मुख्य सचिव ने डीएम, एसएसपी व मण्डलायुक्तों को कसा

वीडियो कान्फ्रेसिंग के माध्यम से उत्तर प्रदेश के जिला व मंडल स्तरीय अफसरों को विकास और कानून व्यवस्था से संबंधित कड़े निर्देश देते मुख्य सचिव आलोक रंजन।
वीडियो कान्फ्रेसिंग के माध्यम से उत्तर प्रदेश के जिला व मंडल स्तरीय अफसरों को विकास और कानून व्यवस्था से संबंधित कड़े निर्देश देते मुख्य सचिव आलोक रंजन।
उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव आलोक रंजन ने कड़े शब्दों में निर्देश दिए हैं कि प्रदेश सरकार की विभिन्न जनहितकारी योजनाओं में निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष प्रगति न लाने पर सम्बन्धित अधिकारी अपनी कार्यशैली में सुधार लायें, अन्यथा दण्ड के लिए तैयार रहें। उन्होंने कहा कि तहसील दिवसों में आने वाले प्रार्थना-पत्रों का निस्तारण प्रत्येक माह प्रत्येक दशा में सुनिश्चित कराना होगा। उन्होंने कहा कि तहसील दिवस की वेबसाइट पर कोई भी शिकायत 01 माह से अधिक लम्बित रहने पर सम्बन्धित अधिकारी को चिन्हित कर दण्डित किया जाय। उन्होंने कहा कि प्रदेश के नागरिकों को शीतलहर से बचाव के लिए कम्बल हेतु प्रति तहसील 05 लाख रूपये की दर से 16.35 करोड़ रूपये तथा अलाव हेतु 01 लाख रूपये प्रति तहसील की दर से 3.27 करोड़ रूपये की धनराशि जारी कर दी गई है, जिसका उपयोग पारदर्शिता के साथ कराकर गरीब लोगों को शीतलहर से बचाया जाय। उन्होंने कहा कि प्रदेश के किसी जनपद में शीत लहर से मृत्यु होने की स्थिति पर सम्बन्धित जनपद द्वारा समुचित व्यवस्था न होने की पुष्टि हुई, तो सम्बन्धित अधिकारियों को बख्शा नहीं जायेगा। उन्होंने कहा कि आगामी फरवरी माह में पुनः विकास कार्यों की समीक्षा कर कार्यों के प्रगति की जानकारी ली जायेगी।
मुख्य सचिव आज लखनऊ स्थित योजना भवन में वीडियो कान्फ्रेन्सिंग के माध्यम से मण्डलायुक्तों एवं जिलाधिकारियों से विकास कार्योे की प्रगति की जानकारी लेते हुए आवश्यक निर्देश दे रहे थे। उन्होंने कहा कि नागरिकों को निःशुल्क चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने हेतु प्रत्येक माह चिकित्सलायों में, 108 एवं 102 एम्बुलेन्स सेवाओं में दवाओं की उपलब्धता एवं समस्त उपकरणों की समीक्षा नियमित रूप से की जाये। उन्होंने कहा कि महिलाओं के प्रसव के उपरान्त सभी प्रसूताओं को ड्राॅप बैंक की सुविधा प्रत्येक दशा में उपलब्ध हो। उन्होंने कहा कि ग्राम स्तर पर गरीब लोगों को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने तथा महिलाओं को चिकित्सीय योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराने हेतु निःशुल्क स्वास्थ्य शिविरों के आयोजन कराये जायं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के विभिन्न चिकित्सलायों हेतु आगामी जनवरी माह में 105 और अल्ट्रासाउण्ड मशीनें उपलब्ध करा दी जायेंगी। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन के अन्तर्गत संविदा कर्मियों की नियुक्ति नियमानुसार पारदर्शिता के साथ यथाशीघ्र पूर्ण कराई जाये। उन्होंने यह भी निर्देश दिए हैं कि चिकित्सलायों में चिकित्सकों की उपस्थिति सुनिश्चित कराते हुए पर्याप्त दवाएं उपलब्ध कराई जायें, ताकि चिकित्सक बाहर की दवा रोगियों को न लिखें।
