सुरभि रंजन राज्यपाल द्वारा ‘‘नारी गौरव’’ सम्मान से अलंकृत

विशिष्ट अतिथि सांसद डिम्पल यादव की उपस्थिति में सुरभि रंजन को ’नारी गौरव’ सम्मान से अलंकृत करते राज्यपाल राम नाईक।
विशिष्ट अतिथि सांसद डिम्पल यादव की उपस्थिति में सुरभि रंजन को ’नारी गौरव’ सम्मान से अलंकृत करते राज्यपाल राम नाईक।
उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक द्वारा विशिष्ट अतिथि सांसद डिम्पल यादव की उपस्थिति में सुरभि रंजन को ’नारी गौरव’ सम्मान से अलंकृत किया गया। यह सम्मान उनको गायन, कला और समाज सेवा में उत्कृष्ट योगदान हेतु उ0प्र0 अवार्ड सोसाइटी द्वारा प्रदान किया गया।
लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में राज्यपाल ने सुरभि रंजन को ‘‘नारी गौरव’’ सम्मान पाने के लिए बधाई एवं आशीर्वाद दिया। उन्होंने कहा कि श्रीमती रंजन ने गायन के साथ-साथ समाज सेवा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया है तथा महत्वपूर्ण उपलब्धियाॅ प्राप्त की हैं, जो अत्यन्त ही प्रशंसनीय है। राज्यपाल ने श्रीमती रंजन द्वारा आकांक्षा समिति के अध्यक्षा के रूप में महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में जो महत्वपूर्ण कार्य किये जा रहे हैं, उनकी भी सराहना की। महिला एवं बालिकाओं को सुरक्षा, आत्म-रक्षा एवं प्रशिक्षण के सम्बन्ध में जो कार्यक्रम आकांक्षा समिति द्वारा चलाये जा रहे हैं, उसकी भी सराहना की।
राज्यपाल ने कहा कि विकलांग जनों के हितार्थ जो महत्वपूर्ण कार्य श्रीमती रंजन ने किये हैं, वह प्रसंशनीय है।  इस  प्रकार  के कार्यो से विकलांग जनो मेें साहस और हिम्मत का संचार होता है, जो कि उनके लिए महत्वपूर्ण आवश्यकता है।
समारोह की विशिष्ट अतिथि सांसद डिम्पल यादव ने सुरभि रंजन को ‘‘नारी गौरव’’ सम्मान के अवसर पर शाल ओढ़ाकर सम्मानित किया। इस अवसर पर सुरभि रंजन ने अपने मधुर गीतों एवं भजनों का ‘‘गुलदस्ता’’ पेश किया, जिसमें उन्होंने भजन, गजल, और फिल्मी गीत प्रस्तुत किये। उन्होंने अपनी मधुर वाणी से कार्यक्रम में उपस्थित सभी श्रोतागणों को मंत्रमुग्ध कर दिया। उन्होंने गुलदस्ता की शुरूआत गणेश वन्दना से की। उसके बाद राग दरबारी में भजन ‘‘मनमोहन मन में हो तुम्हीं’’, मीरा का भजन-’’आली म्हाने लागे वृन्दावन नीको’’, गुलाम अली की गजल-‘‘दिल में इक लहर सी उठी है अभी’’ प्रस्तुत किया। इसी क्रम को आगे बढ़ाते हुए लता मंगेशकर के सदाबहार गीत-‘‘कहीं दीप जले कहीं दिल’’, ‘‘पिया तोसे नैना लागे रे’’, ‘‘ठाडे़ रहियो ओ बाॅके यार रे’’, ‘‘मोरा गोरा अंग लै ले’’, ‘‘अजीब दास्ताॅ है ये’’, के साथ-साथ जगजीत सिंह की गजल ‘‘होश वालों को खबर क्या’’, गाकर श्रोताओं को भाव-विभोर कर दिया। कार्यक्रम के अन्त में ‘‘नैना बरसे रिमझिम रिमझिम’’, ‘‘धीमे धीमे गाऊॅ’’, ‘‘मनवा लागे, लागे रे’’ गीतों की प्रस्तुति देकर इस संगीतमय शाम को यादगार बना दिया।
सन् 1960-70 के दशक में गाये गये गीतों तथा श्रीमती रंजन की मधुर आवाज में गाये हुए भजनों एवं गजलों को सुनकर श्रोतागण मंत्र मुग्ध हो गये और प्रेक्षागृह में उपस्थित सभी श्रोताओं ने उनके सुर और गीतों का तालियों की गड़गड़ाहट से स्वागत किया।
उल्लेखनीय है कि सुरभि रंजन गायन कार्य केवल चैरिटी अथवा कल्याण के लिए करती हैं, जो कि आज के भौतिकवादी युग के लिए मिसाल है। मधुर गायन के लिए सुप्रसिद्ध सुरभि रंजन ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से हिन्दुस्तानी, क्लासिकल, वोकल संगीत में बी.ए. तथा एम.ए. की डिग्री हासिल की। करीब दो दशक से ज्यादा समय से श्रीमती रंजन टी0वी0 एवं रेडियो में गायन कर रहीं हैं। श्रीमती रंजन द्वारा गाये भजनों एवं गीतों की सी0डी0 एवं कैसेट भी जारी की गई हैं। इनमें से एक में अंग्रेजी के भी भजन हैं। अंग्रेजी के भजनों को हिन्दी शास्त्रीय संगीत के रागों में बांधा गया है, जो अपने आप में फ्यूजन म्यूजिक का बड़ा प्रयोग है। यह अमेरिका, इंग्लैण्ड, कनाडा, पेरिस, थाइलैण्ड, मलेशिया, सिंगापुर में बहुत प्रसिद्ध है। इस सम्मान के पूर्व श्रीमती रंजन को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए ग्लोबल एवार्ड सोसायटी द्वारा प्रतिष्ठित ग्लोबल सम्मान, क्लब आॅफ लखनऊ द्वारा एवं संस्कार भारती द्वारा संगीत शिरोमणि सम्मान एवं लखनऊ मैनेजमेन्ट एसोसिएशन द्वारा भी सम्मान से नवाजा गया है। पिछले वर्ष मुख्यमंत्री द्वारा श्रीमती रंजन को ‘सुर कोकिला’ एवार्ड से सम्मानित किया गया। कुछ माह पूर्व हिन्दुस्तान टाइम्स समाचार पत्र समूह की ओर से हिन्दुस्तान टाइम्स वूमन्स रीडर्स च्वाइस अवार्ड प्रदान किया गया। जादूई आवाज की धनी श्रीमती रंजन ने आज इस सम्मान समारोह में अपनी गायकी से सबका मन मोह लिया।

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