गुड न्यूज: डीएम-सीडीओ का गाँव में कैंप करना शुरू

बदायूं जिले के ग्राम पड़ौआ में कुपोषण मुक्त कार्यक्रम के तहत आयोजित किये गये शिविर में मौजूद डीएम शंभूनाथ व सीडीओ देवेन्द्र कुमार सिंह कुशवाह।
बदायूं जिले के ग्राम पड़ौआ में कुपोषण मुक्त कार्यक्रम के तहत आयोजित किये गये शिविर में मौजूद डीएम शंभूनाथ व सीडीओ देवेन्द्र कुमार सिंह कुशवाह।
बदायूं जिले की तहसील सदर क्षेत्र के ग्राम पड़ौआ में स्थित प्राथमिक विद्यालय में कुपोषण मुक्त कार्यक्रम के तहत शिविर आयोजित किया गया, जिसमें चिन्हित बच्चों, किशोरियों, गर्भवती तथा धात्री महिलाओं का वजन कराया गया। जिलाधिकारी शम्भू नाथ ने अतिकुपोषित बच्चों को दवा दिए जाने के साथ ही खान-पान एवं नियमित रूप से दूध उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
मंगलवार को जिलाधिकारी एवं मुख्य विकास अधिकारी देवेन्द्र सिंह कुशवाहा ने ग्राम पड़ौआ में कुपोषण मुक्त कार्यक्रम के तहत आयोजित शिविर में पहुंचे और कुपोषित बच्चों का हाल जाना। किशोरियों, गर्भवती एवं धात्री महिलाओं का वजन कराकर उनको उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं के संबंध में जानकारी हासिल की। जिलाधिकारी ने कहा कि प्रत्येक आंगनवाड़ी केन्द्र पर हीमोग्लोविन ब्लडप्रेशर चेक करने की व्यवस्था के साथ ही आवश्यक दवाईयां भी उपलब्ध रहनी चाहिए। चिन्हित अतिकुपोषित पांच बच्चों में तीन बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार आ चुका है, दो बच्चे विकास पुत्र दुर्वेश एवं अनुष्का पुत्री ओमपाल अभी भी अतिकुपोषित की श्रेणी में हैं। जिलाधिकारी ने अतिकुपोषित बच्चों के खान-पान औषधि आदि के साथ ही दूध उपलब्ध कराए जाने के निर्देश दिए हैं। शिविर में दो आंगनवाड़ी केन्द्रों के बच्चे, किशोरियां गर्भवती एवं धात्री महिलाएं मौजूद थीं। माह नवम्बर में सर्वे के आधार पर एक आंगनवाड़ी केन्द्र में 15 एवं दूसरे में चार बच्चों को कुपोषण की श्रेणी में चिन्हित किया गया था, जिसमें क्रमशः तीन एवं दो बच्चे स्वस्थ हो चुके हैं। जिलाधिकारी एवं मुख्य विकास अधिकारी ने सभी बच्चों, किशोरियों, गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को फल एवं बिस्कुट वितरण किए।
जिलाधिकारी ने जब अपने सम्मुख बच्चों, किशोरियों, गर्भवती एवं धात्री महिलाओं का वजन कराया तो उन्होंने पाया कि गांव की किशोरियां तो पूर्ण रूप से स्वस्थ हैं, परन्तु गांव की बहुओं का वजन कम होने के कारण उन्हें पौष्टिक आहार की अधिक आवश्यकता है। इस अवसर पर जिला कार्यक्रम अधिकारी निर्मल शर्मा, ग्राम प्रधान सुभाष चन्द्र सहित शिक्षा, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारीगण मौजूद रहे।
सांसद आदर्श ग्राम योजनान्तर्गत बदायूं के सांसद धर्मेन्द्र यादव द्वारा गोद लिए गए ग्राम जरीफनगर दुर्गपुर में उपस्थित लोगों को संबोधित करते जिलाधिकारी शम्भूनाथ।
सांसद आदर्श ग्राम योजनान्तर्गत बदायूं के सांसद धर्मेन्द्र यादव द्वारा गोद लिए गए ग्राम जरीफनगर दुर्गपुर में उपस्थित लोगों को संबोधित करते जिलाधिकारी शम्भूनाथ।
उधर सांसद आदर्श ग्राम योजनान्तर्गत बदायूं के सांसद धर्मेन्द्र यादव द्वारा गोद लिए गए ग्राम जरीफनगर दुर्गपुर में भी जिलाधिकारी शम्भू नाथ एवं मुख्य विकास अधिकारी देवेन्द्र सिंह कुशवाहा पहुंचे, उनके साथ सभी जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।
