एसएसपी खुद एके-47 के बीच और जनता भगवान भरोसे

एसएसपी खुद एके-47 के बीच और जनता भगवान भरोसे
बाइक पर मस्ती करते एसएसपी हरिद्वार राजीव स्वरूप
बाइक पर मस्ती करते एसएसपी हरिद्वार राजीव स्वरूप

                                                         किरन कांत

उत्तराखंड के हरिद्वार जिले में आपराधिक वारदातों की बाढ़ आई हुई है। आम आदमी त्राहि-त्राहि कर रहा है। दहशत का आलम यह है कि लोग जंगल की ओर जाने से कांपने लगे हैं, लेकिन आम जनता को भयमुक्त वातावरण देने की जगह वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राजीव स्वरूप ने खुद की सुरक्षा में मुख्यमंत्री की तरह कमांडों तैनात कर रखे हैं। उनकी सुरक्षा में तैनात अत्याधुनिक हथियारों से लैस कमांडों पूरे उत्तराखंड में चर्चा का विषय बने हुए हैं।

स्वूमिंग पूल के किनारे बैठे एसएसपी हरिद्वार राजीव स्वरूप
स्वूमिंग पूल के किनारे बैठे एसएसपी हरिद्वार राजीव स्वरूप

पहले हरिद्वार जिले में हुई वारदातों की बात करें, तो पिछले तीन महीनों में हरिद्वार के रुड़की में सांप्रदायिक दंगे हो चुके हैं। एक दर्जन से अधिक गोली मारने की घटनायें हो चुकी हैं। पिछले 6 महीनों में रेप और गैंग रेप के 36 और छेड़छाड़ की 11 घटनायें सामने आ चुकी हैं, जिनमें अभी तक एक भी घटना का खुलासा नहीं हुआ है। इसी तरह चेन स्नेचिंग की सात, लूट की दो, ङकैती की तीन और दहेज़ हत्या की पांच वारदातें हो चुकी हैं। इसके अलावा पिछले तीन महीनों में एक प्रापर्टी डीलर सहित हत्या की करीब एक दर्जन जघन्य वारदातें घटित हो चुकी हैं। पिछले बीस दिनों में गैंग रेप की दो बड़ी सनसनीखेज वारदातें भी हो चुकी हैं, जिससे आम आदमी दहशत में है और हर समय किसी न किसी अनहोनी को लेकर डरा-सहमा नज़र आ रहा है, पर हरिद्वार के एसएसपी ने आम आदमी को सुरक्षा देने की जगह खुद की सुरक्षा में अत्याधुनिक हथियारों से लैस डेढ़ दर्जन से अधिक कमांडों तैनात कर रखे हैं।

स्पेशल कमांडों की सुरक्षा में आते एसएसपी हरिद्वार राजीव स्वरूप
स्पेशल कमांडों की सुरक्षा में आते एसएसपी हरिद्वार राजीव स्वरूप

एसएसपी कहीं भी जाते हैं, उनके यह स्पेशल कमांडों साये की तरह साथ जाते हैं। सड़क पर वह मुख्यमंत्री की तरह ही निकलते हैं। इतना ही नहीं, उनके यह कमांडों ऑफिस में भी उनके पीछे एक दम सतर्कता के साथ तैनात रहते हैं। बताया जाता है कि एसएसपी के साथ चलने वाले कमांडों की तीन सिफ्ट बना रखी हैं। उनकी सुरक्षा में तैनात 18 कमांडों पर हो रहे खर्च को जोड़ा जाये, तो पांच लाख रूपये महीने से अधिक है, साथ ही एके-47 जैसी अत्याधुनिक रायफल भी बेवजह लगी हुई हैं और कमांडों को बैठने के लिए दो अतिरिक्त गाड़ियाँ उनके साथ चलती हैं, इतना ही नहीं, एसएसपी साहब कभी बुलेट पर घुमते नज़र आते हैं, तो कभी स्विमिंग पूल के किनारे विधायक के साथ मस्ती करते दिखते हैं, जिससे यह चर्चा आम हो चुकी है कि नौकरी की आड़ में कप्तान साहब जिन्दगी की मौज ले रहे हैं।

कप्तान राजीव स्वरूप जो कर रहे हैं, उसकी निंदा या कार्रवाई करने की जगह उनके वरिष्ठ अफसर उनकी वकालत नज़र आ रहे हैं। गढ़वाल के पुलिस महानिरीक्षक अमित सिन्हा से सवाल किया, तो उन्होंने कहा कि एसएसपी को कई मौकों पर त्वरित एक्शन लेना पड़ता है और उनके साथ चलने वाले सिपाही कमांडों नहीं, बल्कि हमराह हैं, लेकिन उनके पास एके-47 जैसी अत्याधुनिक रायफल होने का सवाल किया, तो वे कुछ नहीं कह पाये।

ऑफिस में एसएसपी हरिद्वार राजीव स्वरूप के पीछे तैनात स्पेशल कमांडों
ऑफिस में एसएसपी हरिद्वार राजीव स्वरूप के पीछे तैनात स्पेशल कमांडों

एसएसपी की सुरक्षा में तैनात कमांडों के संबंध में विधायक मदन कौशिक का कहना है कि देश भर के वीवीआईपी की सुरक्षा में कटौती की जा रही है, ऐसे में एसएसपी द्वारा कमांडों रखना निंदनीय है, वहीं मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा को यह सब सही लगता है, उनका कहना है कि यह पुलिस की अपनी व्यवस्था है और सही है।

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