श्री रंजन ने मण्डलायुक्तों एवं जिलाधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि ग्राम विकास एवं समग्र ग्राम विकास के अन्तर्गत चयनित लोहिया ग्रामीण आवासों का निरीक्षण निरन्तर सुनिश्चित कर अवशेष कार्यों को समय से गुणवत्ता के साथ पूर्ण कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि लोहिया ग्रामों में आंगनबाड़ी केन्द्रों सहित अन्य योजनाओं के कार्य प्राथमिकता से सुनिश्चित हों। उन्होंने कहा कि एमएसडीपी योजना के अन्तर्गत स्वीकृत निर्माण कार्यों हेतु जनपद स्तर पर तत्काल भूमि चिन्हित कर जिलाधिकारी उपलब्ध करायें। उन्होंने कहा कि निर्माणाधीन एवं अपूर्ण इकाईयों को सर्वोच्च प्राथमिकता पर पूर्ण कराकर तत्काल सम्बन्धित विभागों को हस्तान्तरित कर क्रियाशील कराया जाये। उन्होंने समाजवादी पेंशन योजना की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि निर्धारित लक्ष्य 40 लाख के सापेक्ष चयनित लाभार्थियों को धनराशि का भुगतान पी0एफ0एम0एम0 प्रणाली द्वारा प्राथमिकता से कराया जाय। उन्होंने कहा कि निजी नलकूपों के ऊर्जीकरण हेतु प्राप्त आवेदनों के ऊर्जीकरण का कार्य आगामी 31 मार्च तक अवश्य करा दिया जाये।
मुख्य सचिव ने बेसिक, माध्यमिक एवं व्यवसायिक शिक्षा विभाग की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि यह प्रत्येक दशा में सुनिश्चित किया जाये कि आगामी बोर्ड यूपी-परीक्षा नकल विहीन हो। उन्होंने कहा कि विद्यालयों में छात्रों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने हेतु शिक्षकों की उपस्थिति सुनिश्चित कराई जाये, जिसके लिए एसडीआई से लेकर उच्च अधिकारी नियमित रूप से विद्यालयों का निरीक्षण सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि जिन विद्यालयों में शौचालयों का निर्माण अभी तक पूर्ण नहीं हुआ है, ऐसे समस्त विद्यालयों के शौचालयों का निर्माण आगामी 15 जनवरी तक अवश्य पूर्ण करा दिया जाये। उन्होंने कहा कि सभी निर्माणाधीन नवीन विद्यालयों तथा कस्तूरबा गांधी विद्यालयों का निर्माण कार्य भी आगामी 15 जनवरी तक  पूर्ण करा लिया जाये। उन्होंने कहा कि कौशल विकास योजना के अन्तर्गत जनपदवार/वर्गवार अभ्यर्थियों के संशोधित लक्ष्य को ससमय प्राप्त करने में किसी प्रकार की शिथिलता न बरती जाये। उन्होंने कहा कि डीपीएमयू व अन्य विभागों के सहयोग से मिशन की योजनाओं के लिए पात्र अभ्यर्थियों की सूची तैयार कराते हुए सूची प्रशिक्षण प्रदाताओं को पंजीकरण/इन्रोलमेन्ट सहित उपलब्ध कराई जाये।
श्री रंजन ने कृषि विभाग, नगर विकास, पंचायती राज एवं लोक निर्माण विभाग की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि प्रदेश के समस्त जिला मुख्यालयों को चार-लेन मार्गों से जोड़े जाने हेतु पेड़ों की कटान, विद्युत खम्भों को हटाया जाना, भू-अर्जन के कार्यों की पाक्षिक समीक्षा व विभिन्न इकाईयों के साथ समन्वय स्थापित किया जाये। उन्होंने कहा कि वाराणसी में गंगा नदी में बनने वाले 02 पुलों के निर्माण कार्यों को आगामी मार्च तक पूर्ण कराने के हर सम्भव प्रयास किये जाये। उन्होंने कहा कि लक्षित अधूरे सेतुओं का निर्माण, बसावटों को सम्पर्क मार्गों से जोड़ने, उपरिगामी सेतुओं के निर्माण की प्रगति की समीक्षा नियमित रूप से कर निर्माण