अपहृत आयुष को छोड़ कर भाग गया बदमाश

अपहृत आयुष को छोड़ कर भाग गया बदमाश

– बरेली से 18 फरवरी को दिनदहाड़े हुआ था अपहरण

– बदायूं के कस्बा अलापुर में छोड़ कर भाग गया बदमाश

बरेली से अपहृत पारस तीन दिन पहले बदमाशों के चंगुल से किसी तरह छूट कर भाग आया, लेकिन दबाव के चलते अपहृता खुद आयुष को छोड़ कर भाग गये। आयुष के मिलने से परिजन खुश हैं, वहीं पुलिस ने राहत की साँस ली है, लेकिन यह सिद्ध हो गया है कि कटरी में बदमाश पुनः पनपने लगे हैं, जो चिंता का बड़ा कारण है।

बरेली से 18 फरवरी को बहनों के साथ स्कूल से घर लौट रहे आयुष को बदमाश रिक्शे से उतार कर ले गये थे। दिनदहाड़े हुए अपहरण से लोग दहशत में आ गये थे, वहीं पुलिस भी हिल गई थी। आयुष की सकुशल बरामदगी को लेकर पुलिस पर चारों तरफ से दबाव था। पुलिस भी बदमाशों पर लगातार दबाव बनाए रही। शायद, दबाव के चलते ही बदमाश आयुष को छोड़ने को मजबूर हो गये। बताया जाता है कि एक बदमाश लाल रंग की पल्सर बाइक पर बैठा कर आयुष को लाया और बदायूं जिले के कस्बा अलापुर में छोड़ कर भाग गया। आयुष ने पुलिस चौकी में जाकर बताया कि वह बरेली से अपहृत आयुष है, तो पुलिस एक दम हरकत में आ गई और ऊपर तक सूचना दे दी गई। सूचना मिलते ही एसएसपी बरेली भी बदायूं आ गये। वरिष्ठ अधिकारी आयुष से बदमाशों के बारे में जानकारी ले रहे हैं। आयुष का कहना है कि बदमाश उसे मुरादाबाद होते हुए नैनीताल ले गये और बाद में बदायूं की कटरी में ले आये।

अपहृताओं द्वारा छोड़ा गया आयुष और खुशी व्यक्त करते परिजन
अपहृताओं द्वारा छोड़ा गया आयुष और खुशी व्यक्त करते परिजन

खैर, फिलहाल आयुष का सकुशल मिलना खुशी की बात है, पर यह ख़ुशी स्थाई नहीं है, क्योंकि आयुष का अपहरण करने वाले पुलिस की पकड़ से दूर हैं। बदायूं की कटरी में बदमाशों की उपस्थिति चिंता का बड़ा कारण है। बदायूं क्षेत्र की कटरी की सीमा शाहजहांपुर, बरेली, फरुखाबाद और कांशीराम नगर से मिलती है। बदमाशों के पनपने से इन चार जिलों में कोई न कोई आयुष बदमाशों का निशाना बनता ही रहेगा। भविष्य में होने वाली किसी घटना का इन्तजार करने की जगह पुलिस को चिन्हित कर अपहृताओं को खोजना ही होगा। उल्लेखनीय है कि कटरी बदमाशों की जननी और सुरक्षित शरण स्थली हमेशा से ही रही है। हाल के वर्षों में कलुआ, नरेशा धीमर, नरेशा, छोटे लल्ला, बड़े लल्ला और रानी ठाकुर का आतंक रहा है, जिसे पुलिस बड़ी मुश्किल से खत्म कर पाई थी, इसलिए बदमाशों का साहस और शक्ति बढ़ने से पहले ही पुलिस को सक्रिय होना पड़ेगा।

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