावाट की श्रीनगर जल विधुत परियोजना (उत्तराखण्ड सिथत इस परियोजना की 88 प्रतिशत ऊर्जा प्रदेश को प्राप्त होगी) के लोकार्पण तथा विद्युत् उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए मोबाइल-एस.एम.एस. सेवा के शुभारम्भ के बाद अपने विचार व्यक्त कर रहे थे।
इस अवसर पर लगभग 140 करोड़ रुपए की लागत से जनपद आजमगढ़ तथा लखीमपुर खीरी में स्थापित होने वाले 01-01 कृषि महाविधालय के कैम्पस का शिलान्यास भी मुख्यमंत्री द्वारा किया गया। नरेन्द्र देव कृषि एवं प्रौधोगिक विश्वविधालय फैजाबाद के तहत जनपद आजमगढ़ में तथा चन्द्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौधोगिक विश्वविधालय कानपुर के अन्तर्गत लखीमपुर खीरी जनपद में कृषि महाविधालय स्थापित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री के समक्ष पावर ट्रेडिंग कम्पनी तथा उ0प्र0 पावर कार्पोरेशन के मध्य 25 वर्ष की अवधि हेतु 1,361 मेगावाट विद्युत् क्रय अनुबन्ध पर हस्ताक्षर भी किए गए। इन अनुबन्ध पर उ0प्र0 पावर कार्पोरेशन के प्रबन्ध निदेशक ए.पी. मिश्र तथा मैसर्स पी.टी.सी. इणिडया लि. (361 मेगावाट) तथा मैसर्स के.एस.के. महानदी (1,000 मेगावाट) के सी.र्इ.ओ. ने हस्ताक्षर किए। तत्पश्चात मुख्यमंत्री ने क्षतिग्रस्त ट्रांसफार्मरों को 72 घण्टे में बदलने के लिए 100 से अधिक सेवा वाहनों को झण्डी दिखाकर विभिन्न जनपदों के लिए रवाना किया। आज ही जनपद ललितपुर तापीय परियोजना से ऊर्जा निकासी हेतु 2300 करोड़ रुपए की लागत वाले पारेषण तंत्र के निर्माण के लिए उत्तर प्रदेश पावर कार्पोरेशन तथा पावर ग्रिड (पीजीसीआर्इएल) के मध्य अनुबन्ध का हस्तान्तरण भी सम्पन्न हुआ।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आगे आने वाले समय में जनता विभिन्न दलों की राज्य सरकारों के कार्यों को देखते हुए पार्टियों के पक्ष में निर्णय लेगी। उन्होंने भरोसा जताया कि जनता वर्तमान सरकार द्वारा किए गए कार्यों को देखकर उचित निर्णय लेगी। उन्होंने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार जनता को अधिक से अधिक लाभ पहुंचाने वाली योजनाओं पर लगातार काम कर रही है। जनता से किए गए वायदों को पूरा करने के लिए तत्परता से कार्य किया जा रहा है। विद्युत् की पर्याप्त उपलब्धता सुनिशिचत कराने के लिए पारेषण, वितरण एवं उत्पादन आदि सभी क्षेत्रों में गम्भीरता से काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विद्युत् विभाग के वर्तमान कार्यों को देखते हुए राज्य सरकार 2016 तक गाँवों में 16 से 18 घण्टे तथा नगरों में 20 से 24 घण्टे विद्युत् आपूर्ति करने के लक्ष्य को निशिचत रूप से प्राप्त कर लेगी।
श्री यादव ने जनपद आजमगढ़ तथा लखीमपुर खीरी में स्थापित किए जा रहे कृषि महाविधालयों का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे किसानों को सहूलियत मिलेगी। उन्होंने पिछली समाजवादी सरकार में किए गए विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि समाजवादी सरकार के निर्णय के फलस्वरूप आज प्रदेश को-जनरेशन के क्षेत्र में सर्वाधिक बिजली पैदा कर रहा है। तत्कालीन समाजवादी सरकार के निर्णय के फलस्वरूप ही आज श्रीनगर विधुत परियोजना का लोकार्पण हुआ है। उन्होंने कहा कि अप्रैल के प्रथम सप्ताह से इस परियोजना से प्रदेश को बिजली प्राप्त होने लगेगी।
