विभूतियों का सम्मान सपा ने ही शुरू किया था: अखिलेश

यश भारती सम्मान देते मुख्यमंत्री अखिलेश यादव।
यश भारती सम्मान देते मुख्यमंत्री अखिलेश यादव।

लखनऊ में आयोजित किये गये समारोह में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाली 73 विभूतियों को सम्मानित किया। समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि उत्तर प्रदेश से आने वाली ये विभूतियां अपनी मेहनत और लगन से इस मुकाम पर पहुंची हैं। उन्होंने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया और अपने हुनर के जरिये देश-दुनिया में प्रदेश का नाम रौशन किया। उन्होंने सम्मान प्राप्त करने वालों को बधाई देते हुए कहा कि इन प्रतिभाओं को सम्मानित करना और प्रदेश के युवाओं के समक्ष उन्हें एक उदाहरण के रूप में प्रस्तुत करना समाज एवं राज्य सरकार की जिम्मेदारी है, जिससे प्रदेश के नव-युवकों को प्रेरणा मिल सके। उन्होंने कहा कि यश भारती सम्मान के जरिये हमें कई महान विभूतियों की ‘रूट्स्’ का भी पता चला है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पुरस्कार नेताजी द्वारा वर्ष 1994-95 में शुरू किया गया था। पिछली सरकार द्वारा यश भारती सहित अन्य सभी प्रकार के सम्मानों एवं पुरस्कारों को रोक दिया गया था, जिसे वर्तमान सरकार ने पुनः शुरू किया। वर्तमान समाजवादी सरकार द्वारा ऐसे सम्मान समारोहों का आयोजन कर पूरे देश में यह संदेश देने का काम किया जा रहा है कि प्रगति के लिए अपनी प्रतिभाओं का सम्मान करना भी जरूरी है। अब तक तमाम क्षेत्र की 187 विभूतियों को यह सम्मान दिया जा चुका है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे आयोजन देश की प्रगति, साहित्य, कला, खेल-कूद आदि सभी क्षेत्रों में उत्तर प्रदेश के महत्वपूर्ण योगदान को रेखांकित करते हैं। राज्य सरकार ने प्रदेश के खिलाड़ियों, साहित्यकारों, संगीतकारों सहित सभी क्षेत्रों के लोगों को सम्मानित करने का काम किया है, जिससे प्रदेश के नौजवान इन प्रतिभाओं से प्रेरणा ग्रहण कर राष्ट्र एवं समाज के लिए बेहतर योगदान दे सकें। उन्होंने भरोसा जताया कि सभी के सम्मिलित प्रयास से उत्तर प्रदेश ऊंचाइयों पर पहुंचेगा। श्री यादव ने कहा कि विशिष्ट हस्तियां अपनी साधना लगातार जारी रख सकें, इस इरादे से राज्य सरकार ने इन्हें मासिक पेंशन देने की योजना लागू की गयी है। इसके तहत यश भारती सम्मान एवं उत्तर प्रदेश के पदम् सम्मान से सम्मानित महानुभाव को प्रतिमाह 50 हजार रुपये पेंशन दी जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की समाजवादी सरकार ने प्रदेश के चहुँमुखी विकास के लिए भी बहुत से काम किए हैं, जिनमें आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे, लखनऊ मेट्रो रेल जैसी कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं शामिल हैं। यह सभी योजनाएं प्रदेश की अर्थव्यवस्था को एक नई दिशा देने का काम करेंगी। इसके अलावा समाजवादी पेंशन योजना जैसी जन कल्याणकारी योजनाएं भी लागू की गयी हैं, जिससे 55 लाख गरीब महिलाओं को 500 रुपये प्रतिमाह की सहायता प्रदान की जा रही है। छात्र-छात्राओं को निःशुल्क लैपटाॅप का वितरण किया गया है, ताकि वे अपने सपनों को पूरा कर सकें।

