दुनिया में कब बोलेगा मेड इन इंडिया का डंका: मोदी

दुनिया में कब बोलेगा मेड इन इंडिया का डंका: मोदी

– आकर्षण भाषण देकर युवाओं को बनाया फैन

– गुडगवर्नेस के माध्यम से सुराज लाने की बात कही

दिल्ली के श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स में छात्रों को संबोधित करते नरेंद्र मोदी
दिल्ली के श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स में छात्रों को संबोधित करते नरेंद्र मोदी

हमें स्वराज्य तो मिल गया, लेकिन आज आजादी के 60 साल बाद भी देश सुराज के लिए चिंतित है। निराशा में डूबे देश को गुडगवर्नेस के माध्यम से सुराज दिया जा सकता है।

उक्त विचार गुजरात के लोकप्रिय मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के हैं। वह आज दिल्ली के श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स में छात्रों को संबोधित करते थे। उन्होंने कहा कि आजादी के 60 साल बाद भी देश सुराज के लिए चिंतित है और पूरे देश में निराशा का माहौल है। बोले- ‘मैं पटेल और गांधी की धरती से आ रहा हूं, जिन्होंने अपनी जवानी देश को स्वराज्य दिलाने के लिए जेलों में बिता दी, उनके प्रयासों से हमें स्वराज्य तो मिल गया, लेकिन आज आजादी के 60 साल बाद भी देश सुराज के लिए चिंतित है।

नरेंद्र मोदी ने आगे कहा कि भारत में नौजवानों की संख्या सबसे अधिक है, फिर भी देश के भीतर निराशा का माहौल है। युवाओं को केवल वोटर नहीं मानें। युवा हमारी शक्ति हैं। इस शक्ति को प्रयोग करने की जरूरत है। उन्होंने पानी से भरे आधे ग्लास का उदाहरण देते हुए कहा कि मेरे लिए ग्लास आधा पानी से भरा और आधा हवा से भरा हुआ है। गुजरात में हुए विकास को सामने रखते हुए मोदी ने कहा कि गुजरात में एक तरफ रेगिस्तान और दूसरी तरफ पाकिस्‍तान है। इसके बावजूद गुजरात में कृषि विकास दर 10 प्रतिशत से ज्यादा है। उन्होंने कहा कि गुजरात में कृषि के साथ उद्योग और सर्विस सेक्टर में भी समान विकास हुआ है। मोदी ने कहा कि दिल्ली में जो दूध आता है, वो गुजरात से आता है, आप चाय गुजरात के दूध की पीते हैं और अफगानिस्तान के लोग गुजरात का टमाटर खाते हैं, साथ ही कहा कि यूरोप के लोगों के लिए भिंडी भी गुजरात से ही जाती है, इसीलिए गुजरात के किसानों की आय तेजी से बढ़ी है। उन्होंने कहा कि एक तरफ जहां देश में जल स्तर घट रहा है, वहीं गुजरात का जल स्तर बढ़ रहा है।

मोदी ने युवाओं को लुभाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। बोले- आप देश में किसी परिवार से पूछिए, तो वह बताता है कि मेरे बच्चे को अच्छी शिक्षा चाहिए। मित्रों, हम देश में अच्छी शिक्षा की व्यवस्था क्यूं नहीं कर सकते हैं। हम पूरी दुनिया से सब कुछ एक्सपोर्ट करते हैं। हम टीचर एक्सपोर्ट क्यूं नहीं करते। हम भारत को एक विजन के साथ देखते हैं। हमने टेक्नॉलजी अपग्रेडेशन की उपेक्षा की है। इसी वजह से आज भारत कई दशक दुनिया के विकसित देशों से पीछे है। उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया भारत को बाजार के रूप में देख रही है। सच यह है कि भारत को लोग बाजार नहीं डंपिंग ग्राउंड की तरह प्रयोग कर रहे हैं। मित्रों, होना तो यह चाहिए कि हम पूरी दुनिया को बाजार बना दें। हम कब-तक बाजार बने रहेंगे? हम कब तक मेड इन जापान और मेड इन चीन सुनते रहेंगे? मेड इन इंडिया का ढोल कब गूंजेगा? बोले- हम अपनी चीजों की ब्रैंडिंग नहीं कर पा रहे हैं। जिस तरह से साउथ कोरिया ने विकास का डंका पीटा, उसे पूरी दुनिया ने स्वीकार किया। हम क्यों नहीं कर पा रहे हैं? हम साउथ कोरिया से क्यों नहीं सीख पा रहे हैं। छात्र-छात्राओं के लिए मोदी का भाषण अंत तक रोचक रहा और सभी ने मोदी का एक-एक शब्द बड़े ध्यान से सुना। मोदी के भाषण को लेकर छात्र-छात्राएं कई दिन पहले से ही बेहद उत्साहित नज़र आ रहे थे।

बेअसर रहा विरोध प्रदर्शन

ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन के बैनर तले कुछ छात्र-छात्राओं ने मोदी के विरोध में प्रदर्शन भी किया। प्रदर्शनकारियों ने मोदी विरोधी नारे लगाते हुए उन्हें वापस भेजने की मांग की। कॉलेज प्रबंधन ने श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स में छात्र-छात्राओं के बीच पोल कराया था, जिसमें नरेंद्र मोदी को वक्ता के रूप में चुना गया था। प्रदर्शन की आशंका पहले से ही थे, इसलिए पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पहले से ही कॉलेज के बाहर धारा 144 लागू कर दी थी, इसलिए प्रदर्शन बेअसर रहा।

 

 

 

 

 

 

 

 

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