कुपोषण ग्रस्त जिलों को न्यूट्रीफार्म परियोजना से सुधारें: रंजन

कुपोषण ग्रस्त जिलों को न्यूट्रीफार्म परियोजना से सुधारें: रंजन
कुपोषण प्रभावित जिलों में न्यूट्रीफार्म परियोजना से सुधार करें: रंजन
कुपोषण प्रभावित जिलों में न्यूट्रीफार्म परियोजना से सुधार करें: रंजन

कृषि उत्पादन आयुक्त आलोक रंजन ने अपने सभा कक्ष में न्यूट्रीफार्म की बैठक की अध्यक्षता करते हुए प्रदेश में खाद्यान उत्पादन के साथ-साथ पोषक तत्व से भरपूर खाद्यान की उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु भारत सरकार द्वारा संचालित न्यूट्री-फार्म परियोजना का क्रियान्वयन प्रदेश के 32 जनपदों में किया जा रहा है। उन्होंने कृषि विभाग को निर्देश दिया कि उत्तर प्रदेश के 32 जनपद चिन्हित किये गये हैं। कुपोषण की स्थिति को ठीक करने हेतु प्रथम बार कृषि विभाग द्वारा यह प्रयास किया जा रहा है कि वैज्ञानिकों ने जिन प्रजातियों में पोषक तत्वों की उपलब्धता अधिक है, उन्हीं के उत्पादन एवं उससे बने हुए आहार को जनपदों में उपलब्ध कराया जाए। जिससे की जन सामान्य उन्हीं प्रजातियों को अपने खतों पर उत्पादित करें तथा उनकी बने हुए उत्पाद का सेवन भी करें। इससे प्रदेश के कुपोषित जिलों में कुपोषण की समस्या का समाधान होगा और आम जनता को योजना का सीधा लाभ पहुंचेगा और इससे रोजगार के अवसर भी उपलब्ध होंगे। इस परियोजना के माध्यम से यह भी प्रयास किया जा रहा है कि न्यूट्री प्रजातियों के उत्पाद में वैल्यू एडिशन करते हुए किसान भाई अपनी आमदनी भी बढ़ा सकते हैं।

कृषि उत्पादन आयुक्त ने चिन्हित की गई प्रजातियों के प्रचार-प्रसार के लिए अधिकारियों को जिम्मेदारी सौपी और खरीफ-2013 में काला नमक धान की प्रजाति को बढ़ावा देने हेतु कृषकों के खेतों पर प्रदर्शन कराये गये हैं, क्योंकि काला नमक प्रजाति में जिंक, आयरन एवं मैंगनिज की अधिकता है। इसी प्रकार रबी की मुख्य फसल गेंहू की प्रजाति हलना, उन्नत हलना एवं शताब्दी प्रजाति में येलो पीगमेंट, जिंक एवं आयरन की अधिकता है। उन्होंने प्रदेश में कुपोषित जनपदों तथा सहारनपुर, मेरठ, अलीगढ़, इटावा, औरेया, चित्रकूट, चन्दौली, गाजीपुर, सन्तकबीरनगर, उन्नाव एवं बाराबंकी जैसे जनपदों में गेंहूं की न्यूट्री प्रजाति को बढ़ाने के लिए प्रयास करने पर बल दिया। बैठक में प्रमुख सचिव, कृषि देबाशीष पाण्डा, प्रबन्ध निदेशक एफ0ए0सी0 प्रवेश शर्मा, निदेशक कृषि डी0एम0 सिंह, विशेष सचिव कृषि निखिल चन्द्र शुक्ला, निदेशक मण्डी परिषद अनूप यादव, निदेशक रिसर्च श्रेयार्ड इलाहबाद श्री डा0 ए0 ब्राडवे सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।

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