जनहित गारंटी अधिनियम के तहत पुलिस की जवाबदेही तय

जनहित गारंटी अधिनियम के तहत पुलिस की जवाबदेही तय
  • निश्चित समय सीमा के अंदर काम न करने वालों पर कसा जाएगा शिकंजा
जनहित गारंटी अधिनियम के तहत पुलिस की जवाबदेही तय
जनहित गारंटी अधिनियम के तहत पुलिस की जवाबदेही तय

उत्तर प्रदेश की जनता के लिए खुशखबरी है। जनहित गारंटी अधिनियम-2011 के तहत अधिकारियों की अब जवाबदेही निश्चित कर दी गई है। अब किसी तरह का कोई बहाना काम नहीं आयेगा और लापरवाह सीधे नपेंगे।

लखनऊ स्थित एनेक्सी के मीडिया सेंटर में विशेष सचिव (गृह) जयप्रकाश त्रिवेदी ने पत्रकारों को बताया कि जनहित गारंटी अधिनियम-2011 के तहत फिल्म शूटिंग की संस्तुति और अनुमति के लिए थानेदार के पास दस दिन का समय होगा, साथ ही अपील की अवस्था में क्षेत्राधिकारी को पांच दिन का समय दिया गया है। पासपोर्ट के आवेदन पत्र का सत्यापन अब 15 दिन के अन्दर करना ही होगा, साथ ही नोडल अधिकारी के रूप में सीधे एसएसपी, एसपी या उनके प्रतिनिधि जिम्मेदार होंगे एवं लापरवाही की अवस्था में निस्तारण एसएसपी के पास पांच दिन का ही होगा, इस मामले में डीआईजी को दूसरा अपीलीय अधिकारी बनाया गया है। चरित्र सत्यापन के लिए 15 होंगे और क्षेत्राधिकारी नोडल अधिकारी रहेंगे, जिसके अपीलीय अधिकारी अपर पुलिस अधीक्षक रहेंगे, इसके अलावा निर्विवाद सार्वजनिक कार्यक्रम, सभा, जुलूस वगैरह के आयोजन की अनुशंसा के लिए थानाध्यक्ष को एक दिन का समय दिया गया है और क्षेत्राधिकारी प्रथम अपीलीय अधिकारी के रूप में एक दिन में ही निस्तारण करेंगे, वरना एसएसपी द्वितीय अपीलीय अधिकारी के रूप में खुद देखेंगे। इसी तरह पोस्टमार्टम रिपोर्ट के लिए पांच दिन का समय निश्चित किया गया है। शासन के इस आदेश का पालन अक्षरशः हो गया, तो वाकई आदमी को बड़ी राहत मिलेगी।

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