डा. गोपाल दास ‘नीरज’ की पुस्तक ‘काव्यांजलि’ का विमोचन

डा. गोपाल दास ‘नीरज’ की पुस्तक ‘काव्यांजलि’ का विमोचन
  • नीरज जी की कविताओं में समाज के विभिन्न सरोकारों तथा मानव मन की सभी भावनाओं का समावेश है: राज्यपाल 
 
  • नीरज जी किसी परिचय के मोहताज नहीं, वे अन्तर्राष्ट्रीय स्तर की शख्सियत हैं: मुख्यमंत्री 
 
  • नीरज जी बहुत बड़े कवि और उच्चकोटि के साहित्यकार हैं, उन्हें भारत रत्न मिलना चाहिए: शिवपाल सिंह यादव 
 
  • नीरज जी हम सभी के लिए प्रेरणादायी हैं: मोहम्मद आजम खाँ
पद्मभूषण डा. गोपाल दास ‘नीरज’ की पुस्तक ‘काव्यांजलि’ का विमोचन करते राज्यपाल बी.एल. जोशी, मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, वरिष्ठ कैबिनेट मंत्री शिवपाल सिंह यादव और वरिष्ठ कैबिनेट मंत्री मोहम्मद आजम खां।
पद्मभूषण डा. गोपाल दास ‘नीरज’ की पुस्तक ‘काव्यांजलि’ का विमोचन करते राज्यपाल बी.एल. जोशी, मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, वरिष्ठ कैबिनेट मंत्री शिवपाल सिंह यादव और वरिष्ठ कैबिनेट मंत्री मोहम्मद आजम खां।
उत्तर प्रदेश के राज्यपाल बी.एल. जोशी ने आज उत्तर प्रदेश भाषा संस्थान व हेल्प यू एजुकेशनल एण्ड चैरिटेबल ट्रस्ट के संयुक्त तत्वावधान में इन्दिरा गांधी प्रतिष्ठान, गोमती नगर में आयोजित एक कार्यक्रम में पद्मभूषण डा. गोपाल दास ‘नीरज’ की पुस्तक ‘काव्यांजलि’ का विमोचन किया। उन्होंने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि नीरज जी को किसी परिचय की आवश्यकता नहीं है। उनकी कविताओं में समाज के विभिन्न सरोकारों तथा मानव मन की सभी भावनाओं का समावेश है। उन्होंने नीरज जी की दीर्घायु की कामना करते हुए कहा कि उनकी कविताओं में इतना दम है कि श्रोता बरबस खिंचे चले आते हैं।
इसी कार्यक्रम के दौरान नीरज जी द्वारा रचित दो अन्य पुस्तकों ‘नीरज संचयन’ तथा ‘नीरज के संग कविता के सात रंग’ का भी विमोचन किया गया। नीरज संचयन का विमोचन करते हुए मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि आज का दिन यादगार है और हम सभी यहां नीरज जी के सम्मान में एकत्रित हुए हैं। उन्होंने कहा कि किताबें हमारी सबसे अच्छी दोस्त हैं। नीरज जी किसी परिचय के मोहताज नहीं, वे एक अन्तर्राष्ट्रीय स्तर की शख्सियत हैं। उनकी कविता सुनने दूर-दूर से लोग आते हैं और देर रात तक उनको सुनने का इंतजार करते रहते हैं। उन्होंने कहा कि नीरज जी ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज को रास्ता दिखाने का काम किया है। फिल्मों में लिखे गए उनके गीतों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि नीरज जी द्वारा रचित अनेक गीत बहुत प्रसिद्ध हुए। उन्होंने कहा कि आजकल ऐसे गीत लिखे नहीं जाते हैं।
श्री यादव ने कहा कि समाजवादी लोग साहित्यकारों का बहुत सम्मान करते हैं। उन्होंने कहा कि नीरज जी की विरासत को सहेजना हम सबका कर्तव्य है, उन्होंने हर मंच पर और अपनी रचनाओं के माध्यम से सदैव हिन्दी भाषा का सम्मान बढ़ाया है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर लोक निर्माण मंत्री शिवपाल सिंह यादव को आज उनके जन्मदिन पर बधाई भी दी।
नीरज जी की तीसरी पुस्तक ‘नीरज के संग-कविता के सात रंग’ का विमोचन करते हुए लोक निर्माण मंत्री शिवपाल सिंह यादव ने कहा कि नीरज जी बहुत बड़े कवि हैं और उच्चकोटि के साहित्यकार हैं। उन्होंने कहा कि साहित्यकारों का हमेशा सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने नीरज जी को भारत रत्न दिए जाने की भी मांग की।
कार्यक्रम के दौरान अपने विचार व्यक्त करते हुए नगर विकास मंत्री मोहम्मद आजम खाँ ने कहा कि नीरज जी इन ऊंचाइयों तक ऐसे ही नहीं पहुंचे, उन्होंने यह मुकाम हासिल करने के लिए बड़ी मेहनत की है। उन्होंने कहा कि नीरज जी हम सभी के लिए प्रेरणादायी हैं। उन्होंने नीरज जी की दीर्घायु की कामना भी की। उन्होंने नीरज जी के पुत्र डा. अरस्तू प्रभाकर द्वारा रचित एक अन्य पुस्तक ‘भावार्थ रत्नाकर (ज्योतिष ग्रंथ)’ का विमोचन भी किया।
कार्यक्रम को कार्यकारी अध्यक्ष उत्तर प्रदेश हिन्दी संस्थान व पूर्व सांसद उदय प्रताप सिंह तथा अन्य वक्ताओं ने भी सम्बोधित किया।
इससे पूर्व, कार्यक्रम का शुभारम्भ राज्यपाल, मुख्यमंत्री तथा अन्य मंचासीन महानुभावों को बुके भेंट कर तथा दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया। राज्यपाल, मुख्यमंत्री तथा अन्य मंचासीन महानुभावों को स्मृति चिन्ह तथा शॉल भी भेंट किए गए। इस अवसर पर डा. गोपाल दास ‘नीरज’ ने अपनी कुछ रचनाओं का पाठ भी किया। मुख्यमंत्री ने नीरज जी को हार पहनाकर एक स्मृति चिन्ह भी भेंट किया। कार्यक्रम में बेकल उत्साही, मुनव्वर राणा, सरिता शर्मा तथा अन्य नामचीन साहित्यकार सहित बड़ी संख्या में नीरज जी के समर्थक तथा साहित्य प्रेमी मौजूद थे।

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