उत्तर प्रदेश में अफसरों का राज़

उत्तर प्रदेश में अफसरों का राज़

– सत्ता पक्ष के विधायक ने ही बयान किया दर्द

उत्तर प्रदेश में अफसरों का राज़

– सरकार ने पिछली सरकार की कमी बताई

उत्तर प्रदेश में नौकरशाहों का राज़ है। अफसर किसी की नहीं सुन रहे हैं और खुल कर मनमानी कर रहे हैं। यह आरोप विपक्षियों का नहीं है और न ही आम आदमी का दर्द है। यह सच्चाई सत्ता पक्ष के ही विधायक की जुबान से निकली है।

विधान परिषद में सत्तारूढ़ समाजवादी पार्टी के सदस्य देवेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि जनप्रतिनिधियों के प्रति नौकरशाहों का आचरण बेहद अपमानजनक है। इस पर सरकार की ओर से जवाब दिया गया कि अफसरों की यह कार्यसंस्कृति लंबी अवधि में बिगड़ी है, वहीं सभापति गणेश शंकर पांडेय ने निर्देश दिया कि इस मुद्दे पर वह सभी दलों के नेताओं के साथ बैठक कर चर्चा करेंगे। इससे पहले शून्यकाल के दौरान देवेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि वह तीन महीने से प्रमुख सचिव वित्त को फोन कर रहे हैं और लगातार पत्र भी लिख रहे हैं, लेकिन न तो उनका फोन सुना जा रहा है और न ही पत्रों का जवाब दिया जा रहा है। नौकरशाह खुद को जनता का मालिक और जनप्रतिनिधियों को रियाया समझ बैठे हैं। यदि जल्द ही मुख्य सचिव और प्रमुख सचिवों को तलब कर इस बाबत निर्देश नहीं दिया गया, तो स्थिति बेकाबू हो जाएगी। सरकार की तरफ से अंबिका चौधरी ने पिछली सरकार की अव्यवस्था ही बताई, पर सवाल उठाता है कि सुधार करने की बजाये, सपा सरकार खामियों को पूर्व बसपा सरकार के खाते में दर्ज कर कब तक बचती रहेगी?

 

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