धर्मेन्द्र यादव ने भी खर्चे में नहीं जोड़ी काउंसलिंग फीस

धर्मेन्द्र यादव ने भी खर्चे में नहीं जोड़ी काउंसलिंग फीस

व्यय प्रेक्षक दिनेश कुमार मीना
व्यय प्रेक्षक दिनेश कुमार मीना

23 बदायूँ संसदीय निर्वाचन क्षेत्र के व्यय प्रेक्षक दिनेश कुमार मीना ने कलेक्ट्रेट पहुँचकर प्रत्याशियों द्वारा किए जा रहे चुनाव खर्चों का गहनता से निरीक्षण किया। उन्होंने प्रत्याशियों द्वारा काउंसलिंग फीस चुनाव खर्च में न जोड़ने पर नाराज़गी जताते हुए सभी प्रत्याशियों से काउंसलिंग फीस की धनराशि की जानकारी कर चुनाव खर्च में जोड़ने के निर्देश दिए हैं।
बता दें कि कलेक्ट्रेट स्थित जिलाधिकारी के पुराने मीटिंग हॉल में लेखा टीम द्वारा सहायक व्यय प्रेक्षक के निर्देशन में सभी प्रत्याशियों के चुनाव खर्चे का लेखा-जोखा तैयार किया जा रहा है। व्यय प्रेक्षक श्री मीना ने निरीक्षण में पाया कि बसपा प्रत्याशी अकमल खाँ उर्फ चमन ने अब तक 14,27,089.00, सपा के धर्मेन्द्र यादव ने 5,92,404.00, भारतीय जनता पार्टी के वागीश पाठक ने 6,89,044.00, पीस पार्टी के अजीत पाल ने 1,50,000.00, महान दल के पगलानन्द ने 40,000.00, भारतीय शक्ति चेतना पार्टी के महेन्द्र पाल ने 52,380.00, राष्ट्रीय समानता दल की रीना ने 33,082.00, रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इण्डिया के संतोष कुमार ने 53,940.00, आम आदमी पार्टी की हेमा मेहरा ने 5,78,424.00, निर्दलीय अतुल कुमार 32,050.00, रूपए अब तक खर्च किए हैं। चुनाव खर्चों के हिसाब से बीजेपी के वागीश पाठक ने अब तक सबसे अधिक चुनाव खर्चा किया है। इसके अतिरिक्त अन्य प्रत्याशियों का चुनाव खर्च लेखा टीम को प्राप्त नहीं हुआ है।  निर्वाचन आयोग द्वारा एक प्रत्याशी पर 70 लाख तक खर्च करने की सीमा निर्धारित की है।
श्री मीना ने निरीक्षण में पाया कि आम आदमी पार्टी की हेमा मेहरा के अलावा अन्य किसी प्रत्याशी द्वारा काउंसलिंग फीस चुनाव खर्चें में नहीं जोड़ी है। तत्पश्चात् प्रेक्षक ने वीडीओ अवलोकन रूम में जाकर वहाँ की स्थिति का भी जायज़ा लिया। चुनाव खर्चा लेखा टीम को उपलब्ध न कराने वाले प्रत्याशियों को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं। इस अवसर पर वरिष्ठ कोषाधिकारी प्रवीन कुमार त्रिपाठी, बेसिक शिक्षा विभाग के लेखा अधिकारी बृजेश कुमार, प्रेक्षक के लाईज़िंग ऑफीसर संजय कुमार मौजूद रहे।

प्रयास करें चुनाव के समाचार पेड न्यूज़ में न आयें
लोकसभा सामान्य निर्वाचन-2014 में भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार खरीदी गई खबरों अथवा किसी पार्टी या अभ्यर्थी की विशेष प्रशंसा करते हुए दूसरे दलों की निन्दा करने वाले सामाचार एवं न्यूज़ आर्टिकल जिससे दोनों ही प्रकार से मतदाताओं को प्रभावित किया जा रहा हो, ऐसे समाचार पेड न्यूज़ की श्रेणी में माने जाएंगे।
कलेक्ट्रेट स्थित सभाकक्ष में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित मीडिया प्रमाणन और अनुवीक्षण समिति (एम.सी.एम.सी) की बैठक में प्रिन्ट तथा इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से अपील की कि वह चुनाव सम्बन्धी समाचारों को इस प्रकार लिखें कि समाचार पेड न्यूज़ की श्रेणी में न आने पाएं। जिलाधिकारी ने कहा कि मीडिया प्रमाणन और अनुवीक्षण समिति (एम.सी.एम.सी.) केबिल नेटवर्क, रेडियो, प्रिन्ट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के समाचारों एवं विज्ञापनों पर निगरानी रखेगी।
अपर जिलाधिकारी वि0/रा0 शीलधर सिंह यादव ने कहा कि निर्वाचन आयोग के निर्देशों को दृष्टिगत रखते हुए प्रिन्ट तथा इलेक्ट्रॉनिक मीडिया अपना कार्य करें। इस अवसर पर नगर मजिस्ट्रेट राजेन्द्र प्रसाद यादव, उप जिलाधिकारी दातागंज ओम प्रकाश, मीडिया प्रभारी अशोक कुमार यादव सहित समिति के सभी सदस्यगण तथा इलेक्ट्रॉनिक तथा प्रिन्ट मीडिया मौजूद रही।

Leave a Reply