आपदा पीड़ित त्रस्त, सरकार मस्त, सत्र पर बहाये करोड़ों रूपये

आपदा पीड़ित त्रस्त, सरकार मस्त, सत्र पर बहाये करोड़ों रूपये
देहरादून से लगभग 400 किलोमीटर दूर गैरसेंड में उत्तराखंड के विधायक व मंत्रियों के बने अस्थाई आवास।
देहरादून से लगभग 400 किलोमीटर दूर गैरसेंड में उत्तराखंड के विधायक व मंत्रियों के बने अस्थाई आवास।

                                         किरन कांत

उत्तराखंड की राजधानी देहरादून से दूर गैरसेंड में विधान सभा सत्र समाप्त तो हो गया है, लेकिन सवाल उठ रहा है कि आपदा ग्रस्त उत्तराखंड सरकार को इस तरह सत्र आयोजित करने की आवश्यकता ही क्या था, जबकि आपदा पीड़ित प्राथमिक सुविधाओं तक के लिए तरस रहे हैं। मुख्यमंत्री हरीश रावत ने 3 दिन के सत्र पर करोड़ों रूपये बर्बाद कर दिए, लेकिन आपदा पीड़ितों को छत भी नसीब नहीं हो पा रही है।

देहरादून से लगभग 400 किलोमीटर दूर पहाड़ियों से घिरे कुमाऊँ और गढ़वाल के बीच बसे गैरसेंड को सरकार ने अस्थाई राजधानी बना दिया। यहाँ ग्रीष्म कालीन सत्र आयोजित किया गया। मंत्रियों और विधायकों के जाने का खर्चा, मंत्रियों व विधायको के रहने के लिए जयपुर के स्पेशल टेंट लगवाये गये, बिजली के दस बड़े ट्रान्सफार्मर, दो हैलीपेड, विशाल वाटर प्रूफ विधान भवन, पानी की लाइन, टेलीफोन, शौचालय, वाथरूम, सड़क, खाने और कुक के साथ पहाड़ी काट कर बड़े हिस्से को समतल करने पर करोड़ों रुपया बर्बाद किया जा चुका है, जबकि आपदा पीड़ितों को जिंदगी भर गुजर करने के लिए मात्र बीस हजार रूपये का मुआवजा दिया गया है। इतना ही नहीं, सरकार में बैठे लोग पूरी तरह संवेदना शून्य हैं, क्योंकि आपदा में मारे गये लोगों के कंकाल तक सरकार इकट्ठे नहीं करा पाई है, जिससे मृतकों के परिजन और भी दुखी हैं।

देहरादून से लगभग 400 किलोमीटर दूर गैरसेंड में बना उत्तराखंड का अस्थाई विधान भवन।
देहरादून से लगभग 400 किलोमीटर दूर गैरसेंड में बना उत्तराखंड का अस्थाई विधान भवन।

उधर उत्तराखंड सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे, तो आपदा प्रबंधन विभाग के कंट्रोल रूम में ही आग लग गई और आश्चर्य की बात यह है कि सचिवालय में मौजूद इस कंट्रोल रूम के वही कम्प्यूटर जले, जिनमें आपदा प्रभावित लोगों का डाटा था। आगजनी की सूचना पर मौके पर पहुंचे एक निजी चैनल के संवाददाता व कैमरा पर्सन के साथ मारपीट करने की भी सूचना है, जिससे साफ है कि आग जान कर लगाई गई है।

सरकार की कार्यप्रणाली से आहत लोगों को स्वयं सेवी संस्था ने राहत प्रदान की है। केदारनाथ की आपदा की बरसी के दिन आज मृतकों की आत्मा की शांति और मुक्ति के लिए हरिद्वार में नारायण बलि अनुष्ठान और पिंङ दान कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें तमाम मृतकों के परिजनों ने भी भाग लिया।

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