वर्ष 2016-17 में यश भारती सम्मान से सम्मानित होने वाली हस्तियों में बेगम हमीदा हबीबुल्लाह को समाजसेवा, स्वरूप कुमारी बक्शी को साहित्य, डाॅ. सैय्यद मोहम्मद बशीर बद्र को उर्दू शायरी, डाॅ. राम रतन बनर्जी को चिकित्सा, माहेश्वर तिवारी को साहित्य, संतोष आनन्द को फिल्म व गीत, राज कृष्ण मिश्र को साहित्य, केवल कुमार को संगीत व निर्देशन, डाॅ. अनिल कुमार रस्तोगी क अभिनय, प्रो. डाॅ. कमर रहमान को विज्ञानं, अशोक निगम को पत्रकारिता, डाॅ. सबीहा अनवर को अध्यापन एवं उर्दू लेखन, नवाब मीर जाफर अब्दुल्लाह को हस्तशिल्पकला व संस्कृतिकर्मी, नसीरूद्दीन शाह को अभिनय, डाॅ. सैय्यद मुहम्मद हस्सान को यूनानी चिकित्सा एवं अनुसंधान, वेंकट चंगावल्ली को समाज सेवा, डाॅ. रतीश चन्द्र अग्रवाल को चिकित्सा, प्रो. डाॅ. गौरदास चौधरी को चिकित्सा, उस्ताद गुलफाम अहमद रबाब को रबाब एवं सरोद वादन, प्रो. राकेश कपूर को चिकित्सा शिक्षा, पंडित विश्वनाथ को शास्तीय संगीत, काशीनाथ यादव को लोक गीत ‘बिरहा’, अतुल तिवारी को नाट्य/फिल्म लेखन एवं अभिनय, राम मिलन यादव को कुश्ती, राजेन्द्र सिंह को जल संरक्षण, डाॅ. दीपक कुमार अग्रवाल को चिकित्सा, सौरभ शुक्ला को अभिनय, निर्देशन एवं पटकथा लेखन, सर्वेश अस्थाना को साहित्य, अनुभव सिन्हा क फिल्म निर्देशन, मोहम्मद असलम वारसी को कव्वाली गायन, फारूक अहमद को समाज सेवा, आत्म प्रकाश मिश्र को ब्राॅडकास्टर, डाॅ. रमाकान्त यादव को चिकित्सा, डाॅ. शिवानी मातनहेलिया को शास्त्रीय संगीत, ज्ञानेन्द्र पाण्डेय को क्रिकेट, विजय शेखर शर्मा को मोबाइल बैंकिंग, अनुपमा राग को पाश्र्व गायन एवं संगीत निर्देशन, सुमन यादव को जेवलिन थ्रो, प्रवीन कुमार को क्रिकेट, मरिन्दर कुमार मिश्रा को लेखक, पीयूष चावला को क्रिकेट, सुमोना चक्रवर्ती को अभिनय, भुवनेश्वर कुमार सिंह मावी को क्रिकेट, गार्गी यादव को कुश्ती, वरुण सिंह भाटी को खेल-पैरा एथलेटिक्स, योगेश मिश्र को पत्रकारिता, सोनी चैरसिया को कथक नृत्यांगना, आफताब साबरी एवं हाशिम साबरी को कव्वाली गायन, लेफ्टिनेन्ट जनरल अनिल चैत को सैन्य सेवा, आध्यात्ममूर्ति ओमा द अक् (ओमा उपाध्याय) को ज्योतिष, दीपराज राणा को अभिनय, अर्जुन वाजपेयी को पर्वतारोहण, रवि कपूर को फोटोग्राफी, मनोज मुन्तशिर को फिल्मी गीत, पद्मा गिडवानी को गायिकी, कमाल खान को गजल, नूर अलस्सबा को चित्रकला, गुलाम शर्फुद्दीन अंसारी उर्फ गुलामन को निर्यात एवं उद्योग, डाॅ. आलोक पारीक को होम्योपैथिक चिकित्सा, उस्ताद नाजिम हुसैन को तबला, पं. हरि प्रसाद मिश्र को ज्योतिष विशेषज्ञ व राजपुरोहित, गुलाम मोइनुद्दीन कुरैशी को पाक कला, पण्डित रामकुमार मिश्र को तबला वादन, प्रो. डाॅ. राममोहन पाठक को पत्रकारिता, डाॅ. शाहदाब रुदौलवी को साहित्य, डाॅ. मंसूर हसन को चिकित्सा शिक्षा, दीन मोहम्मद दीन को साहित्य, शिखा द्विवेदी को दूरदर्शन, रचना गोविल को खेल, ले.ज. ए.के. सिंह को सैन्य सेवा, मुराद खान को फिल्म अभिनय, अर्चना सतीश को कम्पीयरिंग तथा एस.डी. सिंह को खेल क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया। यश भारती सम्मान के अन्तर्गत प्रशस्ति-पत्र, शाॅल तथा 11 लाख रुपये का चेक दिया जाता है।

इससे पूर्व मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम का शुभारम्भ दीप प्रज्ज्वलित कर किया। कार्यक्रम को पंचायती राज मंत्री राम गोविन्द चौधरी, संस्कृति राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अरुण कुमारी कोरी तथा मुख्य सचिव राहुल भटनागर ने भी सम्बोधित किया। इस अवसर पर राज्य सरकार के मंत्री राजेन्द्र चौधरी, अहमद हसन, गायत्री प्रसाद प्रजापति सहित अन्य मंत्रीगण एवं जनप्रतिनिधिगण के अलावा प्रमुख सचिव सूचना नवनीत सहगल, सचिव संस्कृति डाॅ. हरिओम, विशेष सचिव मुख्यमंत्री जी.एस. नवीन कुमार सहित अन्य अधिकारी एवं सम्मान प्राप्त करने वाले व्यक्तियों की परिजन उपस्थित रहे।

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