नर कंकाल मिलने से उत्तराखंड शासन-प्रशासन में हडकंप

नर कंकाल मिलने से उत्तराखंड शासन-प्रशासन में हडकंप

किरन कांत

केदार घाटी में बिखरे नर कंकालों में से दिल दहला देने वाला एक दृश्य
केदार घाटी में बिखरे नर कंकालों में से दिल दहला देने वाला एक दृश्य

उत्तराखंड की सरकार लापरवाही की सीमा पार कर चुकी है। केदारनाथ में आई आपदा को एक वर्ष पूरा होने जा रहा है, लेकिन एक वर्ष में रास्ते दुरुस्त करना दूर की बात उत्तराखंड सरकार आपदा के समय असमय मौत की नींद सो चुके लोगों के जंगल में बिखरे कंकाल तक जमा नहीं कर पाई है। सरकार की इस घोर लापरवाही से अधिकाँश लोग दुखी और आक्रोशित हैं।

उल्लेखनीय है कि उत्तराखंड के केदारनाथ में 16 जून को भीषण आपदा आई थी, जिसमें देश भर के हजारों लोग असमय ही जीवन खो बैठे थे, उस समय उत्तराखंड सरकार ने दावा किया था कि मृतकों के शव खोज कर विधि-विधान पूर्वक दाह-संस्कार करा दिया गया है, लेकिन केदार घाटी में नर कंकाल मिलने से सरकार के दावे की असलियत सामने आ गई है।

उत्तराखंड सरकार की घनघोर लापरवाही उस समय सामने आई, जब केदार घाटी के आसपास बर्फ पिघली। बर्फ पिघलने से आपदा में मारे गए लोगों के कंकाल सामने आ गये, जिन्हें देखते ही लोग अवाक रह गये, वहीँ ऐसे मृतकों के परिजन बेहद दुखी हैं, जिनके शव उन्हें नहीं मिल पाये थे। उधर कंकाल जनता के सामने आने से शासन-प्रशासन में उच्च स्तर पर हडकंप मच गया है और मुख्यमंत्री हरीश रावत कोई सटीक जवाब नहीं दे पा रहे हैं।

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