पत्रकारों द्वारा पूछे गए प्रश्नों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कानपुर घटना की जांच चल रही है। इस घटना के लिए जो भी जिम्मेदार होगा, उसके विरुद्ध बिना किसी भेदभाव के कार्रवार्इ होगी। उन्होंने चिकित्सकों से अपील की कि वे मरीजों के हितों को देखते हुए उन्हें अपने काम पर तुरन्त लौटना चाहिए। उन्होंने कहा कि घटनास्थल पर तैनात सी.सी. टी.वी. से सच्चार्इ सामने आ जाएगी। उन्होंने आश्वस्त किया कि किसी भी निर्दोष के खिलाफ कार्रवार्इ नहीं की जाएगी।
कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए पूर्व केन्द्रीय रक्षा मंत्री एवं सांसद मुलायम सिंह यादव ने कहा कि राज्य सरकार बिजली की जरूरतों को देखते हुए गम्भीरता से कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के विकास के बिना देश का विकास सम्भव नहीं है। उन्होंने राज्य सरकार को सड़क, विद्युत् तथा पानी के प्रचुर इंतजाम की सलाह देते हुए कहा कि जनप्रतिनिधि जनता के सेवक हैं। इसलिए जनता के हित में तेजी से काम किया जाना चाहिए।
कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए नगर विकास एवं संसदीय कार्य मंत्री आजम खां ने कहा कि उत्तर प्रदेश विकास के नए दौर की तरफ तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि बुनियादी सुविधाओं में बिजली एवं सड़क महत्वपूर्ण हैं। इनको सुलभ कराने के लिए राज्य सरकार काम कर रही है।
इस अवसर पर मैसर्स जी.वी.के. ग्रुप के जी.वी.के. रेडडी, कृषि उत्पादन आयुक्त आलोक रंजन तथा प्रमुख सचिव उत्तर प्रदेश पावर कार्पोरेशन संजय अग्रवाल ने भी अपने विचार व्यक्त किए।
ज्ञातव्य है कि विद्युत् विभाग की आज जिन परियोजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास किया गया, इनमें ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में विद्युत् आपूर्ति में सुधार के लिए 3311 के.वी. के 74 उपकेन्द्रों का शिलान्यास शामिल है। 11 स्थानों पर ओवरहेड एल.टी. लाइन को भूमिगत करके केबिल डाले जाने के कार्यों का शुभारम्भ किया गया। साथ ही पारेषण सम्बन्धी कार्यों के 220 के.वी. एवं 132 के.वी. के 18 सबस्टेशनों की आधारशिला तथा विभिन्न जनपदों में बनाने गए 3311 के.वी. के 62 सबस्टेशनों, पारेषण सम्बन्धी 220 के.वी. और 132 के.वी. के 09 सब-स्टेशनों का लोकार्पण किया गया।
मोबाइल-एस.एम.एस. सेवा के अन्तर्गत विद्युत् उपभोक्ताओं को एस.एम.एस. के माध्यम से बिल से संबंधित सूचना, भुगतान प्राप्ति, संयोजन काटने की नोटिस, बिल की नोटिस, मीटर खराब होने, बिल गलत होने, विद्युत् आपूर्ति प्राप्त न होने एवं आवांछित तत्वों द्वारा बिजली चोरी के सम्बन्ध में सूचना प्राप्त हो सकेगी। कार्यक्रम में राज्य मंत्रिमण्डल के सदस्यगण, वरिष्ठ अधिकारी एवं निजी कम्पनियों के प्रबन्धक आदि उपसिथत थे।

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