पत्तल व रस्सी बनाने की प्रथा प्लास्टिक उद्योग ने समाप्त की

पत्तल व रस्सी बनाने की प्रथा प्लास्टिक उद्योग ने समाप्त की
  • सामाजिक उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार पूरा सहयोग प्रदान करेगी: मुख्यमंत्री
 
  • प्राचीनकाल से ही देश में सामाजिक उद्यमिता का महत्वपूर्ण स्थान रहा है 
 
  • फिफ्थ इस्टेट ट्रस्ट के तत्वावधान में जनप्रतिनिधियों की इंटरेक्टिव कार्यशाला सम्पन्न
लखनऊ स्थित योजना भवन में फिफ्थ इस्टेट ट्रस्ट के तत्वावधान में आयोजित जनप्रतिनिधियों की इंटरेक्टिव कार्यशाला का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ करते मुख्यमंत्री अखिलेश यादव व साथ में मौजूद मुख्य सचिव जावेद उस्मानी और फिफ्थ इस्टेट ट्रस्ट की प्रबन्ध निदेशक पल्लवी गुप्ता।
लखनऊ स्थित योजना भवन में फिफ्थ इस्टेट ट्रस्ट के तत्वावधान में आयोजित जनप्रतिनिधियों की इंटरेक्टिव कार्यशाला का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ करते मुख्यमंत्री अखिलेश यादव व साथ में मौजूद मुख्य सचिव जावेद उस्मानी और फिफ्थ इस्टेट ट्रस्ट की प्रबन्ध निदेशक पल्लवी गुप्ता।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि सामाजिक उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार पूरा सहयोग प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि ऐसे सभी नये सुझावों पर काम किया जाएगा, जिससे समाज की आर्थिक स्थिति में सुधार हो और लोगों का जीवन स्तर बेहतर बने।
मुख्यमंत्री आज लखनऊ स्थित योजना भवन में फिफ्थ इस्टेट ट्रस्ट के तत्वावधान में आयोजित जनप्रतिनिधियों की इंटरेक्टिव कार्यशाला में अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्राचीनकाल से ही हमारे देश में सामाजिक उद्यमिता का महत्वपूर्ण स्थान रहा है, जिसके फलस्वरूप ग्रामीण क्षेत्र एक आर्थिक इकाई के रूप में आत्मनिर्भर थे। लेकिन आधुनिक युग में ग्रामीण क्षेत्र भी बाजार व्यवस्था से प्रभावित हुए हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि पहले गांव में ही पत्तल एवं रस्सी आदि बनाने की प्रथा थी, जिससे काफी लोगों को रोजगार मिल जाता था। लेकिन प्लास्टिक उद्योग ने इस व्यवस्था को समाप्त कर दिया है।
श्री यादव ने कहा कि वन, स्वास्थ्य सहित कई विभागों में सामाजिक उद्यमिता की काफी सम्भावना है, जिस पर काम किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश के कई जनपद एवं क्षेत्र अपने विभिन्न उत्पादों के लिए जाने जाते हैं। यह सभी सामाजिक उद्यमिता के ही उदाहरण हैं। उन्होंने आश्वस्त किया कि संस्था द्वारा जो अच्छे सुझाव आएंगे, उनके लाभ-हानि को दृष्टिगत रखते हुए लागू करने पर विचार किया जाएगा।
इस अवसर पर राज्य योजना आयोग के उपाध्यक्ष एन.सी. बाजपेई ने कहा कि उत्तर प्रदेश एक विलक्षण राज्य है। प्रदेश की गरीबी हटाने एवं रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए राज्य सरकार द्वारा सराहनीय कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सभी को आय, जीवन स्तर एवं प्रगति के समान अवसर उपलब्ध कराने के लिए कई योजनाएं चलाते हुए राज्य सरकार वास्तव में एक कल्याणकारी राज्य की कल्पना चरितार्थ कर रही है।
कार्यशाला को सम्बोधित करते हुए मुख्य सचिव जावेद उस्मानी ने कहा कि प्रदेश सरकार सामाजिक उद्यमिता के विकास के लिए कृत संकल्प है। उन्होंने कहा कि संस्था द्वारा जो बेहतर सुझाव दिए जाएंगे, उस पर अमल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि विभिन्न सामाजिक समस्याओं के समाधान के लिए संस्था को ऐसे सुझाव देने चाहिए, जो आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर हो, लेकिन समाज के अधिक से अधिक लोगों को लाभ पहुंचे। उन्होंने बांग्लादेश के मोहम्मद यूनुस द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों की आर्थिक स्थिति सुधारने तथा अपने देश में जगह-जगह स्थापित सुलभ शौचालय को सामाजिक उद्यमिता का बेहतरीन उदाहरण बताया।
इससे पूर्व कार्यशाला में मुख्यमंत्री एवं अन्य प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए फिफ्थ इस्टेट ट्रस्ट की प्रबन्ध निदेशक पल्लवी गुप्ता ने संस्था के उद्देश्यों की चर्चा करते हुए कहा कि संस्था ऐसे इनोवेटिव विचारों को सामाजिक उद्यमिता में परिवर्तित करने का प्रयास करेगी, जिससे लोगों की आर्थिक व सामाजिक स्थिति में सुधार आए। उन्होंने कहा कि इसके लिए राज्य सरकार के साथ-साथ निजी क्षेत्र का भी सहयोग लिया जाएगा।
कार्यक्रम में मंत्रिमण्डल के कई सदस्य, सलाहकार, विधायक, कृषि उत्पादन आयुक्त आलोक रंजन, विभिन्न विभागों के प्रमुख सचिव/सचिव, सामाजिक कार्यकर्ता, विषय विशेषज्ञ, उद्यमी सहित द हिन्दू के वेंकटेश रामकृष्णन, डा. अरविन्द मोहन तथा प्रोफेसर सुधीर पंवार आदि उपस्थित थे।

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