गर्ल फ्रेंड रूबी के दबाव में शंटू ने कराया था हत्या कांड, गिरफ्तार, किलर फरार

पुलिस की हिरासत में रूबी और शंटू।

गर्ल फ्रेंड को लेकर समाज की सोच बदली है, जिससे क्रेज और ज्यादा बढ़ गया है, लेकिन गर्ल फ्रेंड के चलते होने वाले क्राइम में गिरावट नहीं आ रही। ताजा प्रकरण पंजाब के जालंधर का है, जहां गुरुवार को तीन महिलाओं को मौत के घाट उतार दिया गया था। पुलिस ने घटना का खुलासा कर दिया है एवं आरोपी अमरिंदर सिंह उर्फ शंटू और उसकी गर्ल फ्रेंड तजिंदर कौर उर्फ रूबी को गिरफ्तार कर लिया है।

पुलिस के अनुसार शंटू ने अपनी गर्ल फ्रेंड रूबी के दबाव में सुपारी देकर हत्या कराई थी। शंटू के पास पेट्रोल पंप के साथ एक फैक्टरी भी है, जहाँ तजिंदर कौर उर्फ रूबी नाम की महिला और उसका पति काम करते थे। रूबी और शंटू के बीच वर्ष- 2013 में अवैध संबंध बन गए, जिसकी भनक लगने पर रूबी के पति ने उससे अलग रहना शुरू कर दिया, जिससे रूबी को भी फैक्टरी से नौकरी छोड़नी पड़ी, लेकिन शंटू से संबंध कायम रहे। शंटू ने वर्ष- 2015 में रूबी को दीप नगर क्षेत्र में मकान खरीद कर दे दिया, इसके बाद दिसंबर 2016 में शंटू की पत्नी परमजीत कौर और मां दलजीत कौर को भी पता चला, तो वह रूबी के घर पहुंच गई, जहाँ जमकर झगड़ा हुआ, जिसके बाद रूबी अपने मां-बाप के पास जमशेर में रहने चली गई, लेकिन रूबी और शंटू के बीच रिश्ता कायम रहा।

रूबी शंटू पर अपनी पत्नी परमजीत कौर उर्फ पम्मी से तलाक लेने और उससे शादी करने का दबाव बनाने लगी, लेकिन शंटू द्वारा मंशा जाहिर करते ही पम्मी व उसके मायके वाले बिगड़ गये, इस पर शंटू और रूबी ने पम्मी को रास्ते से हटाने का षड्यंत्र रचा। पहले पम्मी को एक्सीडेंट में मारने का षड्यंत्र रचा गया, लेकिन छोटे बच्चे के कारण प्लान बदल दिया गया। शंटू का जेल से छूटे विपिन निवासी रामामंडी से था, जिसके द्वारा चब्बेवाल होशियारपुर के निवासी अमृत से मिला और अमृत से पम्मी की हत्या के लिए आठ लाख रुपये की सुपारी तय कर दी, साथ ही शंटू ने एक लाख 4 हजार रूपये तुरंत दे दिए।

अमृत और विपिन ने उत्तर प्रदेश से एक पिस्तौल खरीदा, इसके बाद लाजपत नगर कोठी में 23 फरवरी को उन्होंने पिस्तौल सेे परमजीत कौर उर्फ पम्मी, दलजीत कौर व पम्मी की बहन खुशविंद्र कौर उर्फ नीतू की हत्या कर दी। हालांकि शंटू का और हत्यारों का इरादा अन्य किसी की हत्या करने का नहीं था। जीप दिलाने के बहाने उस दिन शंटू बच्चों को अपने साथ ले गया था एवं माँ गुरूद्वारे जायेगी, उस समय हत्या करने को बोला गया था, लेकिन उस दिन माँ गुरुद्वारा नहीं गई, साथ ही पम्मी की बहन भी आई हुई थी, जिससे तीनों को मौत के घाट उतार दिया गया।

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