ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गतिशील बनाने की जरूरत: अखिलेश

ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गतिशील बनाने की जरूरत: अखिलेश

  • मुख्यमंत्री ने पंजाब में आयोजित प्रोग्रेसिव पंजाब एग्रीकल्चर समिट-2014 (किसान सम्मेलन) को सम्बोधित किया

 

  • देश की प्रगति एवं खुशहाली के लिए किसानों एवं ग्रामीण क्षेत्रों का विकास होना अत्यन्त आवश्यक: मुख्यमंत्री

 
 

पंजाब में आयोजित प्रोग्रेसिव पंजाब एग्रीकल्चर समिट-2014 (किसान सम्मेलन) में अन्य मुख्यमंत्रियों और मंत्रियों के साथ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव
पंजाब में आयोजित प्रोग्रेसिव पंजाब एग्रीकल्चर समिट-2014 (किसान सम्मेलन) में अन्य मुख्यमंत्रियों और मंत्रियों के साथ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव
 
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि देश की प्रगति एवं खुशहाली के लिए किसानों एवं ग्रामीण क्षेत्रों का विकास होना अत्यन्त आवश्यक है। इसके लिए कृषि को लाभकारी बनाना होगा। किसानों को उनकी उपज का लाभकारी मूल्य दिलाने के लिए बाजार की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी। उन्होंने कहा कि दुनिया में वही देश मजबूत होकर सामने आए हैं, जहां पर किसानों ने तरक्की की है।
मुख्यमंत्री आज मोहाली, पंजाब में आयोजित प्रोग्रेसिव पंजाब एग्रीकल्चर समिट-2014 (किसान सम्मेलन) में अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। उन्होंने कहा कि यह समिट देश के किसानों के हित में उठाया गया एक ऐतिहासिक कदम है। यह एक अनूठा अवसर है, जब देश के उद्यमी, विशेषज्ञ तथा किसान राष्ट्र के खाद्यान्न उत्पादकों की नियति को बदलने के लिए एक मंच पर इकट्ठा हुए हैं। उद्यमियों एवं किसानों के बीच बेहतर तालमेल की आवश्यकताओं पर बल देते हुए उन्होंने कहा कि यह समिट देश के इन तीनों क्षेत्रों के लोगों के आपसी सहयोग की प्रशंसनीय शुरुआत है।
श्री यादव ने कहा कि भारत एक कृषि प्रधान देश है तथा यहां की अधिकांश आबादी को रोजगार कृषि सम्बन्धी कार्यों के माध्यम से ही मिलता है। इसलिए ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गतिशील बनाने की जरूरत है। इसके लिए राज्य और केन्द्र सरकारों के साथ-साथ उद्योगपतियों को भी आगे आना होगा। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार किसानों की जोतों को लाभकारी बनाने तथा उनकी आमदनी बढ़ाने के उद्देश्य से अनेक कदम उठा रही है।
इस समिट के आयोजन के लिए पंजाब राज्य के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि किसानों के हित में उठाए गए किसी भी कदम के लिए उत्तर प्रदेश सरकार अपना पूरा सहयोग देने के लिए कृत संकल्प है।
समिट को छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, आन्ध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री चन्द्र बाबू नायडू, पाकिस्तान के पंजाब प्रान्त के कृषि मंत्री डा. फारुख जावेद, बिहार के कृषि मंत्री नागिन्दर सिंह, पश्चिम बंगाल के कृषि मंत्री मोइली घटक, गुजरात के कृषि मंत्री बाबू भाई बोखिरिया सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी सम्बोधित किया।

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