अवैध वसूली से आयोजित महोत्सव पर प्रकृति की मार

अवैध वसूली से आयोजित महोत्सव पर प्रकृति की मार
महोत्सव के मंच पर सांसद धर्मेन्द्र यादव व प्रभारी मंत्री का स्वागत करती छात्राएं
महोत्सव के मंच पर सांसद धर्मेन्द्र यादव व प्रभारी मंत्री का स्वागत करती छात्राएं

कोई सुनने वाला न हो, तो प्रकृति स्वयं न्यायाधीश बन जाती है। प्रशासन की खुली मदद से की गई अवैध धन उगाही से आयोजित होने वाले बदायूं महोत्सव पर आज प्रकृति ने पानी बौछारों से आम आदमी के सीने को ठंडक प्रदान कर दी। पिछले एक सप्ताह से बड़े स्तर पर आयोजन को लेकर अवैध रूप से धन उगाही की जा रही थी। दहशत के चलते लोगों ने पैसे तो दिए, लेकिन देने वालों का हृदय कराह उठा। सरकारी विभागों में बात करने पर कई लोगों ने बताया कि बसपा की सरकार में कुछ हिस्सा तो मिलता था, पर सपा की सरकार में हिस्सा भी नहीं मिलता। अब ऊपर की आमदनी ही बंद है, तो चंदा वगैरह कैसे दे सकते हैं? आखिर बच्चों को भी पालना है, पर उनके दर्द को महसूस करने वाला कोई नहीं है। कराह कर चंदा देने वाले अफसर और बाबू आम आदमी से दोगुने वसूल करेंगे, पर क्षण भर की मस्ती के लिए सब आँखें बंद किये हुए हैं।

सत्ता का दुरूपयोग कर तन-मन और धन से तीन दिनों तक मस्ती करने वालों की मंशा पर आज प्रकृति ने ही पानी फेर दिया। सुबह से हो रही बारिश के चलते आयोजकों और कुछ ख़ास चमचों के अलावा महोत्सव स्थल पर कोई नहीं पहुंचा। उन्हीं चंद लोगों की उपस्थिति में सांसद और मंत्री ने महोत्सव के शुभारंभ की औपचारिकता पूरी की। प्रभारी मंत्री रामकरण आर्य ने कहा कि कहा कि इस जनपद का यह सौभाग्य है कि उन्हें सांसद के रूप में युवा और कर्मठ नेता मिले हैं, जिससे उन्हें आशा है कि जल्द ही बदायूं विकास के मामले में शिखर पर पहुंचेगा। सांसद धर्मेन्द्र यादव ने कहा कि जनपद में बिजली, पानी, सड़कें चिकित्सा तथा शिक्षा जैसी मूलभूत सुविधाओं को समुचित मात्रा में उपलब्ध कराने हेतु वह कोई कसर बाकी नहीं छोंड़ेंगे। उन्होंने कहा कि आगामी वर्ष में जब बदायूं महोत्सव होगा, तो पक्के पंडाल में कराया जाएगा। जिलाधिकारी सीपी त्रिपाठी ने कहा कि बदायूं महोत्सव जैसे कार्यक्रम का आयोजन एकजुटता और कठिन परिश्रम से सम्भव हो पाता हैं और आगामी वर्ष सांसद द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुसार ही महोत्सव को आयोजित कराने का प्रयास किया जाएगा। बदायूं महोत्सव में मंत्री और सांसद ने बदायूं क्लब के नव निर्मित सभागार और मंच तथा  इण्टर लाकिंग द्वारा बनाई गई सड़क का भी उद्घाटन किया और  इतिहासकार गिरिराज नन्दन द्वारा रचित बदायूं दर्शन नामक पुस्तिका का विमोचन भी किया गया। इसके अलावा बदायूं महोत्सव में फानी-शकील पुरस्कार प्रोफेसर वसीम बरेलवी को, जनकवि भूप पुरस्कार गीतकार टिल्लन वर्मा को, राष्ट्रचेता डा. ब्रजेन्द्र अवस्थी पुरस्कार संतोषानन्द को, राष्ट्रीय गीतकार डा. उर्मिलेश गीत श्री पुरस्कार आशीष अनल को दिया गया, साथ ही 19 प्रतिभाओं को प्रोत्साहन पुरस्कार भी दिए गए। इसके पश्चात सांसद ने पुलिस परेड ग्राउण्ड में आयोजित कुश्ती दंगल का भी उद्घाटन किया।

कैंची हाथ में लेते ही चली गई लाईट

सांसद धर्मेन्द्र यादव भाषण देते समय जब बिजली-पानी की समस्या न होने देने का वादा कर रहे थे, तब आकाश से बारिश हो ही रही थी, साथ ही जैसे ही फीता काटा, वैसे ही लाईट चली गई, इसलिए उद्घाटन अँधेरे में ही करना पड़ा। अजब-गजब संयोग के चलते तमाम लोग बाद में भी चर्चा कर हँसते रहे।

जीएस प्रियदर्शी रहते तो न होता भ्रष्टाचार

जिलाधिकारी जीएस प्रियदर्शी का तबादला न होता, तो वह महोत्सव को भ्रष्टाचार की भेंट नहीं चढ़ने देते, क्योंकि उन्होंने अलग-अलग कमेटियां गठित कर सभी कमेटियों में एक सरकारी अफसर को नियुक्त कर दिया था। उनके तबादले के बाद भ्रष्ट हावी हो गये। नवागत जिलाधिकारी को अधिक जानकारी नहीं है, सो लूट मची हुई है। सूत्रों का कहना है कि अपने-अपने स्तर से तमाम लोग वसूली कर रहे हैं, जिसका हिसाब रखने वाला कोई नहीं है।

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