कर्ज में डूबे गन्ना किसान की मौत पर किसान भड़के, पथराव

कर्ज में डूबे गन्ना किसान की मौत पर किसान भड़के, पथराव
चीनी मिल के गेट पर चिता को जलाने का प्रयास करते आक्रोशित परिजन और किसान
चीनी मिल के गेट पर चिता को जलाने का प्रयास करते आक्रोशित परिजन और किसान

गन्ना किसानों को लेकर सरकार सिर्फ बयानबाजी ही कर रही है, जिसका दर्दनाक दुष्परिणाम आज उत्तर प्रदेश के जिला लखीमपुर खीरी में देखा गया। यहाँ कर्ज में डूबे एक किसान की खुदकुशी करने के बाद आक्रोशित किसानों ने मिल में जमकर हंगामा किया। फायरिंग के साथ भीड़ को पानी की बौछारों से काबू करने का प्रयास किया गया।

बताया जाता है कि गन्ना बकाये का भुगतान न होने के कारण कर्ज में दबे लखीमपुर के गाँव बस्तौली निवासी किसान सत्यपाल ने कल आत्महत्या कर ली थी। मृतक ने सुसाइड नोट में भी यही लिखा था। यह भी बताया जाता है कि सत्यपाल का क्षेत्रीय चीनी मिल पर 50 हजार रुपये बकाया है, जो नहीं मिल पा रहा था, साथ ही भूमि विकास बैंक, इलाहाबाद बैंक और साधन सहकारी समिति के कर्ज ने उसकी नींद उड़ा रखी थी।

किसान की मौत और सुसाइड नोट में लिखी बातों से गाँव और आसपास के लोग बेहद भावुक थे। लोगों का गुस्सा आज फूट पड़ा और आक्रोशित किसानों ने लखीमपुर-खीरी की गुलेरिया चीनी मिल पर धावा बोल दिया। पोस्टमार्टम के बाद भीड़ सत्यपाल का शव लेकर मिल गेट पर पहुंच गई और गेट पर शव रखकर चिता को आग लगानी शुरू कर दी। भीड़ ने मिल में तोड़फोड़ और पथराव भी शुरू कर दिया। कुछ कर्मचारियों को भी पीटा गया। इसी बीच मिल के सुरक्षाकर्मियों ने फायरिंग शुरू कर दी और कई राउंड गोलियां चला दीं। पानी की बौछारें छोड़ी गईं, पर आक्रोशित किसान डटे रहे। कई किसान घायल भी हुए हैं, लेकिन किसान मौके से तब ही गये, जब प्रशासन ने सत्यपाल के परिवार को मुख्यमंत्री राहत कोष से पांच लाख रुपये देने का आश्वासन दे दिया।

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