यूपी को सही किये बिना देश की छवि सही नहीं होंगी: मुख्यमंत्री

सी.जी. सिटी चक गंजरिया में आई.टी. सिटी, आई.आई.आई.टी. व सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल का शिलान्यास करते मुख्यमंत्री अखिलेश यादव।
सी.जी. सिटी चक गंजरिया में आई.टी. सिटी, आई.आई.आई.टी. व सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल का शिलान्यास करते मुख्यमंत्री अखिलेश यादव।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बुधवार को सी.जी. सिटी चक गंजरिया में आई.टी. सिटी, भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (आई.आई.आई.टी.) तथा मेदान्ता-अवध सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल का शिलान्यास किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं से जहां बड़ी संख्या में रोजगार के नये अवसर पैदा होंगे, वहीं उत्तर प्रदेश का महत्व भी बढ़ेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी प्रदेशों की सरकारें अपने राज्यों के विकास के लिए निवेश आकर्षित करने का प्रयास कर रही हैं, लेकिन पिछले ढाई साल में उत्तर प्रदेश में इस दिशा में जो प्रयास किए गए वैसे प्रयास इतने बड़े पैमाने पर कहीं और नहीं किए गए। उन्होंने भरोसा जताया कि आज जिन परियोजनाओं का शिलान्यास किया गया है, ये अगले ढाई साल में बनकर तैयार हो जाएंगी और इनका लाभ जनता को मिलने लगेगा। उन्होंने कहा कि लखनऊ की गरिमा एवं जरूरत के हिसाब से जहां राज्य सरकार मेट्रो जैसे आधुनिक सार्वजनिक यातायात के साधन के लिए काम कर रही है, वहीं डेयरी प्लाण्ट भी स्थापित कराए जा रहे हैं। साइकिल को वैट के दायरे से बाहर किया गया।
उत्तर प्रदेश को एक बड़ा प्रदेश बताते हुए श्री यादव ने कहा कि जब तक यहां शिक्षा, स्वास्थ्य और मूलभूत सुविधाओं के विकास के आँकड़े ठीक नहीं होेंगे, तब तक देश की छवि ठीक नहीं बनेगी। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की राज्य सरकार ने इतने कम समय में जितने फैसले लिए हैं, उतने फैसले किसी अन्य राज्य की सरकारों ने नहीं लिए हैं। 15 लाख छात्र-छात्राओं को निःशुल्क लैपटाॅप का वितरण किया गया। इतने बड़े पैमाने पर लैपटाॅप खरीदने और वितरण में किसी भी स्तर से भ्रष्टाचार की शिकायत नहीं मिली। इसी प्रकार किसानों को मुफ्त सिंचाई की सुविधा प्रदान की गई। प्रदेश के सभी जनपद मुख्यालयों को फोरलेन की सड़कों से जोड़ने जैसी कई अन्य योजनाएं तेजी से चलाई जा रही हैं। उन्होंने आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य सरकार अपने वित्तीय संसाधनों से प्रदेश की राजधानी को देश की राजधानी से जोड़ने का प्रयास कर रही है। राज्य सरकार द्वारा किए गए कार्याें का असर आने वाले समय में दिखाई पड़ेगा। उन्होंने एच.सी.एल. आई.टी. कम्पनी के संस्थापक शिव नाडर एवं मेदान्ता अवध हाॅस्पिटल के संस्थापक डाॅ. नरेश त्रेहन के कार्याें की प्रशंसा करते हुए कहा कि इनके प्रयासों से उत्तर प्रदेश की जनता को निश्चित रूप से लाभ मिलेगा।
विधानसभा अध्यक्ष माता प्रसाद ने आज के दिन को प्रदेश के इतिहास का महत्वपूर्ण दिन बताते हुए कहा कि प्रदेश में निवेश का कार्य निश्चित रूप से सराहनीय है। इसके लिए उन्होंने राज्य सरकार की नीतियों की सराहना करते हुए आशा व्यक्त की कि आगे अन्य क्षेत्रों में भी निवेश के प्रस्ताव प्राप्त होंगे।
