पुलिस की पिटाई से निर्दोष युवक की थाने में मौत

पुलिस की पिटाई से निर्दोष युवक की थाने में मौत
  • हजरतपुर थाने की हवालात में दस दिन से बंद था मृतक
  • मृतक का भाई तीन महीने से एक लड़की के साथ फरार है 
  • प्रेम प्रसंग के बावजूद पुलिस कर रही थी एकतरफा कार्रवाई
पुलिस की पिटाई से निर्दोष युवक की थाने में मौत
पुलिस की पिटाई से निर्दोष युवक की थाने में मौत

बदायूं में पुलिस की बर्बरता लगातार बढ़ती जा रही है। एक निर्दोष युवक को हजरतपुर थाने में बंद पुलिस ने बेरहमी से इतना पीटा कि उसने तड़प-तड़प कर दम तोड़ दिया। दरिंदगी की हद तो यह है कि तड़पते युवक का उपचार कराने की बजाये सभी पुलिस कर्मी थाना छोड़ कर भाग गए। सुबह मौके पर आसपास के थानों से बुला कर पुलिस फ़ोर्स तैनात किया गया है एवं पुलिस व प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर घटना की जाँच कर रहे हैं।

बताया जाता है कि करीब तीन महीने पहले हजरतपुर थाना क्षेत्र के गाँव बघौरा निवासी पच्चीस वर्षीय मुन्ना गिरी नाम का युवक और बहेलिया जाति की लड़की प्रेम प्रसंग के चलते गाँव से भाग गए थे। लड़की के परिजनों ने प्रेमी युवक और उसके परिजनों पर लड़की के अपहरण का आरोप लगाया था, साथ ही प्रेमी के ताऊ को लड़की के परिजनों ने पीटा ही नहीं, बल्कि पेशाब पिलाने के साथ उनकी मूंछे तक उखाड़ ली थीं, लेकिन पुलिस ने इस घटना में कोई कार्रवाई नहीं की। बताया जाता है कि लड़की पक्ष के दबाव में पुलिस ने प्रेमी युवक के बहनोई और भाई को दस पूर्व गिरफ्तार कर थाने की हवालात में बंद कर रखा था। सेटिंग के चलते बहनोई को कल शाम रिहा कर दिया, लेकिन प्रेमी के भाई प्रवेश गिरी की बेरहमी से पिटाई लगाई। आरोप है कि प्रवेश की मौत पुलिस की पिटाई से ही हुई है, इससे भी बड़ी दरिंदगी की बात यह है कि प्रवेश की मौत के बाद हजरतपुर थाने की पुलिस थाना छोड़ कर भाग गई। सुबह यहाँ मूसाझाग, अलापुर और दातागंज कोतवाली की पुलिस तैनात की गई है। फिलहाल हजरतपुर थाने पर सैकड़ों लोगों की भीड़ जमा है और एसडीएम, सीओ और एसपी सिटी के साथ एडीएम प्रशासन घटना की जांच कर रहे हैं। शव जिला मुख्यालय भेज दिया गया है। मौत की असली वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही पता चलेगी, लेकिन रिपोर्ट जो भी आये, घटना में हजरतपुर थाना पुलिस की भूमिका संदिग्ध ही है।

प्रेमी युवक गिरी जाति का है, जिनकी संख्या क्षेत्र में कम है और आर्थिक स्थिति भी अच्छी नहीं है, जबकि लड़की बहेलिया जाति की है, जिनकी संख्या ज्यादा है और अधिकाँश दबंग भी हैं। पुलिस की भूमिका सही रही होती, तो बालिग प्रेमी गाँव से भागते ही नहीं और भागने के बाद प्रेमी के ताऊ के साथ हुई बर्बर घटना भी नहीं हुई होती और न ही निर्दोष प्रवेश मारा जाता।

उधर कटरी क्षेत्र में स्थित हजरतपुर थाने में अफसर इरादे से ही जाते हैं। वार्षिक मुआयने के अलावा अफसर पूरी-पूरी साल यहाँ देखने तक नहीं जाते, जिससे इस थाने में तैनात पुलिस पूरी तरह लापरवाह हो ही जाती है और जमकर मनमानी करती है। बदमाश बनने वाले अधिकाँश लड़के इसी क्षेत्र के होते हैं, जो पुलिस की बर्बरता के चलते ही हथियार उठाने को मजबूर हो जाते हैं। बताया जाता है कि इस इलाके में शराब के सरकारी ठेके चल ही नहीं पाते, क्योंकि खुलेआम कच्ची शराब का कारोबार होता है। सूत्र का कहना है कि लड़की के परिजनों के साथ रात पुलिस ने कच्ची शराब पी थी और नशा चढ़ने पर लड़की के परिजनों के सामने ही प्रवेश की बेरहमी से मार लगाई थी। सूत्र का यह भी कहना है कि लड़की के घर वालों ने दो दिन पूर्व जमीन बेचीं है और पुलिस को खूब पैसा खिला रहे हैं।

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