अब छः महीने तक आप की सरकार को कोई खतरा नहीं

अब छः महीने तक आप की सरकार को कोई खतरा नहीं
दिल्ली विधानसभा में बोलते मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल
दिल्ली विधानसभा में बोलते मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल

दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार ने आज सदन में विश्वास मत हासिल कर लिया। 70 सीटों वाली दिल्ली विधानसभा में विश्वास मत के पक्ष में 37 वोट पड़े, जिनमें 28 विधायक आम आदमी पार्टी के, 8 कांग्रेस के और एक जद यू के विधायक ने समर्थन दिया, जबकि विपक्ष में भाजपा के ही 32 विधायकों ने मत दिया, जिससे अब आम आदमी पार्टी की सरकार को छः महीने तक कोई खतरा नहीं है।

इससे पहले शिक्षा और पीडब्ल्यूडी मंत्री मनीष सिसोदिया ने विधानसभा में विश्वास प्रस्ताव पेश करते हुए कहा कि हमें सरकार बनाने का बहुमत नहीं मिला, लेकिन नैतिक जनादेश मिला था, जो सरकार बनाने लायक नहीं था, इसीलिए हम जनता के पास राय लेने गए और दिल्ली की जनता ने हमें सरकार बनाने का आदेश दिया। उन्होंने कहा कि सरकार बनाने के लिए हमने कोई समझौता नहीं किया, इसके साथ ही उन्होंने सदन में मौजूद सदस्यों से विश्वास प्रस्ताव के पक्ष में मत देने की अपील की।

भाजपा की ओर से डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि जिस पार्टी को सबसे ज्यादा सीटें मिलीं, वह विपक्ष में बैठी है और 28 सीटों वाली पार्टी सत्ता में हैं, जबकि अरविंद केजरीवाल ने कहा था कि वह कांग्रेस और बीजेपी से न समर्थन लेंगे और न देंगे, तो उनके प्रति जनता का आदर भाव दृढ़ हुआ था। बोले- एक कदम आगे बढ़कर किसी टीवी चैनल पर तो उन्होंने कसम वगैरह भी खा ली थी, कभी-कभी मुझे लगता है कि उनका अनसाइंटिफिक माइंड है। उन्होंने कहा कि कसम तोड़े जाने से बहुत सच्चाई उजागर होती है।

बोले- सबको स्वीकार करना चाहिए कि दिल्ली की जनता ने भ्रष्ट कांग्रेस के खिलाफ जनादेश दिया था। उन्होंने कहा था कि पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित को जेल में भेजेंगे और सरकार के दूसरे मंत्री-अधिकारियों के खिलाफ जांच करवाएंगे, लेकिन कल मैंने सुना कि वह कह रहे हैं कि डॉ. हर्षवर्धन के पास कोई सबूत हैं, तो वे दें, मेरे पास जो सबूत हैं, वो तो उन्होंने खुद कई बार उजागर किए हैं, पूरा देश जानना चाहता है कि आम आदमी पार्टी की ऐसी कौन सी मजबूरी है कि उन्होंने कांग्रेस का साथ लिया?

उन्होंने केजरीवाल के कहे कथनों की धज्जियाँ उड़ाते हुए कहा कि तिलक मार्ग पर आपके लिए दो बड़े सरकारी फ्लैट सुरक्षित कर लिए गए हैं, जबकि आपने सरकारी आवास में न रहने की कसम खाई थी। बोले- विश्वास मत मिलने से पहले ही यह सब हो रहा है। हमें इन सब चीजों से आपत्ति नहीं है, साथ ही राजनीति में शुचिता और सादगी के हम भी पक्षधर हैं, लेकिन जो कहा गया, उससे सवाल उठते हैं। उन्होंने कहा कि आपकी पार्टी के एक नेता ने कहा कि जो लोग कश्मीर में रहते हैं, उनका जनमत संग्रह होना चाहिए और अगर लोग चाहते हैं कि कश्मीर को अलग कर दिया जाए, तो कर देना चाहिए और पाकिस्तान में मिला दिया जाए।

चौतरफा हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि फोर्ड फाउंडेशन से अभी तक 3 लाख 69 हजार डॉलर की मदद ऑन रिकॉर्ड आपकी संस्था ‘कबीर’ को दी गई है। हम इसका मकसद जानना चाहेंगे। केंद्र सरकार तो अपनी जांच कर ही रही होगी, पर दिल्ली सरकार को अपनी ओर से इस पर अपना रुख साफ करना चाहिए। आपने मुफ्त पानी की घोषणा तो कर दी, लेकिन अभी जब पानी के बिल आएंगे तो सबको पता लग जाएगा कि किसका कितना फायदा हो रहा है। उन्होंने बिजली के दाम घटाने पर भी सवाल खड़े किये। बोले- आप मेरा ही पैसा, मेरी ही जेब से निकालकर कीमत घटाने का दिखावा कर रहे हैं। इसी तरह सीएनजी के दाम बढ़ गए, जबकि आपने 6 दिन में सीएनजी के दाम घटाने को कहा था। उनके दमदार भाषण और सवालों का सटीक जवाब न होने के कारण आपके विधायकों ने रुकावट पैदा करने का भी प्रयास किया।

अरविंद केजरीवाल ने आज फिर खुद को सच्चाई के मार्ग पर चलने वाला शख्स सिद्ध करने का प्रयास किया और बोले कि जिसका कोई नहीं होता, उसका ऊपर वाला होता है।

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