पुलिस की छवि और कार्यप्रणाली को बेहतर बनाया जाये: मुख्यमंत्री

पुलिस की छवि और कार्यप्रणाली को बेहतर बनाया जाये: मुख्यमंत्री
  • कानून व्यवस्था के मोर्चे पर ऐसा कार्य किया जाए, जिससे कि जनता का भरोसा पुलिस पर हो
  • प्रदेश की खुशहाली और विकास के लिए पुलिस अधिकारियों की जिम्मेदारी महत्वपूर्ण
  • मुख्यमंत्री ने पुलिस वीक के समापन अवसर पर आई.पी.एस. अधिकारियों को सम्बोधित किया
पुलिस वीक के समापन पर आयोजित रात्रिभोज के अवसर पर प्रदेश के आई0पी0एस0 अधिकारियों को सम्बोधित कर रहे थे।
पुलिस वीक के समापन पर आयोजित रात्रिभोज के अवसर पर प्रदेश के आई0पी0एस0 अधिकारियों को सम्बोधित कर रहे थे।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने पुलिस की छवि और कार्यप्रणाली को जनता के हित में और बेहतर बनाए जाने पर जोर देते हुए कहा है कि पुलिस का सीधा रिश्ता जनता की दुःख, तकलीफ और परेशानियों से है। उन्होंने कहा कि इनके निदान के लिए जनता पुलिस की तरफ देखती है, जिस पर उसे खरा उतरना होगा। उन्होंने साम्प्रदायिक तनावों को रोकने में पुलिस की भूमिका की सराहना करते हुए कहा है कि कानून व्यवस्था के मोर्चे पर ऐसा कार्य किया जाए, जिससे कि जनता का भरोसा पुलिस पर हो।
मुख्यमंत्री आज अपने सरकारी आवास 5, कालिदास मार्ग लखनऊ में पुलिस वीक के समापन पर आयोजित रात्रि भोज के अवसर पर प्रदेश के आई.पी.एस. अधिकारियों को सम्बोधित कर रहे थे। इस अवसर पर अधिकारियों की मांगों के संदर्भ में उन्होंने मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक समिति गठित किए जाने की घोषणा की। यह समिति कमिश्नर प्रणाली समेत अन्य मांगों के सन्दर्भ में सभी पहलुओं पर विचार कर निर्णय लेगी। रात्रि भोज कार्यक्रम में राज्यपाल बी.एल. जोशी भी सम्मिलित हुए, जिनका मुख्यमंत्री ने स्वागत किया।
श्री यादव ने प्रदेश की कानून व्यवस्था को बेहतर बनाए जाने में आई.पी.एस. अधिकारियों के योगदान की चर्चा करते हुए कहा कि पुलिस की छवि समाज के आम आदमी की सोच और उसकी अवधारणा पर निर्भर करती है। उन्होंने कहा कि जनता की जान-माल की हिफाजत का दायित्व पुलिस का है, जिससे वह पीछे नहीं हट सकती। उन्होंने कहा कि प्रदेश की खुशहाली और विकास के लिए पुलिस अधिकारियों की जिम्मेदारी महत्वपूर्ण है। उन्होंने सात वर्षों के बाद पुलिस वीक के आयोजन के लिए पुलिस अधिकारियों को बधाई दी।

पुलिस कांस्टेबिल से हेड कांस्टेबिल पद पर प्रोन्नत किए गए एक पुलिस कर्मी को सम्मानित करते मुख्यमंत्री अखिलेश यादव।
पुलिस कांस्टेबिल से हेड कांस्टेबिल पद पर प्रोन्नत किए गए एक पुलिस कर्मी को सम्मानित करते मुख्यमंत्री अखिलेश यादव।

मुख्यमंत्री ने पुलिस विभाग में पुलिस कांस्टेबिल से हेड कांस्टेबिल पद पर प्रोन्नत किए गए पांच पुलिस कर्मियों को सम्मानित किया। उल्लेखनीय है कि एक लम्बे अर्से के बाद लगभग 18 हजार कांस्टेबिल प्रोन्नत किए गए हैं।
इस अवसर पर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री अहमद हसन ने कहा कि लोकतंत्र में पुलिस की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि मुजफ्फरनगर की घटनाओं की रोकथाम 36 घंटों के अन्दर हुई और तेजी से कार्रवाई करते हुए हालात पर नियंत्रण पाया गया। उन्होंने कहा कि अपनी कार्यशैली में बदलाव लाते हुए जनता की बेहतर खिदमत कर पुलिस अपनी छवि को और निखार सकती है।
प्रमुख सचिव गृह अनिल कुमार गुप्ता ने कहा कि सरकार द्वारा उठाए गए कदमों से सार्थक परिणाम आए हैं। पुलिस आधुनिकीकरण की दिशा में प्रदेश आगे बढ़ा है। कानपुर नगर में अत्याधुनिक कंट्रोल रूम प्रारम्भ हो चुका है। गाजि़याबाद और इलाहाबाद में कंट्रोल रूम के लिए स्वीकृतियां प्राप्त हो गई हैं। नोएडा व एन.सी.आर.. में पुलिसिंग को और बेहतर बनाया जाएगा। पुलिस महकमे में भारी पैमाने पर प्रोन्नतियां हुई हैं। आई.पी.एस. और पी.पी.एस. के पदों की संख्या बढ़ी है। 41,000 पुलिस कर्मियों की भर्ती की जानी है। पुलिस बल की आवासीय समस्या के समाधान की दिशा में गम्भीरता से कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस महानिदेशक रिज़वान अहमद ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए कहा कि पुलिस वीक सात वर्षों के बाद प्रारम्भ हुआ है, जिससे सभी के अन्दर एक नई स्फूर्ति का संचार हुआ है। उन्होंने कहा कि इस अवसर पर अनुभवों का आदान-प्रदान होता है, जिससे सभी लाभान्वित होते हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री को आश्वस्त किया कि पुलिस बल की कार्यप्रणाली और कार्यपद्धति में और सुधार आएगा तथा कानून-व्यवस्था को और बेहतर किया जाएगा। इस अवसर पर लोक निर्माण मंत्री शिवपाल सिंह यादव, कारागार मंत्री राजेन्द्र चौधरी, मुख्य सचिव जावेद उस्मानी, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री राकेश गर्ग, सचिव मुख्यमंत्री शम्भू सिंह यादव व पनधारी यादव, सचिव गृह अमृत अभिजात व संजय प्रसाद सहित पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

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