कार्यों में प्रगति लाई जाये। उन्होंने कहा कि प्रदेश को निर्धारित मांग के अनुसार यूरिया कम उपलब्ध होने के बावजूद भी किसानों को उर्वरक समय से मांग के अनुसार उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाये। उन्होंने कहा कि एग्रीकल्चर मार्केटिंग हब के निर्माण के निर्धारित तिथि के उपरान्त भी अवशेष अपूर्ण 232 हबों को यथा-शीघ्र पूर्ण कराया जाये। उन्होंने कहा कि नवीन मण्डी/उप मण्डी स्थलों, विशिष्ट मण्डी, किसान बाजार के निर्माणार्थ भूमि सम्बन्धी प्रकरणों में त्वरित समाधान सुनिश्चित कराया जाये। उन्होंने कहा कि एग्रीकल्चर मार्केटिंग हब एवं ग्रामीण अवस्थापना केन्द्रों को संचालित एवं क्रियाशील कराने हेतु निर्मित दुकानों के आवंटन हेतु तिथि का निर्धारण कर पारदर्शिता के साथ आवंटन कार्यवाही सुनिश्चित की जाये। उन्होंने कहा कि करापवंचन रोकने हेतु उपनिदेशक मण्डी परिषद एवं सम्बन्धित मण्डी सचिव के साथ मजिस्ट्रेट स्तर के अधिकारी को सम्मिलत कर जांच दल का गठन सुनिश्चित कराया जाये, जिसके लिए जांच के दौरान पर्याप्त पुलिस बल स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कराया जाये। उन्होंने कहा कि नगरीय क्षेत्रों में सालिड वेस्ट मैनेजमेन्ट हेतु सम्बन्धित जनपदों द्वारा भूमि चिन्हित कर उपलब्ध कराई जाये। उन्होंने कहा कि ठोस अपशिष्ट प्रबन्धन कार्यक्रम के अन्तर्गत लैण्डफिल हेतु भूमि का चयन इस प्रकार किया जाये कि चयनित स्थल से 25-35 किलोमीटर की परिधि में अधिसंख्य नगरीय क्षेत्र लाभान्वित हो सकें। उन्होंने कहा कि कामधेनु डेयरी इकाईयों की स्थापना हेतु लक्ष्य को निर्धारित अवधि में पूर्ण कराया जाये।
वीडियो कान्फ्रेन्सिंग में प्रमुख सचिव ऊर्जा संजय अग्रवाल, प्रमुख सचिव कृषि अमित मोहन प्रसाद, प्रमुख सचिव समाज कल्याण सुनील कुमार, प्रमुख सचिव कार्यक्रम क्रियान्वयन डा. रजनीश दुबे सहित अन्य विभागों के प्रमुख सचिव एवं सचिव उपस्थित थे।
मुख्य सचिव आलोक रंजन ने नव वर्ष के मौके पर प्रदेश भर में सजगता व सतर्कता बरतने के निर्देश देते हुए कहा कि आगामी  माहों में अभियान चलाकर अपराधों में लिप्त अपराधियों की गतिविधियों पर कड़ी नजर रखकर कड़ी से कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित हो। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अशान्ति फैलाने वाले संदिग्ध व्यक्तियों पर कड़ी नजर रखी जाये। उन्होंने कहा कि लम्बित विवेचनाओं को अभियान चलाकर विवेचना की कार्यवाही पूर्ण कराते हुए दोषी व्यक्तियों को दण्डित कराया जाये। उन्होंने कहा कि हाल ही में हुये बंगलोर धमाके को दृष्टिगत रखते हुए मुख्य सचिव द्वारा सभी संवेदनशील व भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर प्रदेश भर में कड़ी चौकसी बरतने के लिये कहा गया है। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि वरिष्ठ पुलिस अधिकारी नियमित रूप से मानिटरिंग कर अपने अधीनस्थ थानों का निरीक्षण करना सुनिश्चित कर अपराधियों तथा असामाजिक तत्वों के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई करना सुनिश्चित करें।
