टीपू सुल्तान की उपेक्षा पर मुझे अफ़सोस है: आजम

टीपू सुल्तान की उपेक्षा पर मुझे अफ़सोस है: आजम
  • टीपू सुल्तान जैसी महान शख्सियतों की याद को बनाये रखने के लिये हर कोशिश की जानी चाहिये: आज़म खाँ
  • क्षत्रिय महासभा की ओर से आज़म खाँ को स्मृति चिन्ह के रूप में एक तलवार भेंट
प्रदेश के नगर विकास एवं अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री आज़म खाँ
प्रदेश के नगर विकास एवं अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री आज़म खाँ
प्रदेश के नगर विकास एवं अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री आज़म खाँ ने टीपू सुल्तान जैसे व्यक्तित्व की इतिहास में की गई उपेक्षा पर अफसोस जताते हुये कहा कि जरूरत इस बात की है कि इस तरह की प्रेरणात्मक शख्सियतों को जिंदा रखने का काम किया जाये, ताकि वर्तमान की युवा पीढ़ी और आने वाली नस्लें उन के बारे में जानें और उन पर फख़्र महसूस करें। उन्होंने कहा कि इतिहास द्वारा नजरअंदाज किये जाने वाले मौलाना मोहम्मद अली जौहर की याद में उन्होंने रामपुर में जौहर यूनीवर्सिटी स्थापित कर उन जैसी शख्सियत को जिंदा रखने की कोशिश की है। इसी तरह अन्य व्यक्तियों और संगठनों को भी इतिहास द्वारा भुला दी गयी शख्सियतों की याद को जिन्दा रखने का प्रयास करना चाहिये।
आज़म खाँ आज यहाँ पर्यटन भवन के सभागार में टीपू सुल्तान के जन्म दिवस पर ग़नी तालीमी मरकज़ द्वारा आयोजित ‘राष्ट्रीय एकता में टीपू सुल्तान का योगदान’ विषयक सेमिनार को मुख्य अतिथि के रूप में सम्बोधित कर रहे थे। संस्था के संस्थापक अब्दुल नसीर नासिर द्वारा टीपू सुल्तान की याद बनाये रखने के लिये किये जा रहे प्रयासों की आज़म खाँ ने सराहना करते हुये कहा कि अन्य व्यक्तियों और संस्थाओं को नासिर के प्रयासों से प्रेरणा लेनी चाहिये।
आज़म खाँ ने कहा कि टीपू सुल्तान की याद को बनाये रखने के लिये वह जौहर यूनीवर्सिटी की लाइब्रेरी में टीपू सुल्तान का एक सेक्शन खोलने की कोशिश करेंगे। इस कोशिश की कामयाबी के लिये जरूरी है कि जिन लोगों के पास टीपू सुल्तान से जुड़ी सामग्री, दस्तावेज और पुस्तकें व पाण्डुलिपियाँ हैं, वे इन सब को लाइब्रेरी के इस सेक्शन को डोनेट करें। इस अवसर पर उर्दू भाषा में अच्छे अंक प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं को संस्था की ओर से आज़म खाँ ने पुरस्कृत किया। साथ ही, क्षत्रिय महासभा की ओर से आज़म खाँ को स्मृति चिन्ह के रूप में एक तलवार भेंट की गयी।

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