नवनीत सहगल ने दी एल.एंड.टी के अफसरों को चेतावनी

प्रमुख सचिव सूचना नवनीत सहगल।
प्रमुख सचिव सूचना नवनीत सहगल।
उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यू.पी.डा.) के मुख्य कार्यपालक अधिकारी नवनीत सहगल ने 300 कि.मी. लम्बे निर्माणाधीन आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे को विश्वस्तरीय गुणवत्ता और निर्धारित समय-सीमा के साथ बनाने की हिदायत देते हुए एल.एण्ड.टी. से कहा है कि यह सड़क मुख्यमंत्री की प्राथमिकताओं में है और प्रदेश के किसानों के लिए एक बड़ा उपहार है, इसके बनने से किसानों की कैश क्राप और दूध एवं दूध उत्पादों को दिल्ली तथा विदेशी बाजार का दरवाजा खुल जायेगा। इस सुविधा के कारण राज्य के किसानों को भारी लाभ होगा और पूरी सड़क के किनारे नई किसान मण्डियां और बाजार विकसित हो सकेंगे। उन्होंने कहा कि इसी दृष्टि से सड़क निर्माण की समय-सीमा 36 महीने से घटाकर 22 महीने कर दी गई है। उन्होंने कहा कि इस समय-सीमा के अन्तर्गत हर हाल में सड़क पूरी बनाई जानी है।
श्री सहगल ने आज सुबह लखनऊ के मोहान रोड स्थित ग्राम सरोसा-भरोसा में सड़क के लिए बनाये जा रहे विशाल ट्रम्पेट के निर्माण प्रगति का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने निरीक्षणोपरांत यू.पी.डा., निर्माण एजेंसी एल.एण्ड.टी. तथा उसके पेटी ठेकेदारों की बैठक कर आवश्यक निर्माण वस्तुओं की उपलब्धता, मशीन डिप्लायमेण्ट, मिट्टी भराई की प्रगति, बिजली, वन, सिंचाई व राजस्व विभागों से होने वाली अड़चनों या प्रक्रियात्मक दिक्कतों की जानकारी व्यक्तिगत स्तर पर ली। उन्होंने एल.एण्ड.टी. के अधिकारियों से कहा कि अक्टूबर- 2016 तक इस सड़क का निर्माण कर इसे विश्व की सबसे तेज गति से निर्मित सड़क बनने का श्रेय मिलेगा। उन्होंने बताया कि इस पर 120 कि.मी. प्रति घण्टे की गति से वाहन चलना प्रस्तावित है।
श्री सहगल ने एल.एण्ड.टी. को निर्देश दिया है कि जिन पेटी ठेकेदारों द्वारा काम फिसड्ढी ढंग से किया जा रहा है, उन्हें हटाकर नये बेहतर कार्य करने वाले ठेकेदार ले आयें। उन्होंने ठेकेदारों से मिट्टी की भराई तेज करने के निर्देश देते हुए कहा कि समतलीकरण और ढुलाई के लिए मशीनरी बढ़ाई जाये। काम में ढिलाई का बहाना बर्दाश्त नहीं किया जायेगा, बल्कि ठेकेदार बदल दिया जायेगा। उन्होंने ठेकेदारों को तीन दिन के अन्दर कार्य परिणाम में सुधार करने का समय निर्धारित किया है।
एक्सप्रेस-वे सड़क के ट्रम्पेट निर्माण के लिए आवश्यक गिट्टी आपूर्ति की जानकारी लेने पर श्री सहगल को ज्ञात हुआ कि अभी गिट्टी मात्र छह हजार टन आपूर्ति हुई है, जबकि उसके लिए निर्धारित मात्रा 14 हजार टन है। श्री सहगल ने एल.एण्ड.टी. को निर्देश दिया है कि 15 सितम्बर तक 10 हजार टन गिट्टी की आपूर्ति सुनिश्चित कर सूचित किया जाये। बैठक में चीफ इंजीनियर यू.पी.डा. विश्वजीत, एल.एण्ड.टी. के दिल्ली स्थित अधिकारी संजय शर्मा सहित यू.पी.डा. और एल.एण्ड.टी. के अनेक अधिकारी तथा कार्य सम्पन्न कराने वाले 22 ठेकेदार उपस्थित थे।
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