गन्ना किसानों के आत्म हत्या की खबरें असत्य एवं भ्रामक

गन्ना किसानों के आत्म हत्या की खबरें असत्य एवं भ्रामक
गन्ना किसानों के आत्म हत्या की खबरें असत्य एवं भ्रामक
गन्ना किसानों के आत्म हत्या की खबरें असत्य एवं भ्रामक
प्रदेश के प्रमुख सचिव चीनी उद्योग एवं गन्ना विकास राहुल भटनागर ने गन्ना मूल्य बकाया होने के कारण जनपद लखीमपुर खीरी के कृषक छोटे लाल द्वारा आत्महत्या किए जाने सम्बन्धी समाचार को पूरी तरह असत्य एवं भ्रामक बताया है। उन्होंने कहा कि तहसील लखीमपुर के थाना नीमगांव स्थित ग्राम पकरिया के निवासी छोटे लाल की मृत्यु का जो कारण बताया गया, वह जांच कराने पर पूर्णतः असत्य एवं भ्रामक पाया गया।
प्रमुख सचिव के अनुसार लखीमपुर खीरी के जिला गन्ना अधिकारी ने अवगत कराया कि मृतक छोटे लाल के नाम 0.452 हे0 भूमि है। पिछले पेराई सत्र में उन्होंने कुम्भी चीनी मिल को दो पर्चियों पर गन्ना आपूर्ति की थी। इसके तहत 25 दिसम्बर, 2012 को 22.77 कुन्तल तथा 16 मार्च, 2013 को 24.55 कुन्तल, इस प्रकार कुल 47.72 कुन्तल गन्ना उक्त चीनी मिल को दिया गया था। इसका सम्पूर्ण भुगतान चीनी मिल कुम्भी ने मृतक के बैंक आफ बड़ौदा शाखा नीमगांव के खाता संख्या-16600100014412 में पोस्टिंग हेतु इस वर्ष जनवरी तथा अप्रैल माह में भेज दिया गया था। इसके अन्तर्गत चीनी मिल कुम्भी ने 28 जनवरी, 2013 को 6176 रुपए तथा 27 अप्रैल, 2013 को 6767 रुपए मृतक के बैंक खाते में पोस्टिंग हेतु भेज दिए थे। इससे स्पष्ट है कि वर्तमान में मृतक कृषक का कोई गन्ना मूल्य भुगतान अवशेष नहीं है।
श्री भटनागर ने कहा कि लखीमपुर खीरी के जिलाधिकारी द्वारा अवगत कराया गया है कि जांच में यह संज्ञानित हुआ कि छोटे लाल द्वारा आत्महत्या पारिवारिक कलह के कारण की गई है। इस प्रकार स्पष्ट है कि मृतक का कोई गन्ना मूल्य चीनी मिल कुम्भी पर बकाया नहीं है। कुछ दिन पूर्व भी एक कृषक के सम्बन्ध में ऐसी खबर प्रकाशित हुई थी। यह समाचार भी असत्य था, क्योंकि मृतक सत्यपाल का भी कोई गन्ना मूल्य भुगतान अवशेष नहीं था। उन्होंने कहा कि ऐसी खबरों से समाज में भ्रम की स्थिति पैदा होती है। उन्होंने इस प्रकार की खबरों के प्रकाशन से पूर्व सम्बन्धित अधिकारी से पुष्टि कर लेने का आग्रह किया है, ताकि लोगों को तथ्यात्मक जानकारी मिल सके।
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