इस मौके पर नगर विकास मंत्री मो. आजम खां ने कहा कि उत्तर प्रदेश दुनिया में अनोखा प्रदेश है। जहां तमाम विविधताओं और विषमताओं के बावजूद विकास का कार्य हो रहा है। उन्होंने प्रदेश के पिछड़ेपन के लिए पिछली राज्य सरकार को जिम्मेदार बताते हुए कहा कि वर्तमान राज्य सरकार ने सभी क्षेत्रों में गरीबों, महिलाओं एवं किसानों के लिए पर्याप्त काम किए हैं। उन्होंने निःशुल्क लैपटाॅप वितरण, बेरोजगारी भत्ता, कन्या विद्याधन योजना, पढे़ बेटियां-बढे़ बेटियां आदि योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि मेदान्ता अवध हाॅस्पिटल के बनने से गरीबों को भी इलाज में सुविधा मिलेगी, वहीं आई.टी. सिटी की स्थापना से नौजवानों को प्रोत्साहन मिलेगा। उन्होंने प्रदेश के दूर-दराज क्षेत्रों में शिव नाडर संस्था द्वारा किए जा रहे कार्यों की प्रशंसा की।
कार्यक्रम को सम्बोधित करने वालों में सांसद जया बच्चन, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री अहमद हसन, तकनीकी शिक्षा मंत्री शिवाकान्त ओझा, राजस्व परिषद के अध्यक्ष जावेद उस्मानी प्रमुख सचिव आवास सदाकान्त भी शामिल थे। इस मौके पर मुख्य सचिव आलोक रंजन ने बताया कि आई0आई0आई0टी0 की स्थापना से प्रदेश के नौजवानों को विश्वस्तरीय तकनीकी ज्ञान उपलब्ध होगा। पास में ही स्थापित हो रहे आई.टी. सिटी तथा 05 हजार लोगों को प्रशिक्षित करने के लिए स्थापित हो रहे प्रशिक्षण संस्थान से प्रदेश के नौजवानों को रोजगार के अवसर भी उपलब्ध होंगे। इसी प्रकार मेदान्ता अवध हाॅस्पिटल की स्थापना से प्रदेश और इसके आस-पास के लोगों को विश्वस्तरीय इलाज की सुविधा उपलब्ध होगी। उन्होंने कहा कि इस पूरे क्षेत्र में कई परियोजनाएं आकार ले रही हैं, जिसमें अन्तर्राष्ट्रीय स्टेडियम, विश्वस्तरीय कैंसर संस्थान आदि शामिल हैं।
डाॅ. नरेश त्रेहन ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि तत्कालीन के0जी0एम0सी0 से मेडिकल की शिक्षा ग्रहण करने के दौरान ही उत्तर प्रदेश और विशेष रूप से लखनऊ के लिए कुछ करने की योजना बना ली थी, जिसे अब पूरा करने का अवसर प्राप्त हो रहा है। उन्होंने कहा कि तकनीक और सुविधा की कमी के कारण काफी लोगों को असमय जान गंवानी पड़ती है। राज्य सरकार द्वारा दिए जा रहे सहयोग की प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा कि यहां स्थापित होने वाले हाॅस्पिटल से उत्तर प्रदेश की जनता और विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को लाभ होगा। मेदान्ता-अवध संस्थान द्वारा विकसित देशों की अपेक्षा उनसे बेहतर गुणवत्ता के साथ बहुत कम दर पर सेवा प्रदान की जाएगी। यहां स्थापित होने वाले हाॅस्पिटल में 25 हजार लोगों को सीधे रोजगार प्राप्त होगा। एक हजार बेड वाले इस हाॅस्पिटल में 30 आॅपरेशन थियेटर, 300 क्रिटिकल केयर बेड एवं 20 से अधिक विशिष्ट रोगों के इलाज की व्यवस्था होगी। यहां उत्तर प्रदेश ही नहीं सम्पूर्ण भारत एवं विदेशों से आने वाले मरीजों को गहन चिकित्सा सुविधा प्रदान की जाएगी।
इस मौके पर एच0सी0एल0 के संस्थापक शिव नाडर ने कहा कि एक सीमा के बाद इंजीनियरों के वेतन में वैसी बढ़ोत्तरी नहीं होती, जैसी होनी चाहिए। इसीलिए उनकी संस्था यहां लखनऊ में राज्य सरकार के सहयोग से एक ऐसी व्यवस्था लागू करने जा रही है, जिससे आई0टी0 क्षेत्र में काम करने वाले लोगों को एक ही परिसर में आवास एवं कार्य की सुविधा मिलेगी। इससे लोगोें का मकान, यातायात एवं प्रशिक्षण का खर्च बचेगा। उन्होंने कहा कि चक गंजरिया में स्थापित होने वाली आई0टी0 सिटी विश्व की अपने ढंग की अनोखी सिटी होगी, जहां एक ही स्थान पर सारी सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में मंत्रिमण्डल के सदस्य, सांसद डिम्पल यादव, जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं अन्य आमंत्रित अतिथि शामिल थे।

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