थाना व ब्लॉक मंडलायुक्त के निशाने पर रहे, गांव मिला ओके

थाना व ब्लॉक मंडलायुक्त के निशाने पर रहे, गांव मिला ओके
  • मण्डलायुक्त ने लोहिया ग्राम तकीपुर सहित वजीरगंज ब्लाक और थाना का किया निरीक्षण
लोहिया ग्राम तकीपुर में निरीक्षण करते मंडलायुक्त डा. गुरदीप सिंह
लोहिया ग्राम तकीपुर में निरीक्षण करते मंडलायुक्त डा. गुरदीप सिंह

बदायूं जिले के ब्लॉक सालारपुर अंतर्गत लोहिया ग्राम तकीपुर में बरेली मण्डल के मण्डलायुक्त डा. गुरदीप सिंह ने शासन की योजनाओं पर तो संतोष व्यक्त किया, लेकिन वजीरगंज थाने में सिपाहियों को अपनी बीट की जानकारी न होने तथा पात्रता एवं बीपीएल सूची के आधार पर इंदिरा आवास हेतु लाभार्थियों के चयन पर असंतोष व्यक्त करते हुए नाराजगी का इजहार किया।
श्री सिंह ने आज जिलाधिकारी सीपी त्रिपाठी, एसएसपी दलवीर सिंह तथा मुख्य विकास अधिकारी उदयराज सिंह के साथ ब्लाक सालारपुर के वर्ष 2012-13 के लोहिया ग्राम तकीपुर में विकास कार्यों का स्थलीय सत्यापन कर जन शिकायतों को सुनने के साथ गावं का भ्रमण किया और आरईएस द्वारा बनाई जा रही सीसी सड़क तथा स्वच्छ शौचालय निर्माण का मौका मुआयना किया।
मण्डलायुक्त ने तकीपुर में ग्रामीणों के साथ खुली बैठक कर विद्युत आपूर्ति की जानकारी हासिल करने के अलावा लोहिया, इंदिरा आवास, स्वच्छ शौचालय के लाभार्थियों को अपने पास बुलाकर निर्माण सम्बंधी जानकारी हासिल करने के साथ जननी सुरक्षा योजना अन्तर्गत प्रसूताओं को उपलब्ध कराई गई धनराशि मिलने की भी पुष्टि की। लैपटाप प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को बुलाकर लैपटाप चलाने के सम्बन्ध में भी मालूमात हासिल की। ग्रामीणों से कोटेदार द्वारा राशन बांटने की भी जानकारी प्राप्त की। इसके अलावा विभिन्न पेंशन, किसान क्रेडिट कार्ड,स्वच्छ पेय जल आदि की विस्तृत जानकारी प्राप्त करने के बाद स्कूल में जाकर शिक्षा कार्य को देखा और एमडीएम, छात्रवृत्ति तथा यूनीफार्म वितरण के सम्बन्ध में पूछताछ की और गांव के आदर्श तालाब का मौका मुआयना भी किया।
मण्डलायुक्त ने वजीरगंज थाना पहुँच कर सर्व प्रथम थाना परिसर का निरीक्षण किया, जिस पर एसएसपी दलवीर सिंह ने मण्डलायुक्त को अवगत कराया कि थाना के पास नाला चोक होने से थाना में पानी भर जाता है, जिससे काफी असुविधा होती है जिसपर जिलाधिकारी सीपी त्रिपाठी ने तहसीलदार बिसौली को निर्देश दिए कि तत्काल नाले का निरीक्षण कर उन्हें अवगत कराया और अधिशासी अधिकारी को निर्देश दिए कि शीघ्र नाले की सफाई कराया जाना सुनिश्चित करें।
मण्डलायुक्त ने थाना अभिलेखों को देखते हुए सिपाहियों के बीट (क्षे़त्र) के सम्बन्ध में जानकारी हासिल कर एक सिपाही को बुलाकर उसको आवंटित बीट के सम्बन्ध में जानकारी ली तो वह बता नहीं पाया, जिस पर मण्डलायुक्त ने कहा कि जब सिपाहियों को अपने क्षेत्र के सम्बन्ध में जानकारी ही नहीं है, तो सुरक्षा व्यवस्था कैसी? एसपी आरए ने थानाध्यक्ष को निर्देश दिए कि सिपाहियों को लिखा पढ़ी में बीट से अवगत कराया जाए। इसके अलावा मण्डलायुक्त ने गुण्डा एक्ट, 107/16 के अभिलेखों को देखने के साथ-साथ मालखाने का भी मौका मुआयना किया।

मण्डलायुक्त ने ब्लाक वजीरगंज कार्यालय का भ्रमण कर निरीक्षण करने के साथ ब्लाक के अभिलेखों को खंगाला तो पाया कि पात्रता एवं बीपीएल सूची में ऊपर के लोगों को अपात्र बनाकर अंत में दर्ज लाभार्थी को पात्र बनाकर इंदिरा आवास देने हेतु चयन कर लिया गया है, जिस पर मण्डलायुक्त ने नाराजगी जताते हुए कहा कि पात्रता सूची बनाते समय यह ग्रामीण अपात्र थे और अब चार-पांच वर्ष में वही लोग मकान बनाने के कारण अपात्र हो गए। उन्होंने कहा कि क्या इससे यह मान लिया जाए कि इतने कम समय में इतने पक्के मकान बन गए तो कुछ वर्षों में कोई गरीब व्यक्ति नहीं रहेगा। विधायक निधि द्वारा कराए गए कार्यों में कार्य से पूर्व के तथा तेरहवां वित्त आयोग द्वारा कराए गए कार्यों में कार्य से पहले तथा बाद के फोटोग्राफ पत्रावली में न पाए जाने पर कड़ी नाराजगी जताते हुए चेतावनी दी कि भविष्य में इस प्रकार की त्रुटियों को क्षम्य नहीं किया जाएगा। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी प्रशासन मनोज कुमार, डीआरडीए के परियोजना निदेशक राम रक्षपाल, जिला विकास अधिकारी प्रदीप कुमार सोम, उप जिलाधिकारी सदर प्रदीप कुमार यादव, तकीपुर के प्रधान राजेश सिंह सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारी और ग्रामीण मौजूद रहे।
                   

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