उग्र होने पर अनशनकारियों के सामने प्रशासन झुका, मांगें मानी

उग्र होने पर अनशनकारियों के सामने प्रशासन झुका, मांगें मानी
बदायूं क्लब के सामने अनशनकारियों से बात करते सिटी मजिस्ट्रेट व सीओ सिटी।
बदायूं क्लब के सामने अनशनकारियों से बात करते सिटी मजिस्ट्रेट व सीओ सिटी।

बदायूं महोत्सव में होने वाली मनमानी को लेकर चल रहे अनशन के सामने जिला प्रशासन ने आज कूटनीति के तहत हार मान ली और मांगें मानते हुए अनशनकारियों को यह आश्वासन भी दिया कि अगले वर्ष से व्यक्ति विशेष की ब्रांडिंग नहीं होने दी जायेगी, साथ ही खर्च का ब्योरा इसी वर्ष जनता के समक्ष रखा जायेगा। प्रशासन के आश्वासन के बाद अनशनकारियों ने अनशन समाप्त कर दिया है।

उल्लेखनीय है कि बदायूं महोत्सव के नाम पर एक-दो व्यक्ति खुद की ब्रांडिंग ही नहीं करते हैं, बल्कि चंदे के नाम पर जिले भर में लोगों को लूटते हैं और खर्च का ब्योरा भी नहीं देते, इसी मनमानी के विरोध में विभिन्न संस्थाओं के सभ्रांत लोग धरने पर बैठे थे, लेकिन जिला प्रशासन पर कोई फर्क नहीं पड़ा, तो धरना, अनशन में बदल गया, इसके बाद भी जिला प्रशासन ने महोत्सव में मनमानी पर कोई रोक नहीं लगाई, तो आज अनशनकारी जुलूस के रूप में बदायूं क्लब के सामने आ गये और महोत्सव स्थल के सामने ही अनशन पर बैठ गये, इसके बाद प्रशासन हिल गया और मौके पर आकर सिटी मजिस्ट्रेट एवं सीओ सिटी ने अनशनकारियों से आनन-फानन में आकर बात की और सभी मांगें मानते हुए आश्वासन दिया कि अगले वर्ष से किसी तरह की मनमानी नहीं होने दी जायेगी एवं खर्च का ब्योरा इसी वर्ष सार्वजनिक किया जायेगा। सिटी मजिस्ट्रेट के आश्वासन के बाद अनशनकारी भी मान गये और अनशन समाप्त कर दिया। उधर जिले भर में फजीहत होने के बावजूद महोत्सव में कुछ नहीं बदला है, क्योंकि जिलाधिकारी चन्द्रप्रकाश त्रिपाठी का खुला संरक्षक होने के कारण व्यक्ति विशेष की मनमानी जारी है।

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