मंगलवार को प्राथमिक विद्यालय जरीफनगर के प्रांगण में कृषि, पशुधन, बाल विकास, सौर ऊर्जा, दुग्ध संघ, उद्यान, लघु सिंचाई, खेलकूद, गन्ना, स्वास्थ्य आदि विभागों की प्रदर्शनी लगाकर विकास योजनाओं की जानकारी दी गई। जिलाधिकारी ने जन सहयोग की अपेक्षा करते हुए कहा कि गांव के सर्वांगीण विकास हेतु कराए जाने वाले कार्यों का खाका तैयार कर लिया गया है, इसमें सभी ग्रामवासी सहयोग प्रदान करें। उन्होंने कहा कि गांव में स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने हेतु ओवर हैंडटैंक का निर्माण भी कराए जाने के साथ ही बच्चों के खेल-कूद के लिए स्टेडियम भी बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि आदर्श ग्राम योजना के तहत जनसामान्य में नैतिक मूल्यों को बढ़ावा देने एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने तथा ग्राम को विवाद रहित बनाने के लिए जनसहयोग की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि खाद्य सुरक्षा अधिनियम लागू होते ही लगभग 80 प्रतिशत आबादी को लाभान्वित किया जाएगा।
मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि गांव में जो समस्या हैं, उनका समाधान कराया जाएगा और गांव में आर्थिक संसाधन जुटाकर विकास कार्यों को अमली जामा पहनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि आदर्श गांव बनाने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को बुरी आदतों जैसे बीड़ी, शराब, गुटखा, तम्बाकू खाने जैसी बुरी आदतों को छोड़कर आपसी सद्भाव एवं भाईचारे के साथ रहने के लिए चिन्तन, मंथन कर गांव को माॅडल स्वरूप बनाने में सहयोग करें।
गोष्ठी के दौरान ग्रामवासियों ने गांव में साफ सफाई न होने, स्कूल में बेहतर ढंग से पढ़ाई न कराने, सरकारी नलकूप की खराबी, रसोई गैस की घटतौली जैसी कई समस्याओं से अधिकारियों को अवगत कराया। जिलाधिकारी ने सभी शिकायतों का निस्तारण कराने के निर्देश देते हुए कहा कि गांव में आस-पास के सफाई कर्मचारियों को लगाकर सफाई कराई जाये।
डीएम-सीडीओ ने जरीफनगर दुर्गपुर से लौटते समय आकस्मिक रूप से राजकीय मेडिकल कॉलेज का भी निरीक्षण किया। उन्होंने निर्देश दिए कि अन्य निर्माण कार्यों के साथ ही ओपीडी का कार्य आगामी माह अप्रैल 2015 से पूर्व पूर्ण कर दिया जाए, जिससे माह अप्रैल में राजकीय मेडिकल कॉलेज की ओपीडी शुरू कराई जा सके। पांच अरब 45 करोड़ 21 लाख की लागत से बनाए जा रहे राजकीय मेडिकल कॉलेज में हास्पिटल, एकेडमी भवन तथा आवासीय कालोनी के निर्माण का कार्य प्रथम चरण में कार्यदायी संस्था राजकीय निर्माण निगम द्वारा कराया जा रहा है। जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी ने मेडिकल कॉलेज परिसर का भ्रमण कर निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया और ठेके पर निर्माण कराने वाली कम्पनी अनिल कुमार एण्ड कम्पनी गाजियाबाद के ठेकेदार को हिदायत दी कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता में किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। जिलाधिकारी ने कार्यदायी संस्था राजकीय निर्माण निगम के अपर परियोजना प्रबंधक एससी रस्तोगी से जानकारी हासिल की तो उन्होंने बताया कि जुलाई 2017 तक प्रथम चरण का निर्माण कार्य पूरा कराने की अवधि निर्धारित की गई है, जिससे जुलाई 2017 में क्लास शुरू कराए जा सकें।
जिलाधिकारी शम्भू नाथ एवं मुख्य विकास अधिकारी देवेन्द्र सिंह कुशवाहा ने सुस्त गति से कराए जा रहे निर्माण कार्य पर अप्रसन्नता व्यक्त करते हुए कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। बता दें कि लगभग 46 करोड़ की लागत से मेरठ, बदायूं राज्य मार्ग पर राजीव कन्ट्रेक्शन शिकोहाबाद कम्पनी द्वारा निर्माण कार्य कराया जा रहा है। अधिशासी अभियन्ता लोक निर्माण विभाग, निर्माण खण्ड मुकेश चन्द्र शर्मा ने बताया है कि आगामी माह मार्च तक निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा। उन्होंने कहा कि रोड पर 7.5 सेमी. डब्लू एमएम का कार्य हो चुका है तथा डीवीएम का कार्य प्रगति पर है।
आकस्मिक रूप से राजकीय मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण करते जिलाधिकारी शंभूनाथ व सीडीओ देवेन्द्र कुमार सिंह कुशवाह।
आकस्मिक रूप से राजकीय मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण करते जिलाधिकारी शंभूनाथ व सीडीओ देवेन्द्र कुमार सिंह कुशवाह।

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