मुख्य सचिव ने लखनऊ स्थित योजना भवन में आज वीडियो कान्फ्रेसिंग के माध्यम से प्रदेश के सभी मण्डलायुक्तों, जोनल आईजी, रेंज डीआईजी एवं जिले के पुलिस प्रभारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि भूमि विवाद व छोटे-मोटे झगड़ों के मामलों पर कड़ी नजर रखी जाये तथा मजिस्ट्रेट व पुलिस दोनों ही अधिकारियों को मिलकर इन विवादों को यथा संभव समाप्त कराने की दिशा में संयुक्तरूप से कार्यवाही की जानी चाहिये। कुख्यात अपराधियों व माफियाओं की गतिविधियों पर रोक लगाने के लिये अभियान चलाकर कार्यवाही की जाये।
मुख्य सचिव ने सभी प्रमुख त्योहार व उत्सव शांतिपूर्वक संपन्न कराये जाने पर जिला व पुलिस प्रशासन के अधिकारियों को बधाई देते हुए कहा कि इसी प्रकार कड़ी मेहनत व परिश्रम से आगे भी कार्य करते हुए प्रदेश में हर हाल में शांति व्यवस्था बनाये रखते हुए पुलिस की छवि जनता में और बेहतर बनाये पर विशेष बल देते हुये इस दिशा में और अधिक गुणात्मक सुधार लाने के निर्देश दिये।
श्री रंजन ने निर्देश दिए कि संगठित एवं वांछित अपराधियों के विरूद्ध योजनाबद्ध तरीके से अभियान चलाकर कार्यवाही सुनिश्चित की जाये। उन्होंने ग्राम स्तर पर अभिसूचना संकलन की कार्यवाही को और अधिक प्रभावी व चुस्त बनाने के निर्देश दिये। जिलों में बनी दंगा नियंत्रण योजना की भी समय-समय पर समीक्षा कर उसे अद्यतन किये जाने की आवश्कता पर भी उन्होंने बल दिया। अपराधियों के विरूद्ध निरोधात्मक कार्यवाही में गुणवत्ता सुनिश्चित किये जाने तथा पुलिस व स्थानीय प्रशासन में परस्पर बेहतर तालमेल से कार्य किये जाने के भी निर्देश दिये गये। पुलिस के द्वारा आपराधिक  घटना की सूचना मिलते ही त्वरित कार्रवाई करने तथा पुलिस व प्रशासन की सक्रियता व चुस्ती की आकस्मिक जांच किये जाने हेतु समय-समय पर माॅकड्रिल किये जाने के भी निर्देश दिये गये हैं।
 मुख्य सचिव ने शांति समीतियों की बैठकों को नियमित व प्रभावी रूप से किये जाने की आवश्यकता पर बल देते हुये कहा कि अपवाहें फैलाने वाले तत्वों पर भी सतर्क नजर रखी जाये तथा पुलिस और जनता के बीच बेहतर संवाद की प्रणाली बनाये रखना सुनिश्चित किया जाये। उन्होंने भीड़ व दंगा नियंत्रण हेतु दियेे गये उपकरणों को भी क्रियाशील रखने के भी निर्देश दिये है, ताकि समय पर उनका उपयोग किया जा सके।
प्रमुख सचिव गृह देवाशीष पाण्डा ने पुलिस पेट्रोलिंग एवं पुलिसकर्मियों की ड्यूटी की उपलब्धता पर बल देते हुए कहा कि पुलिस की उपस्थिति जनमानस को भी नजर आनी चाहिये, जिसका नियमित परीक्षण वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा किया जाना चाहिये। उन्होंने बताया कि पुलिस विभाग के थाने, चौकियों हेतु कार्यालय आदि के प्रशासनिक भवन तथा पुलिस कर्मियों के आवासीय समस्या के समाधान हेतु विभिन्न श्रेणी के आवास एवं बैरिक के निर्माण हेतु तेजी से प्रयास किये जा रहे है, ताकि कर्मचारियों को कार्य हेतु बेहतर माहौल मिल सके। उन्होंने बताया कि पुलिस बल की कमी को दूर करने के लिए शासन द्वारा विशेष प्रयास किये जा रहे है तथा लगभग 40 हजार आरक्षियों की भर्ती की कार्यवाही प्रचलित है।
वीडियो कांफ्रेसिंग में पुलिस महानिदेशक ए.एल. बनर्जी, गृह सचिव कमल सक्सेना, अपर पुलिस महानिदेशक अपराध हितेश कुमार अवस्थी, पुलिस महानिरीक्षक कानूून व्यवस्था ए. सतीश गणेश आदि उपस्थित रहे।

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