कलम के धनी राजनेता अरुण नेहरू का निधन

कलम के धनी राजनेता अरुण नेहरू का निधन
दिवंगत अरुण नेहरू का फाइल फोटो
दिवंगत अरुण नेहरू का फाइल फोटो

नेताओं को अमूमन लिखने-पढ़ने की आदत कम और बोलने की ज़्यादा होती है, पर अरुण नेहरू अपवाद थे। वे समसामयिक मुद्दों पर पत्रकारों से अधिक लिखते थे और पढ़े भी जाते थे। स्वभाव से गंभीर अरुण नेहरू लगभग हर मुद्दे पर बचकानी टिप्पणी से दूर रहे, पर किसी भी मुद्दे पर वे लिखने से कभी नहीं चूके।

सिगरेट उनकी मानो पहचान बन चुकी थी। कभी कोई नेता या अफसर काम लेकर उनसे मिलने जाता तो उन्होंने शायद ही कभी मना किया हो, पर इसका अर्थ यह भी नहीं कि वे हर जायज़-नाजायज़ काम करने को तैयार रहते थे। काम लेकर जाने वाला कोई व्यक्ति जब भी उनके सामने बैठता तो वे सिगरेट के कश लगाते हुए उस पर उड़ती सी नज़र डालकर कहते, हाँ बताइये। आदमी पूरी तल्लीनता से उन्हें सुनाना शुरू करता। इस बीच वे किसी न किसी फाइल में उलझे रहते। व्यक्ति जब लगभग दस मिनट बोल चुका होता तो वे फिर नज़र उठाकर कहते, हाँ, आप क्या कह रहे थे? बेबस आदमी फिर शुरू होता। इस बार वह आधी बातें छोडकर अधिक ज़रूरी बात से शुरू करता, पर अरुण नेहरू फिर आधी बात बीच में रोककर पूछते, आप क्या कह रहे थे? ऐसा वे तीन-चार बार कर लेते। इस बीच वह व्यक्ति समझ जाता कि यहाँ कुछ भी कहना बेकार है और नमस्ते करके चला जाता।  अपने इस व्यवहार पर वे बेबाक हँसते हुए कहते, कि ऐसे सबकी सुनता रहा तो कर चुका कुछ और काम।

राजीव गांधी सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे उन्हीं अरुण नेहरू का आज गुड़गांव के एक अस्पताल में निधन हो गया है।  वे कुछ दिनों से वे बीमार चल रहे थे जिसके कारण उन्हें गुड़गांव के फोर्टिस अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

लखनऊ में जन्मे अरुण नेहरू तीन बार बार सांसद रह चुके थे। कांग्रेस से राजनीतिक पारी की शुरुआत करने के कुछ समय बाद वे जनता दल में चले गये थे। उनके निधन की सूचना से सभी वर्गों में शोक की लहर दौड़ गयी।

One Response to "कलम के धनी राजनेता अरुण नेहरू का निधन"

  1. Dalawrhussain   May 24, 2015 at 7:18 AM

    I feel so much happier now I unsredtand all this. Thanks!

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